22 जुलाई 2026
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पुंछ में भूस्खलन से बाल-बाल बचे सांसद मियां अल्ताफ अहमद, काफिले की गाड़ी क्षतिग्रस्त

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पुंछ में भूस्खलन से बाल-बाल बचे सांसद मियां अल्ताफ अहमद, काफिले की गाड़ी क्षतिग्रस्त

सारांश

बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने निकले सांसद मियां अल्ताफ अहमद खुद भूस्खलन की चपेट में आते-आते बचे। 22 जुलाई को जम्मू-पुंछ हाईवे पर मलबे ने उनके काफिले की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया, हालाँकि सभी लोग सुरक्षित रहे।

मुख्य बातें

लोकसभा सांसद मियां अल्ताफ अहमद 22 जुलाई को जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर भूस्खलन से बाल-बाल बचे।
भारी बारिश से गिरे मलबे ने उनके काफिले की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया; सांसद सहित सभी लोग सुरक्षित ।
सांसद पिछले कई दिनों से राजौरी में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डेरा डाले हुए थे।
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर भूस्खलन से यातायात बाधित।
अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम में भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से यात्रा न करने की अपील की।

लोकसभा सांसद मियां अल्ताफ अहमद बुधवार, 22 जुलाई को जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर भूस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। भारी बारिश के कारण गिरे मलबे ने उनके काफिले की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया, हालाँकि सांसद सहित काफिले में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, मियां अल्ताफ अहमद पुंछ जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लौट रहे थे, तभी जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर भूस्खलन हो गया। मलबा गिरने से उनके काफिले के साथ चल रही एक गाड़ी चट्टानों की चपेट में आ गई और उसे नुकसान पहुँचा। सांसद ने स्वयं पुष्टि की कि वह भूस्खलन से पहले ही उस स्थान को पार कर चुके थे और पूरी तरह सुरक्षित हैं।

सांसद की प्रतिक्रिया

मियां अल्ताफ अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'पुंछ के बाद राजौरी पहुँचा ताकि इलाके में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुए हालात का जायजा ले सकूँ। राजौरी जाते समय एक लैंडस्लाइड हो गया था जिससे सड़क बंद हो गई थी। हालाँकि मैं सुरक्षित रूप से राजौरी पहुँचने में कामयाब रहा।' उन्होंने यह भी बताया कि काफिले में सवार अन्य सभी लोग भी सुरक्षित हैं।

बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे थे सांसद

गौरतलब है कि मियां अल्ताफ अहमद पिछले कई दिनों से राजौरी में डेरा डाले हुए थे और बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने में जुटे थे। इससे पहले उन्होंने पुंछ में अचानक आई बाढ़ और लगातार बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए कई प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन से राहत, बचाव, पुनर्वास तथा आवश्यक सेवाएँ बहाल करने में तेजी लाने की अपील की।

व्यापक स्थिति और यातायात बाधा

भारी बारिश के चलते जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से यात्रा करने से बचें।

आगे की स्थिति

प्रशासन राहत और बहाली कार्यों में तेजी लाने में जुटा है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले मानसून की भारी बारिश से जूझ रहे हैं और भूस्खलन की आशंका लगातार बनी हुई है। सांसद के इस दौरे ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की रफ्तार पर ध्यान केंद्रित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे में सुधार की रफ्तार सवालों के घेरे में रहती है। एक जनप्रतिनिधि का खुद इन खतरनाक रास्तों पर निकलना जहाँ एक ओर राहत कार्यों की तात्कालिकता को रेखांकित करता है, वहीं यह भी उजागर करता है कि आम नागरिकों के लिए ये रास्ते कितने असुरक्षित हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस घटना के बाद प्रशासन हाईवे सुरक्षा और भूस्खलन चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सांसद मियां अल्ताफ अहमद पुंछ में भूस्खलन से कैसे बचे?
22 जुलाई को जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे पर भूस्खलन होने से ठीक पहले सांसद मियां अल्ताफ अहमद उस स्थान को पार कर चुके थे। मलबे की चपेट में उनके काफिले की एक गाड़ी आई, लेकिन उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।
मियां अल्ताफ अहमद पुंछ-राजौरी में क्यों थे?
वह पिछले कई दिनों से राजौरी में डेरा डाले हुए थे और बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने में जुटे थे। उन्होंने पुंछ में अचानक आई बाढ़ और लगातार बारिश से प्रभावित दूरदराज के इलाकों का दौरा किया और प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से कौन-से हाईवे प्रभावित हुए हैं?
भारी बारिश के कारण जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे और जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम में भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से यात्रा न करने की अपील की है।
क्या सांसद के काफिले में कोई घायल हुआ?
नहीं। सांसद मियां अल्ताफ अहमद ने स्वयं पुष्टि की कि काफिले में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। गाड़ी को नुकसान पहुँचा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
जम्मू-कश्मीर में मानसून के दौरान भूस्खलन की स्थिति क्यों गंभीर होती है?
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले हर मानसून में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की चपेट में आते हैं। कच्ची पहाड़ियाँ, संकरे राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमित वैकल्पिक मार्ग इस समस्या को और गंभीर बनाते हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में भी बाधा आती है।
राष्ट्र प्रेस
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