मंगला एक्सप्रेस में बीमार पड़े 80 छात्रों की तबीयत स्थिर, सेंट्रल रेलवे ने दी राहत की खबर
सारांश
मुख्य बातें
सेंट्रल रेलवे ने 29 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि ट्रेन संख्या 12618 मंगला एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हुए 80 छात्रों की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है। रेलवे की ओर से कराई गई ताज़ा चिकित्सा जाँच में किसी भी छात्र की हालत में गिरावट के कोई संकेत नहीं मिले।
घटनाक्रम: कैसे शुरू हुई समस्या
ये छात्र अपने 10 शिक्षकों के साथ स्कूल भ्रमण पर केरल के त्रिशूर से दिल्ली की ओर जा रहे थे। सभी यात्री मंगला एक्सप्रेस के एस-2 और एस-3 कोच में सवार थे। शुक्रवार को यात्रा के दौरान कुछ छात्रों ने पेट खराब होने, उल्टी और दस्त की शिकायत की, जिसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया।
रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया
खंडवा स्टेशन पर रेलवे के चिकित्सा कर्मियों ने 30 से 40 प्रभावित छात्रों का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें आवश्यक दवाइयाँ और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) उपलब्ध कराया गया। साथ आए शिक्षक ने यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया, जिसके बाद रेलवे के चिकित्सा कर्मी छात्रों की निगरानी के लिए उनके साथ ट्रेन में ही रहे।
भुसावल में जाँच, स्थिति सामान्य
ट्रेन के भुसावल पहुँचने पर सभी छात्रों की विस्तृत स्वास्थ्य जाँच की गई, जिसमें उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर पाई गई। इसके बाद शनिवार सुबह दोबारा चिकित्सा परीक्षण किया गया — इसमें भी किसी छात्र की हालत बिगड़ने के संकेत नहीं मिले। सेंट्रल रेलवे ने कहा, 'स्थिति पूरी तरह स्थिर है और छात्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।'
कारण अभी अस्पष्ट
गौरतलब है कि रेलवे ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि छात्रों में ये लक्षण किस कारण उत्पन्न हुए। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी छात्र में गंभीर चिकित्सीय जटिलता नहीं पाई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब लंबी दूरी की ट्रेन यात्राओं के दौरान खान-पान से जुड़ी बीमारियों की शिकायतें बीच-बीच में सामने आती रहती हैं।
आगे की स्थिति
रेलवे प्रशासन ने बताया कि चिकित्सा दल यात्रा पूरी होने तक छात्रों की सेहत पर नज़र बनाए रखेगा। खंडवा में मिली चिकित्सा सहायता के बाद से सभी 80 छात्र सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति में कोई नकारात्मक बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।