बिहार शरीफ: मिड-डे मील में डिटर्जेंट मिलने से दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार, सदर अस्पताल में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र स्थित पारसी मिडिल स्कूल में 19 अगस्त 2025 को मंगलवार के दिन मिड-डे मील खाने के बाद दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। जाँच में सामने आया कि रसोइए ने गलती से खाने में नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर (सर्फ) मिला दिया था, जिसके बाद बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगे। सभी बच्चों को तत्काल बिहार शरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ सिविल सर्जन ने उन्हें खतरे से बाहर बताया।
घटना का विवरण
स्कूल के प्रिंसिपल शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, उस दिन मिड-डे मील में चावल और सोयाबीन की डिश परोसी गई थी। खाने में नमक कम होने की शिकायत आने पर रसोइए ने नमक डालने की कोशिश की, लेकिन किचन में नमक और डिटर्जेंट पाउडर एक ही स्थान पर रखे होने के कारण गलती से सर्फ खाने में मिल गया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगे, जिससे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।
अस्पताल में स्थिति और परिजनों का आक्रोश
स्कूल में प्राथमिक उपचार की कोशिश के बाद, जब बच्चों की हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेजा गया। बड़ी संख्या में बच्चों के पहुँचने पर उनके परिजन भी अस्पताल पहुँच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और एक ही बिस्तर पर दो-तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा था। इस पर थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ, जो सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह के बेहतर इलाज का आश्वासन देने के बाद शांत हुआ।
एम्बुलेंस न मिलने पर परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है कि बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना देने के बावजूद नूरसराय अस्पताल से न तो कोई एम्बुलेंस भेजी गई और न ही कोई मेडिकल टीम स्कूल पहुँची। मजबूरन परिजनों को बच्चों को ई-रिक्शा और टेम्पो से सदर अस्पताल ले जाना पड़ा। परिजनों का कहना है कि समय पर एम्बुलेंस मिलती तो बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकती थी।
मिड-डे मील निगरानी और आपातकालीन तैयारी पर सवाल
इस घटना ने बिहार में मिड-डे मील योजना की निगरानी-व्यवस्था और स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र की आपातकालीन प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूली भोजन की गुणवत्ता और रसोई प्रबंधन को लेकर बहस चल रही है। गौरतलब है कि यह बिहार में मिड-डे मील से जुड़ी हाल के वर्षों में एक और गंभीर लापरवाही की घटना है। आगे यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।