मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने कांग्ला किले से ड्रग-विरोधी मेगा रन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से की अपील
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 26 जून 2026 को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर इम्फाल के ऐतिहासिक कांग्ला किले के पश्चिमी गेट से 10 किलोमीटर की मेगा जागरूकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई। इस दौड़ में 1,300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों — विशेषकर युवाओं — से नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्यक्रम 'विश्व ड्रग समस्या: बनी हुई समस्याएं, नई चुनौतियां, नए समाधान' थीम के अंतर्गत आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों सहित उपस्थित सभी लोगों को 'नशीली दवाओं को ना कहें' का संकल्प दिलाया और शपथ-पत्र पर हस्ताक्षर करवाए। उन्होंने ऊर्जावान युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कार्यक्रम में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, मुख्य सचिव डॉ. पुनीत कुमार गोयल, वरिष्ठ सिविल और पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। मणिपुर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में महिला प्रतिभागियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।
सरकार की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने लिखा, 'संदेश साफ है: जीवन को हां, नशीले पदार्थों को ना। मणिपुर सरकार रोकथाम, प्रवर्तन, पुनर्वास और जनभागीदारी के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।'
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई अकेले पुलिस नहीं लड़ सकती — इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने स्वयं पुरुष 40-प्लस श्रेणी में 10 किलोमीटर की दौड़ में भाग लेकर विभाग की प्रतिबद्धता का व्यावहारिक संदेश दिया।
सीमा की चुनौती और भू-राजनीतिक संदर्भ
मणिपुर और पड़ोसी राज्य मिजोरम, म्यांमार के साथ लंबी और अधिकांशतः बिना बाड़ वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा के कारण पूर्वोत्तर भारत में ड्रग तस्करी के प्रमुख मार्गों में से एक बन गए हैं। राज्य के पाँच जिलों — चूराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल, कामजोंग और उखरुल — की म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी को अत्यंत कठिन बनाती है।
गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट इन खुली सीमाओं का फायदा उठाकर भारत में नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी करते रहे हैं। यह ऐसे समय में और भी गंभीर हो गया है जब म्यांमार में चल रहे आंतरिक संघर्ष ने सीमा-पार आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।
नीति आयोग बैठक में उठाई माँगें
इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री ने म्यांमार संघर्ष से उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बेहतर सीमा प्रबंधन, उन्नत निगरानी प्रणाली और केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह मंत्रालय ने भारत-म्यांमार सीमा के 50 किलोमीटर हिस्से में बाड़ लगाने का कार्य पूरा कर लिया है, जबकि अतिरिक्त 80 किलोमीटर हिस्से में निर्माण जारी है।
दौड़ के पुरस्कार और आगे की राह
मेगा अवेयरनेस रन चार श्रेणियों में आयोजित हुई। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम स्थान पर ₹10,000, द्वितीय पर ₹5,000 और तृतीय पर ₹3,000 का नकद पुरस्कार निर्धारित किया गया। इसके अलावा, चुने गए प्रतिभागियों को ₹1,000 का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर ड्रग-विरोधी अभियानों को और सुदृढ़ करेगा, ताकि मणिपुर इस क्षेत्र में सीमा-पार अपराध के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाता रहे।