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मणिपुर: ग्रीष्मकालीन अवकाश तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह, CM युमनाम खेमचंद सिंह का ऐलान

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मणिपुर: ग्रीष्मकालीन अवकाश तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह, CM युमनाम खेमचंद सिंह का ऐलान

सारांश

मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति का असर अब स्कूलों के कैलेंडर तक पहुँच गया है। CM युमनाम खेमचंद सिंह ने ग्रीष्मकालीन अवकाश तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह कर दिया — 7 अप्रैल की थोंगलाओबी बम घटना के बाद एक महीने की शैक्षणिक क्षति की भरपाई की कोशिश।

मुख्य बातें

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 22 जून को घोषणा की कि स्कूलों का ग्रीष्मकालीन अवकाश तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह किया गया।
7 अप्रैल को बिश्नुपुर जिले के थोंगलाओबी गाँव में बम हमले में 5 वर्षीय बच्चे और 6 माह की बहन की मौत के बाद करीब एक महीने तक शैक्षणिक गतिविधियाँ बाधित रहीं।
लंबित सरकारी कार्य की भरपाई के लिए शनिवार को कार्य दिवस घोषित किया गया था।
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि NEP 2020 विकसित भारत के 2047 लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगी।
विद्या भारती पूर्वोत्तर के अध्यक्ष प्रो.
गंगा प्रसाद प्रसैन ने कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने का सुझाव दिया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार, 22 जून को घोषणा की कि राज्य के स्कूलों का ग्रीष्मकालीन अवकाश सामान्य तीन सप्ताह से घटाकर केवल एक सप्ताह कर दिया गया है। यह निर्णय मणिपुर में जारी कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया गया है, ताकि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियाँ न्यूनतम बाधा के साथ जारी रह सकें।

फैसले की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि 7 अप्रैल को बिश्नुपुर जिले के थोंगलाओबी गाँव में हुई दर्दनाक घटना के बाद लगभग एक महीने तक शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी दफ्तरों का सामान्य कामकाज बाधित रहा। उस घटना में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा एक घर पर बम फेंके जाने से 5 वर्षीय बच्चे और उसकी 6 माह की बहन की मौत हो गई थी, जबकि उनकी माँ गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। परिवार उस समय सो रहा था।

इसी व्यवधान की भरपाई के लिए सरकार ने शनिवार को सभी सरकारी विभागों के लिए कार्य दिवस घोषित किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित कार्य पूरे होने के पश्चात शनिवार को पुनः अवकाश घोषित किया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम: NEP कार्यशाला में संबोधन

मुख्यमंत्री सिंह इंफाल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला — 'मणिपुर की स्कूल शिक्षा में सुधार: NEP-2020 के कार्यान्वयन, चुनौतियाँ और अवसर' — के उद्घाटन समारोह में उपस्थित हुए। उन्होंने नेल्सन मंडेला का उद्धरण देते हुए कहा कि 'शिक्षा दुनिया को बदलने का सबसे शक्तिशाली साधन है।'

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कक्षा 5 तक मातृभाषा में शिक्षा से बच्चों की सीखने की क्षमता बेहतर होती है।

विशेषज्ञों और अधिकारियों की राय

मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और NEP 2020 इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष प्रोफेसर गंगा प्रसाद प्रसैन ने सुझाव दिया कि कक्षा 6 से ही छात्रों को कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव के चलते शैक्षणिक कैलेंडर पहले ही बाधित हो चुका है। ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती से राज्यभर के स्कूली छात्र प्रभावित होंगे, विशेषकर वे जो संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि NEP 2020 को सफल बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि सरकार, कर्मचारियों और जनता की सामूहिक है।

आगे की राह

गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा ने राज्य के सामाजिक और प्रशासनिक ढाँचे को गहरे प्रभावित किया है। शिक्षा क्षेत्र में इस तरह के आपातकालीन समायोजन उस व्यापक संकट का प्रतिबिंब हैं। तीन दिवसीय NEP कार्यशाला के निष्कर्षों के आधार पर आगामी शैक्षणिक नीतियाँ तय किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति और स्कूल तक पहुँच की व्यापक चुनौती को संबोधित नहीं करता। NEP 2020 कार्यशाला और अवकाश कटौती का एक ही दिन एक साथ आना एक विरोधाभास उजागर करता है — एक तरफ दीर्घकालिक शिक्षा सुधार की बात, दूसरी तरफ बुनियादी सुरक्षा के अभाव में आपातकालीन निर्णय।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में स्कूलों का ग्रीष्मकालीन अवकाश क्यों घटाया गया?
मणिपुर सरकार ने राज्य में जारी कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण स्कूलों का ग्रीष्मकालीन अवकाश तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह कर दिया है। 7 अप्रैल की थोंगलाओबी घटना के बाद लगभग एक महीने तक शैक्षणिक गतिविधियाँ बाधित रहीं, जिसकी भरपाई के लिए यह निर्णय लिया गया।
थोंगलाओबी घटना क्या थी जिसका हवाला दिया गया?
7 अप्रैल को बिश्नुपुर जिले के थोंगलाओबी गाँव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंके, जिसमें 5 वर्षीय बच्चे और उसकी 6 माह की बहन की मौत हो गई और उनकी माँ गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना उस समय हुई जब परिवार सो रहा था।
मणिपुर में NEP 2020 कार्यशाला का उद्देश्य क्या है?
इंफाल में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला 'मणिपुर की स्कूल शिक्षा में सुधार: NEP-2020 के कार्यान्वयन, चुनौतियाँ और अवसर' विषय पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप राज्य में शिक्षा सुधारों को गति देना है।
क्या मणिपुर में सरकारी दफ्तरों पर भी असर पड़ा?
हाँ, 7 अप्रैल की घटना के बाद करीब एक महीने तक सरकारी दफ्तरों का सामान्य कामकाज भी प्रभावित रहा। लंबित कार्य पूरा करने के लिए शनिवार को कार्य दिवस घोषित किया गया और मुख्यमंत्री ने कहा कि काम पूरा होने पर शनिवार को पुनः अवकाश दिया जाएगा।
विद्या भारती ने NEP के तहत क्या सुझाव दिया?
विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष प्रोफेसर गंगा प्रसाद प्रसैन ने सुझाव दिया कि कक्षा 6 से ही छात्रों को कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे छात्र आत्मनिर्भर बनने में सक्षम होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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