मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह की अपील: आंदोलन-नाकेबंदी छोड़ें, संवाद से सुलझाएं मतभेद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 7 नवंबर 2026 को इंफाल में छात्रों और समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया कि किसी भी संकट या मतभेद की स्थिति में आंदोलन और नाकेबंदी का रास्ता न अपनाएं। उन्होंने शांतिपूर्ण संवाद और रचनात्मक बातचीत को ही विवाद-समाधान का एकमात्र सही तरीका बताया। यह अपील ऐसे समय में आई है जब मणिपुर में पिछले सात-आठ महीनों से अशांति का दौर जारी है।
AI करियर हब का उद्घाटन
इंफाल के तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पूर्वोत्तर भारत के पहले 'एआई-सक्षम करियर इंटेलिजेंस हब' के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह संबोधन दिया। यह हब सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत स्थापित किया गया है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह का पहला केंद्र है। इसका उद्देश्य छात्रों को तकनीक-आधारित करियर मार्गदर्शन, व्यक्तिगत परामर्श और उभरते करियर अवसरों की जानकारी प्रदान करना है।
खेमचंद सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने विभिन्न क्षेत्रों और व्यवसायों में बड़े बदलाव लाए हैं और इस हब की स्थापना से छात्रों को अपनी क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझने, करियर के विकल्प तलाशने और भविष्य के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।
छात्रों की सराहना और शांति का संदेश
मुख्यमंत्री ने तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों की प्रशंसा की, जिन्होंने राज्य में चल रहे सात-आठ महीनों के कठिन दौर में भी आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाया। उन्होंने छात्रों की परिपक्वता और संयम को आदर्श बताते हुए कहा कि संकट के समय में पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित रखना ही समझदारी है।
गौरतलब है कि कक्षा 11वीं और 12वीं के वर्षों को उन्होंने भविष्य की शैक्षणिक और पेशेवर दिशा तय करने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इंसानियत और ईमानदारी — ये दो मूल्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मणिपुर में शांति और सद्भाव बहाल करने के सामूहिक प्रयासों में भी अनिवार्य हैं।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'समग्र शिक्षा, मणिपुर' के सहयोग से 'मणिपुर अपलिफ्टमेंट सेंटर' द्वारा आयोजित 'राज्य-स्तरीय 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) 2026–27' का भी औपचारिक उद्घाटन किया। इस वर्ष की मुख्य थीम 'स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना' रखी गई है।
राज्य के 12 जिलों के विभिन्न स्कूलों से कुल 39 छात्र समूह नेताओं को इस कांग्रेस में भाग लेने के लिए चुना गया है। खेमचंद सिंह ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और छात्रों से उनके विज्ञान प्रोजेक्ट्स के बारे में बातचीत की, उन्हें वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
आभार और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने इस पहल को संभव बनाने में योगदान के लिए राज्यसभा सांसद अधिकारिमयुम शारदा देवी, शिक्षा विभाग और तामफासाना गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मणिपुर में शांति और युवाओं के करियर विकास को एक साथ साधने की यह कोशिश राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है।