बिहार को सिर्फ शुभकामनाएं नहीं, निवेश की भी आवश्यकता: मनोज झा
सारांश
Key Takeaways
- बिहार को निवेश की आवश्यकता
- आंतरिक उपनिवेशवाद का मुद्दा
- राज्य के विकास के लिए नीति परिवर्तन
- ट्रंप की नीतियों पर टिप्पणी
- बिहार दिवस का महत्व
नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार दिवस के अवसर पर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के निवासियों को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने कहा कि यह अच्छी बात है कि शुभकामनाएं दी जा रही हैं, लेकिन बिहार को केवल शुभकामनाएं नहीं, निवेश की भी आवश्यकता है, ताकि अन्य राज्यों के लोग भी ट्रेन पकड़कर बिहार में नौकरी करने आएं।
मनोज झा ने कहा कि मैं बिहार के सभी निवासियों से यह कहना चाहता हूं- चाहे आप बिहार में हों या दुनिया के किसी कोने में। हमें अपनी शुभकामनाएं दीजिए, लेकिन साथ ही हमारे साथ निवेश भी करें। बिहार के युवा और लोग केवल उन यात्रियों के समान नहीं रहना चाहते, जो अन्य राज्यों की प्रगति में योगदान देते हैं। यहाँ निवेश होना चाहिए, ताकि दूसरे राज्यों से लोग यहाँ काम करने के लिए आएं।
मनोज झा ने एक पोस्ट में लिखा कि बिहार दिवस की सभी को शुभकामनाएं, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि औपनिवेशिक युग से लेकर अब तक बिहार अपने अधिकारों से वंचित रहा है। सच कहा जाए तो विकास की प्रक्रिया में हमारा प्रदेश एक प्रकार के “आंतरिक उपनिवेशवाद” का शिकार रहा है। बिहार को केवल प्रतीकात्मक उपहार मिलते रहे हैं, जैसे कुछ रेलगाड़ियां या घोषणाएं, जबकि ठोस निवेश और औद्योगिक अवसर अन्य स्थानों पर चले गए हैं। यह असंतुलन न केवल आर्थिक है, बल्कि नीति और प्राथमिकताओं का भी है। अब समय है कि यह परिपाटी बदली जाए ताकि बिहार को उसका न्यायोचित हिस्सा मिले, और विकास का अर्थ वास्तव में समावेशी हो।
ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मिली धमकी पर मनोज झा ने कहा कि वह अब तक क्या कर रहे थे। इजरायल केवल एक बहाना है। यदि मैं इस उथल-पुथल के लिए किसी को जिम्मेदार मानता हूं, तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, न कि अमेरिकी जनता। उनके अपने देश के लोग भी उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।
मनोज झा ने कहा कि ट्रंप ने अपने सिरफिरेपन में विश्व को युद्ध की ओर धकेल दिया है। बच्चों के स्कूल पर बम गिराए जा रहे हैं। अस्पतालों को निशाना बनाया जा रहा है।