30 अगस्त 2026
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मैहर शारदा मंदिर में वीआईपी दर्शन पर नौ दिनों के लिए रोक, भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया

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मैहर शारदा मंदिर में वीआईपी दर्शन पर नौ दिनों के लिए रोक, भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया

सारांश

मैहर शारदा मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान वीआईपी दर्शन पर रोक लगाई गई है। यह निर्णय बढ़ती भक्तों की संख्या को देखते हुए लिया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के दर्शन का अवसर मिल सके।

मुख्य बातें

वीआईपी दर्शन पर नवरात्रि के दौरान रोक लगी है।
भक्तों की संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
मैहर शारदा मंदिर एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है।
आल्हा नामक भक्त यहां विशेष पूजा करते हैं।
दर्शन के लिए निर्धारित मार्ग का पालन करना आवश्यक है।

मैहर, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्रि के आरंभ पर देशभर के मंदिरों में भक्तों की विशाल भीड़ देखी जा रही है।

शक्तिपीठ और सिद्धपीठों में लोग अपनी मनोकामनाओं के साथ उपस्थित हो रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के मैहर शारदा मंदिर में भक्तों के लिए सहज दर्शन को ध्यान में रखते हुए वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यह प्रतिबंध नवरात्रि के नौ दिनों तक लागू रहेगा ताकि भक्तों को आराम से दर्शन का अवसर मिल सके।

मां शारदा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित भव्य मेले के संदर्भ में प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मेले के दौरान पूरी तरह से वीआईपी दर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि नवरात्रि के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन हेतु मैहर आते हैं। इस निर्णय का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना और दर्शन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखना है।

मैहर के कलेक्टर रानी बाटड़ ने कहा कि इस समय मंदिर में भक्तों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है और इसलिए कुछ समय के लिए वीआईपी दर्शन को स्थगित करने का अनुरोध किया गया है। आम जनता से अपील की गई है कि वीआईपी दर्शन की मांग न करें, क्योंकि इससे सभी को कठिनाई होती है। सभी से निवेदन है कि मंदिर द्वारा निर्धारित मार्ग का पालन करते हुए दर्शन के लिए आएं।

ज्ञात हो कि मां शारदा देवी मंदिर एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां मां सती का हार गिरा था। इसी कारण इसे मैहर या मां का हार कहा जाता है। यह मंदिर अपनी पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां पूजा का पहला स्थान पुजारी को नहीं, बल्कि मां के परम भक्त आल्हा को प्राप्त है। ऐसा माना जाता है कि जब पुजारी मंदिर के कपाट खोलते हैं, तो वहां ताजा फूल मिलते हैं। कहा जाता है कि आल्हा ही मां की पूजा करते हैं जब कपाट खुलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक सकारात्मक और आवश्यक कदम है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैहर शारदा मंदिर में वीआईपी दर्शन कब तक बंद रहेगा?
वीआईपी दर्शन 19 मार्च से 27 मार्च तक बंद रहेगा।
क्या आम भक्तों को दर्शन में कोई कठिनाई होगी?
नहीं, वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने का उद्देश्य आम भक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन कराना है।
मैहर शारदा मंदिर का इतिहास क्या है?
यह मंदिर मां सती के हार गिरने के कारण प्रसिद्ध है और इसे मां का हार भी कहा जाता है।
क्या यहां विशेष पूजा की जाती है?
जी हां, यहां आल्हा नामक भक्त विशेष पूजा करते हैं जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं।
मंदिर में कितने श्रद्धालु आते हैं?
नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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