मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड को मिली कानूनी मजबूती: ₹41 करोड़ वसूली नोटिस, 1552 छात्रों को सहायता
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने नवीन वक्फ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और जनहित उपयोग की दिशा में कई निर्णायक कदम उठाए हैं। अवैध कब्जाधारियों को हटाने से लेकर दागदार प्रबंधकों के विरुद्ध ₹41 करोड़ से अधिक की वसूली कार्रवाई तक, बोर्ड ने प्रशासनिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर सक्रियता दिखाई है।
वसूली अभियान और कानूनी कार्रवाई
वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वाले प्रबंधकों के विरुद्ध कुल ₹41 करोड़ से अधिक की वसूली के लिए आरआरसी/वसूली नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा नोटिस वक्फ यतीमखाना शाहजहाँनी, भोपाल के प्रबंधक को जारी किया गया — ₹28 करोड़ 96 लाख का, जिसे देश के वक्फ इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वसूली नोटिस बताया जा रहा है।
वक्फ मदर गेट, उज्जैन के प्रबंधन के विरुद्ध ₹7 करोड़ 21 लाख, वक्फ जामा मस्जिद, बीना बजरिया, सागर के प्रबंधकों के विरुद्ध ₹1 करोड़ 84 लाख, और वक्फ बड़वाली चौकी, इंदौर प्रकरण में ₹1 करोड़ 24 लाख की वसूली कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त वक्फ हिंदू अनाथालय, भोपाल के प्रबंधन पर ₹1 करोड़ 5 लाख और वक्फ अंजुमन इस्लामिया, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष के विरुद्ध ₹81 लाख 43 हजार की वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
डिजिटलीकरण में राष्ट्रीय पहचान
भारत सरकार के उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का लेखा-जोखा दर्ज कराने में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए बोर्ड को प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया। सभी संपत्तियों के ऑनलाइन पंजीकरण से पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हुई है और अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश लगा है। कृषि भूमियों की समय पर नीलामी से बोर्ड के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि अन्य राज्यों की वक्फ समितियों से राजस्व वृद्धि पर चर्चा कर बोर्ड ने अपनी आय बढ़ाने की रणनीति तैयार की। बोर्ड की कार्यशैली से प्रभावित होकर अनेक राज्यों ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय में अध्ययन भ्रमण के लिए भेजा है।
शिक्षा और सामाजिक उत्थान
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के अनुसार, नवीन वक्फ अधिनियम लागू होने के बाद 1552 बेटा-बेटियों को पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉपआउट) से बचाया गया और उनकी शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई। बोर्ड की 'पढ़ो पढ़ाओ — राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो' पहल की चर्चा अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव 25 मई को रवींद्र भवन, भोपाल में भोपाल जिले के 849 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर सम्मानित करेंगे। बोर्ड का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में इसी प्रकार छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ।
पर्यावरण संरक्षण की पहल
डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष पहली बार बोर्ड ने वक्फ भूमि पर पूरे प्रदेश में 5 लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समाज के प्रत्येक वर्ग से अपने पूर्वजों के नाम पर एक पौधा लगाने का अनुरोध किया जा रहा है। पौधरोपण के बाद देखभाल के लिए जिलेवार जिम्मेदारी तय की जाएगी और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।
आगे की राह
समानांतर वक्फ बोर्ड चलाकर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी है। वक्फ माफिया और दागदार प्रबंधकों के विरुद्ध अभियान को बोर्ड ने अपनी प्राथमिकता बताया है। बोर्ड के अनुसार, डिजिटलीकरण, पारदर्शी प्रबंधन और सामाजिक योजनाओं के त्रिकोण पर आधारित यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन रहा है।