14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक: मांड्या की महिला पोस्टमास्टर सुमा पर 11,000 खातों से लाखों की ठगी का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक: मांड्या की महिला पोस्टमास्टर सुमा पर 11,000 खातों से लाखों की ठगी का आरोप

सारांश

कर्नाटक के मांड्या जिले के एक छोटे से गांव के डाकघर में 11,000 खाताधारकों के साथ लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी महिला पोस्टमास्टर सुमा के खिलाफ जांच शुरू, लेकिन पीड़ितों को अभी तक न निलंबन की कार्रवाई मिली, न राशि वापस।

मुख्य बातें

मांड्या के क्यातनहल्ली गांव के डाकघर में महिला पोस्टमास्टर सुमा पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप।
डाकघर में करीब 11,000 खाते हैं; एफडी, टीएम, एमआईएस, एसएसए खाताधारक प्रभावित।
आरोपी सुमा के पति नायब तहसीलदार हैं; मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबन के बजाय दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित किया गया।
मेलुकोटे विधायक दर्शन पुत्तनैया ने गरीब ग्रामीणों के साथ धोखे की निंदा की।
जांच अधिकारियों ने दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की; पीड़ितों ने तत्काल निलंबन और राशि वापसी की मांग की।

कर्नाटक के मांड्या जिले के पांडवपुरा तालुक स्थित क्यातनहल्ली गांव के डाकघर में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसमें महिला पोस्टमास्टर सुमा पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के खातों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। कथित तौर पर इस डाकघर में लगभग 11,000 खाते हैं, जिनमें एफडी, टीएम, एमआईएस और एसएसए जैसी योजनाएं शामिल हैं। आरोप है कि खाता अवधि समाप्त होने के बाद खाताधारकों को उनकी राशि लौटाने के बजाय उसका दुरुपयोग किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

आरोपी पोस्टमास्टर सुमा पिछले करीब एक वर्ष से क्यातनहल्ली के डाकघर में कार्यरत थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के खातों से पैसे निकालकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। उल्लेखनीय है कि सुमा के पति नायब तहसीलदार हैं, फिर भी कथित तौर पर उन्होंने यह वित्तीय अनियमितताएं जारी रखीं।

मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित डाकघर का दौरा कर दस्तावेजों की जांच शुरू की है। जांच अधिकारियों के अनुसार वे विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों पर भी सवाल

इस मामले में केवल सुमा ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि लाखों रुपये की इस गड़बड़ी में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित करने की बजाय दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। पीड़ित खाताधारकों की मांग है कि सभी दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मेलुकोटे निर्वाचन क्षेत्र के विधायक दर्शन पुत्तनैया ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके ही क्षेत्र के गरीब लोगों के साथ यह धोखा हुआ है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने मामले की गहन जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।

आम जनता पर असर

इस घोटाले ने ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर की बचत योजनाओं पर लोगों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। एफडी, एमआईएस और एसएसए जैसी योजनाओं में अपनी जीवन भर की बचत जमा करने वाले ग्रामीण खाताधारक अब अपने धन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार डिजिटल वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने में जुटी है।

क्या होगा आगे

जांच अधिकारी दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं और विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। पीड़ित खाताधारकों को उम्मीद है कि उनकी जमा राशि जल्द वापस मिलेगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डाक विभाग के उच्चाधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि डाक विभाग की निगरानी व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है — एक साल तक चली कथित ठगी किसी वरिष्ठ की नज़र में क्यों नहीं आई, यह सवाल अनुत्तरित है। आरोपी को निलंबित करने के बजाय वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण यह संकेत देता है कि जवाबदेही से बचने की संस्थागत प्रवृत्ति अभी भी जीवित है। ग्रामीण भारत में डाकघर सबसे भरोसेमंद वित्तीय संस्था मानी जाती है — इस भरोसे को तोड़ने वालों के खिलाफ केवल विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं, आपराधिक मुकदमा अनिवार्य है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मांड्या पोस्ट ऑफिस घोटाला क्या है?
कर्नाटक के मांड्या जिले के क्यातनहल्ली गांव के डाकघर में महिला पोस्टमास्टर सुमा पर आरोप है कि उन्होंने करीब 11,000 खाताधारकों के एफडी, एमआईएस, एसएसए और अन्य खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी की। खाता अवधि समाप्त होने पर राशि लौटाने के बजाय उसे कथित तौर पर व्यक्तिगत उपयोग में लिया गया।
आरोपी पोस्टमास्टर सुमा के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
अधिकारियों ने संबंधित डाकघर का दौरा कर दस्तावेजों की जांच शुरू की है। जांच अधिकारियों का कहना है कि वे विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं, हालांकि पीड़ितों की मांग है कि सुमा को तत्काल निलंबित किया जाए।
क्या इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं?
आरोप है कि मामले में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित करने के बजाय दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। पीड़ितों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
इस घोटाले से कौन-से खाताधारक प्रभावित हुए हैं?
क्यातनहल्ली डाकघर के करीब 11,000 खाताधारक प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें एफडी (सावधि जमा), टीएम, एमआईएस (मासिक आय योजना) और एसएसए (सुकन्या समृद्धि खाता) जैसी योजनाओं में निवेश करने वाले ग्रामीण शामिल हैं।
मेलुकोटे विधायक दर्शन पुत्तनैया ने इस मामले पर क्या कहा?
मेलुकोटे निर्वाचन क्षेत्र के विधायक दर्शन पुत्तनैया ने इस घटना को अपने ही क्षेत्र के गरीब लोगों के साथ धोखा बताया और मामले की गहन जांच तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले