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मंगला एक्सप्रेस में बीमार पड़े 80 छात्रों की तबीयत स्थिर, सेंट्रल रेलवे ने दी राहत की खबर

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मंगला एक्सप्रेस में बीमार पड़े 80 छात्रों की तबीयत स्थिर, सेंट्रल रेलवे ने दी राहत की खबर

सारांश

केरल के त्रिशूर से दिल्ली जा रहे 80 स्कूली छात्र मंगला एक्सप्रेस में उल्टी और दस्त से पीड़ित हो गए। खंडवा में प्राथमिक उपचार और भुसावल में जाँच के बाद सेंट्रल रेलवे ने पुष्टि की — सभी छात्र स्थिर हैं, कोई गंभीर जटिलता नहीं।

मुख्य बातें

मंगला एक्सप्रेस (ट्रेन 12618) में 80 छात्र उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हुए, जो केरल के त्रिशूर से दिल्ली स्कूल भ्रमण पर जा रहे थे।
खंडवा स्टेशन पर रेलवे चिकित्सा कर्मियों ने 30 से 40 छात्रों का प्राथमिक उपचार किया और ओआरएस व दवाइयाँ दीं।
भुसावल में सभी छात्रों की जाँच में स्थिति सामान्य पाई गई; शनिवार सुबह दोबारा जाँच में भी कोई गिरावट नहीं मिली।
सेंट्रल रेलवे ने पुष्टि की कि किसी भी छात्र में गंभीर चिकित्सीय जटिलता नहीं है और निगरानी जारी है।
लक्षणों का सटीक कारण अभी तक रेलवे द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है।

सेंट्रल रेलवे ने 29 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि ट्रेन संख्या 12618 मंगला एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हुए 80 छात्रों की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है। रेलवे की ओर से कराई गई ताज़ा चिकित्सा जाँच में किसी भी छात्र की हालत में गिरावट के कोई संकेत नहीं मिले।

घटनाक्रम: कैसे शुरू हुई समस्या

ये छात्र अपने 10 शिक्षकों के साथ स्कूल भ्रमण पर केरल के त्रिशूर से दिल्ली की ओर जा रहे थे। सभी यात्री मंगला एक्सप्रेस के एस-2 और एस-3 कोच में सवार थे। शुक्रवार को यात्रा के दौरान कुछ छात्रों ने पेट खराब होने, उल्टी और दस्त की शिकायत की, जिसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया।

रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया

खंडवा स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सा कर्मियों ने 30 से 40 प्रभावित छात्रों का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें आवश्यक दवाइयाँ और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) उपलब्ध कराया गया। साथ आए शिक्षक ने यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया, जिसके बाद रेलवे के चिकित्सा कर्मी छात्रों की निगरानी के लिए उनके साथ ट्रेन में ही रहे।

भुसावल में जाँच, स्थिति सामान्य

ट्रेन के भुसावल पहुँचने पर सभी छात्रों की विस्तृत स्वास्थ्य जाँच की गई, जिसमें उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर पाई गई। इसके बाद शनिवार सुबह दोबारा चिकित्सा परीक्षण किया गया — इसमें भी किसी छात्र की हालत बिगड़ने के संकेत नहीं मिले। सेंट्रल रेलवे ने कहा, 'स्थिति पूरी तरह स्थिर है और छात्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।'

कारण अभी अस्पष्ट

गौरतलब है कि रेलवे ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि छात्रों में ये लक्षण किस कारण उत्पन्न हुए। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी छात्र में गंभीर चिकित्सीय जटिलता नहीं पाई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब लंबी दूरी की ट्रेन यात्राओं के दौरान खान-पान से जुड़ी बीमारियों की शिकायतें बीच-बीच में सामने आती रहती हैं।

आगे की स्थिति

रेलवे प्रशासन ने बताया कि चिकित्सा दल यात्रा पूरी होने तक छात्रों की सेहत पर नज़र बनाए रखेगा। खंडवा में मिली चिकित्सा सहायता के बाद से सभी 80 छात्र सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति में कोई नकारात्मक बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 80 छात्र एक साथ क्यों बीमार पड़े, इसका जवाब अभी तक नहीं मिला। रेलवे का 'स्थिति स्थिर है' का बयान पर्याप्त नहीं — यात्रा के दौरान खान-पान की गुणवत्ता और स्वच्छता की जाँच ज़रूरी है। लंबी दूरी की ट्रेनों में खाद्य सुरक्षा को लेकर यह पहली घटना नहीं है, और बिना कारण की पहचान के यह आखिरी भी नहीं होगी।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगला एक्सप्रेस में कितने छात्र बीमार पड़े और उनकी अभी क्या स्थिति है?
मंगला एक्सप्रेस में 80 छात्र उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हुए थे। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, खंडवा और भुसावल में चिकित्सा जाँच के बाद सभी छात्रों की स्थिति स्थिर और सामान्य है, कोई गंभीर जटिलता नहीं पाई गई।
ये छात्र मंगला एक्सप्रेस में कहाँ से कहाँ जा रहे थे?
ये छात्र अपने 10 शिक्षकों के साथ स्कूल भ्रमण पर केरल के त्रिशूर से दिल्ली जा रहे थे। वे ट्रेन संख्या 12618 मंगला एक्सप्रेस के एस-2 और एस-3 कोच में सवार थे।
रेलवे ने बीमार छात्रों की मदद के लिए क्या कदम उठाए?
खंडवा स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सा कर्मियों ने 30 से 40 प्रभावित छात्रों का प्राथमिक उपचार किया और उन्हें दवाइयाँ व ओआरएस दिया। इसके बाद चिकित्सा कर्मी ट्रेन में ही छात्रों के साथ यात्रा करते रहे और भुसावल पहुँचने पर सभी की पुनः जाँच की गई।
छात्रों के बीमार पड़ने का कारण क्या था?
सेंट्रल रेलवे ने अब तक लक्षणों का सटीक कारण सार्वजनिक नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी छात्र में गंभीर चिकित्सीय जटिलता नहीं पाई गई, लेकिन कारण की जाँच जारी है।
क्या सभी छात्र सुरक्षित हैं और यात्रा जारी रही?
हाँ, सभी 80 छात्र सुरक्षित हैं। साथ आए शिक्षक ने खंडवा में उपचार के बाद यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया। रेलवे का चिकित्सा दल यात्रा पूरी होने तक छात्रों की निगरानी कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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