कर्नाटक: मांड्या की महिला पोस्टमास्टर सुमा पर 11,000 खातों से लाखों की ठगी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मांड्या जिले के पांडवपुरा तालुक स्थित क्यातनहल्ली गांव के डाकघर में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसमें महिला पोस्टमास्टर सुमा पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के खातों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। कथित तौर पर इस डाकघर में लगभग 11,000 खाते हैं, जिनमें एफडी, टीएम, एमआईएस और एसएसए जैसी योजनाएं शामिल हैं। आरोप है कि खाता अवधि समाप्त होने के बाद खाताधारकों को उनकी राशि लौटाने के बजाय उसका दुरुपयोग किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपी पोस्टमास्टर सुमा पिछले करीब एक वर्ष से क्यातनहल्ली के डाकघर में कार्यरत थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के खातों से पैसे निकालकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। उल्लेखनीय है कि सुमा के पति नायब तहसीलदार हैं, फिर भी कथित तौर पर उन्होंने यह वित्तीय अनियमितताएं जारी रखीं।
मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित डाकघर का दौरा कर दस्तावेजों की जांच शुरू की है। जांच अधिकारियों के अनुसार वे विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों पर भी सवाल
इस मामले में केवल सुमा ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि लाखों रुपये की इस गड़बड़ी में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित करने की बजाय दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। पीड़ित खाताधारकों की मांग है कि सभी दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मेलुकोटे निर्वाचन क्षेत्र के विधायक दर्शन पुत्तनैया ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके ही क्षेत्र के गरीब लोगों के साथ यह धोखा हुआ है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने मामले की गहन जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।
आम जनता पर असर
इस घोटाले ने ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर की बचत योजनाओं पर लोगों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। एफडी, एमआईएस और एसएसए जैसी योजनाओं में अपनी जीवन भर की बचत जमा करने वाले ग्रामीण खाताधारक अब अपने धन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार डिजिटल वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने में जुटी है।
क्या होगा आगे
जांच अधिकारी दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं और विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। पीड़ित खाताधारकों को उम्मीद है कि उनकी जमा राशि जल्द वापस मिलेगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डाक विभाग के उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है।