31 जुलाई 2026
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मुनंबम जमीन विवाद: केंद्र ने केरल वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया, राजीव चंद्रशेखर की शिकायत पर हुई कार्रवाई

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मुनंबम जमीन विवाद: केंद्र ने केरल वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया, राजीव चंद्रशेखर की शिकायत पर हुई कार्रवाई

सारांश

मुनंबम में 404 एकड़ जमीन के एकतरफा वक्फ रजिस्ट्रेशन पर BJP की शिकायत के बाद केंद्र ने केरल वक्फ बोर्ड को नोटिस थमाया। यह विवाद अब तालिपरम्बा समेत केरल के कई हिस्सों में फैल रहा है और संपत्ति अधिकारों की लड़ाई का बड़ा मोर्चा बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने केरल वक्फ बोर्ड को मुनंबम जमीन विवाद पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा।
BJP की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को शिकायत सौंपी थी।
आरोप है कि वक्फ बोर्ड ने उम्मीद पोर्टल पर मुनंबम की लगभग 404 एकड़ जमीन एकतरफा रजिस्टर की, जो नियमों के विरुद्ध है।
पोर्टल के नियमानुसार केवल संबंधित मुतवल्ली को ही संपत्ति अपलोड करने का अधिकार है, बोर्ड को नहीं।
विवाद तालिपरम्बा सहित केरल के अन्य क्षेत्रों तक भी फैला हुआ बताया जा रहा है।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने मुनंबम जमीन विवाद में केरल वक्फ बोर्ड को औपचारिक नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केरल इकाई के अध्यक्ष एवं विधायक राजीव चंद्रशेखर द्वारा केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को सौंपी गई विस्तृत शिकायत के बाद हुई है। केंद्र ने वक्फ बोर्ड से इस मामले में स्पष्टीकरण माँगा है।

विवाद की जड़: उम्मीद पोर्टल पर एकतरफा रजिस्ट्रेशन

चंद्रशेखर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि केरल वक्फ बोर्ड ने मुनंबम में लगभग 404 एकड़ जमीन सहित कई संपत्तियों को 'एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास' (उम्मीद) पोर्टल पर एकतरफा रजिस्टर कर दिया। उनके अनुसार, उम्मीद पोर्टल के नियमों के तहत केवल संबंधित मुतवल्ली को ही संपत्ति की जानकारी अपलोड करने का अधिकार है — वक्फ बोर्ड को नहीं।

चंद्रशेखर ने तर्क दिया कि बोर्ड द्वारा सीधे संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करना कानूनी रूप से अमान्य है और उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि जब मालिकाना हक के मामले विभिन्न कानूनी मंचों पर विचाराधीन हैं, तब विवादित जमीनों को एकतरफा पोर्टल में शामिल करना गंभीर कानूनी प्रश्न खड़े करता है।

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए केरल वक्फ बोर्ड से जवाब तलब किया है। BJP नेताओं ने इस कदम को इस बात का प्रमाण बताया कि केंद्र सरकार मुनंबम के निवासियों और विभिन्न संगठनों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है।

गौरतलब है कि मुनंबम विवाद केरल में वक्फ संपत्ति दावों को लेकर उठे व्यापक असंतोष का हिस्सा है, जो हाल के महीनों में राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन चुका है।

BJP का रुख और व्यापक दायरा

BJP ने स्पष्ट किया है कि उसका रुख शुरू से ही मुनंबम के निवासियों के संपत्ति अधिकारों और उनकी आजीविका की रक्षा करने का रहा है। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतें केवल मुनंबम तक सीमित नहीं हैं — तालिपरम्बा सहित केरल के अन्य हिस्सों में भी वक्फ जमीन को लेकर इसी प्रकार के विवाद सामने आए हैं।

पार्टी ने असली जमीन मालिकों के हितों की रक्षा और कथित गैर-कानूनी रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए मजबूत कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की माँग दोहराई है।

आगे क्या होगा

केरल वक्फ बोर्ड को केंद्र के नोटिस का जवाब देना होगा, जिसके बाद मंत्रालय आगे की कार्रवाई तय करेगा। चंद्रशेखर ने कहा कि केंद्र का यह हस्तक्षेप मुनंबम के निवासियों की न्याय की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। BJP ने संकेत दिया है कि वह राज्य भर में ऐसे विवादों में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या उम्मीद पोर्टल पर हुए एकतरफा रजिस्ट्रेशन को वास्तव में रद्द किया जाएगा या यह महज कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह जाएगा। मुनंबम का मामला केरल में वक्फ संपत्ति दावों की उस व्यापक प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ कानूनी विवाद लंबित रहते हुए भी प्रशासनिक तथ्य बदल दिए जाते हैं। BJP की सक्रियता राजनीतिक रूप से स्पष्ट है, लेकिन इससे निवासियों की वास्तविक कानूनी स्थिति नहीं बदलती — जब तक अदालतें या मंत्रालय ठोस राहत न दें।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुनंबम जमीन विवाद क्या है?
मुनंबम केरल का एक तटीय क्षेत्र है जहाँ केरल वक्फ बोर्ड ने लगभग 404 एकड़ जमीन को उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्ति के रूप में एकतरफा दर्ज कर दिया। स्थानीय निवासियों और BJP का दावा है कि यह जमीन उनके स्वामित्व में है और इस रजिस्ट्रेशन से उनके संपत्ति अधिकार खतरे में पड़ गए हैं।
केंद्र सरकार ने केरल वक्फ बोर्ड को नोटिस क्यों जारी किया?
BJP की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की शिकायत के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने यह नोटिस जारी किया। शिकायत में आरोप था कि वक्फ बोर्ड ने उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियाँ सीधे रजिस्टर कीं, जबकि नियमानुसार यह अधिकार केवल मुतवल्ली को है।
उम्मीद पोर्टल क्या है और इसमें विवाद क्यों है?
'एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास' (उम्मीद) पोर्टल केंद्र सरकार का डिजिटल मंच है जिस पर वक्फ संपत्तियों की जानकारी दर्ज की जाती है। विवाद इसलिए है क्योंकि पोर्टल के नियमों के अनुसार केवल संबंधित मुतवल्ली ही संपत्ति अपलोड कर सकता है, लेकिन केरल वक्फ बोर्ड ने कथित तौर पर यह काम खुद किया।
क्या यह विवाद केवल मुनंबम तक सीमित है?
नहीं। राजीव चंद्रशेखर के अनुसार तालिपरम्बा सहित केरल के कई अन्य हिस्सों में भी वक्फ जमीन को लेकर इसी प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं। BJP ने कहा है कि वह राज्यभर में ऐसे मामलों में हस्तक्षेप की माँग जारी रखेगी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
केरल वक्फ बोर्ड को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के नोटिस का जवाब देना होगा। उसके बाद मंत्रालय आगे की कार्रवाई तय करेगा। मालिकाना हक से जुड़े मामले विभिन्न कानूनी मंचों पर भी विचाराधीन हैं।
राष्ट्र प्रेस
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