9 अगस्त 2026
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डीएपीएससी फंड की निगरानी होगी सख्त: रामदास आठवले ने राज्यसभा में बताया, 38 मंत्रालयों पर नज़र

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डीएपीएससी फंड की निगरानी होगी सख्त: रामदास आठवले ने राज्यसभा में बताया, 38 मंत्रालयों पर नज़र

सारांश

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए निर्धारित डीएपीएससी फंड की निगरानी कड़ी की है — 38 मंत्रालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त हुए हैं। लेकिन आँकड़े बताते हैं कि 2020-21 से हर साल वास्तविक खर्च संशोधित अनुमान से कम रहा है।

मुख्य बातें

राज्य मंत्री रामदास आठवले ने राज्यसभा में बताया कि डीएपीएससी फंड की निगरानी के लिए 38 मंत्रालयों/विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
हाल की समीक्षा बैठकें 29 अप्रैल 2025 , 25 अगस्त 2025 और 16 अप्रैल 2026 को आयोजित हुईं।
2020-21 से 2025-26 तक हर साल वास्तविक खर्च संशोधित अनुमान से कम रहा।
उपयोग दर 2023-24 में सर्वाधिक 93.83% और 2020-21 में न्यूनतम 81.61% रही; 2025-26 में यह 85.65% रही।
सरकार ने माना कि योजनाओं की सामान्य प्रकृति के कारण कुछ मामलों में फंड का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने 'अनुसूचित जातियों के लिए विकास कार्य योजना' (डीएपीएससी) के तहत आवंटित धनराशि के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और समीक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया है। उन्होंने हाल ही में राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

निगरानी तंत्र की संरचना

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग डीएपीएससी फंड के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदार 38 मंत्रालयों/विभागों की समय-समय पर समीक्षा करता है। ये समीक्षा बैठकें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री तथा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की जाती हैं।

आठवले ने बताया कि हाल के वर्षों में डीएपीएससी के तहत तीन प्रमुख समीक्षा बैठकें हुईं — 29 अप्रैल 2025 को राज्य मंत्री बीएल वर्मा की अध्यक्षता में, और 25 अगस्त 2025 तथा 16 अप्रैल 2026 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता सचिव सुधांश पंत के स्तर पर।

नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में डीएपीएससी लागू करने वाले सभी 38 मंत्रालयों/विभागों ने अपने-अपने स्तर पर डीएपीएससी फंड की वित्तीय और भौतिक निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर संचार के माध्यम से संबंधित मंत्रालयों को खर्च में तेजी लाने और निर्धारित फंड के उचित उपयोग के निर्देश दिए जाते हैं।

खर्च के आँकड़े: संशोधित अनुमान से कम रहा वास्तविक व्यय

आठवले ने राज्यसभा में प्रस्तुत आँकड़ों के आधार पर बताया कि 2020-21 से 2025-26 तक प्रत्येक वर्ष वास्तविक खर्च संशोधित अनुमान (आरई) से कम रहा। संशोधित अनुमानों के सापेक्ष उपयोग का वर्षवार विवरण इस प्रकार रहा:

2020-21 में 81.61%, 2021-22 में 91.22%, 2022-23 में 91.90%, 2023-24 में 93.83%, 2024-25 में 92.57% और 2025-26 में 85.65%

गौरतलब है कि उपयोग दर 2023-24 में अपने उच्चतम स्तर 93.83% पर पहुँची, लेकिन 2025-26 में घटकर 85.65% पर आ गई — जो छह वर्षों में दूसरी सबसे कम दर है।

अधूरे उपयोग की वजह

आठवले ने स्वीकार किया कि कुछ मंत्रालयों/विभागों में योजनाओं की सामान्य प्रकृति के कारण डीएपीएससी फंड का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये फंड विशेष रूप से अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए आरक्षित हैं और सरकार निगरानी व समीक्षा तंत्र को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयासरत है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब अनुसूचित जातियों के लिए बजटीय आवंटन के वास्तविक उपयोग पर संसदीय दबाव बढ़ रहा है। सरकार का कहना है कि नोडल अधिकारी प्रणाली और नियमित समीक्षा बैठकें आने वाले वर्षों में उपयोग दर को बेहतर बनाने में सहायक होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन करोड़ों अनुसूचित जाति परिवारों के लिए नीतिगत चूक है जिनके लिए यह फंड आरक्षित है। सरकार की 'निगरानी मज़बूत करने' की घोषणाएँ तब तक अधूरी हैं जब तक फंड उपयोग के लक्ष्य और जवाबदेही के स्पष्ट मानदंड सार्वजनिक नहीं किए जाते।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएपीएससी क्या है और यह किसके लिए है?
डीएपीएससी यानी 'अनुसूचित जातियों के लिए विकास कार्य योजना' केंद्र सरकार की एक व्यवस्था है जिसके तहत 38 मंत्रालयों/विभागों को अनुसूचित जातियों के कल्याण और विकास के लिए विशेष फंड आवंटित किया जाता है। यह फंड विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदाय के लिए निर्धारित है और इसका उपयोग केवल उनकी योजनाओं पर होना चाहिए।
डीएपीएससी फंड की निगरानी कैसे की जाती है?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित करता है, जो मंत्री और सचिव स्तर पर होती हैं। इसके अलावा, सभी 38 मंत्रालयों/विभागों में डीएपीएससी फंड की वित्तीय और भौतिक निगरानी के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
2025-26 में डीएपीएससी फंड का उपयोग कितना रहा?
2025-26 में संशोधित अनुमान के सापेक्ष वास्तविक खर्च 85.65% रहा, जो 2023-24 के 93.83% के उच्चतम स्तर से काफी कम है। 2020-21 से 2025-26 तक हर वर्ष वास्तविक खर्च संशोधित अनुमान से कम रहा है।
फंड का पूरा उपयोग क्यों नहीं हो पाता?
रामदास आठवले के अनुसार, कुछ मंत्रालयों/विभागों में योजनाओं की सामान्य प्रकृति के कारण डीएपीएससी फंड का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता। सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए नोडल अधिकारी प्रणाली और नियमित समीक्षा बैठकें लागू की हैं।
हाल में कब-कब डीएपीएससी की समीक्षा बैठकें हुईं?
हाल में तीन प्रमुख समीक्षा बैठकें आयोजित हुईं — 29 अप्रैल 2025 को राज्य मंत्री बीएल वर्मा की अध्यक्षता में, और 25 अगस्त 2025 तथा 16 अप्रैल 2026 को सचिव सुधांश पंत के स्तर पर। ये बैठकें फंड के उचित उपयोग और खर्च में तेजी लाने के उद्देश्य से आयोजित की गईं।
राष्ट्र प्रेस
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