पुंछ में भूस्खलन से बाल-बाल बचे सांसद मियां अल्ताफ अहमद, काफिले की गाड़ी क्षतिग्रस्त
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा सांसद मियां अल्ताफ अहमद बुधवार, 22 जुलाई को जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर भूस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। भारी बारिश के कारण गिरे मलबे ने उनके काफिले की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया, हालाँकि सांसद सहित काफिले में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, मियां अल्ताफ अहमद पुंछ जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लौट रहे थे, तभी जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर भूस्खलन हो गया। मलबा गिरने से उनके काफिले के साथ चल रही एक गाड़ी चट्टानों की चपेट में आ गई और उसे नुकसान पहुँचा। सांसद ने स्वयं पुष्टि की कि वह भूस्खलन से पहले ही उस स्थान को पार कर चुके थे और पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सांसद की प्रतिक्रिया
मियां अल्ताफ अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'पुंछ के बाद राजौरी पहुँचा ताकि इलाके में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुए हालात का जायजा ले सकूँ। राजौरी जाते समय एक लैंडस्लाइड हो गया था जिससे सड़क बंद हो गई थी। हालाँकि मैं सुरक्षित रूप से राजौरी पहुँचने में कामयाब रहा।' उन्होंने यह भी बताया कि काफिले में सवार अन्य सभी लोग भी सुरक्षित हैं।
बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे थे सांसद
गौरतलब है कि मियां अल्ताफ अहमद पिछले कई दिनों से राजौरी में डेरा डाले हुए थे और बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने में जुटे थे। इससे पहले उन्होंने पुंछ में अचानक आई बाढ़ और लगातार बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कई प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन से राहत, बचाव, पुनर्वास तथा आवश्यक सेवाएँ बहाल करने में तेजी लाने की अपील की।
व्यापक स्थिति और यातायात बाधा
भारी बारिश के चलते जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से यात्रा करने से बचें।
आगे की स्थिति
प्रशासन राहत और बहाली कार्यों में तेजी लाने में जुटा है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले मानसून की भारी बारिश से जूझ रहे हैं और भूस्खलन की आशंका लगातार बनी हुई है। सांसद के इस दौरे ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की रफ्तार पर ध्यान केंद्रित किया है।