मुंबई में CNG ₹86 प्रति किलो: MGL ने मई में दूसरी बार 2 रुपये बढ़ाए, PNG भी 50 पैसे महंगी
सारांश
मुख्य बातें
महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने शनिवार, 30 मई को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी, जिससे नया रिटेल रेट ₹86 प्रति किलोग्राम हो गया है। इसी के साथ कंपनी ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की दरें भी 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ा दी हैं।
मई में दूसरी बढ़ोतरी
यह इस महीने CNG की दूसरी मूल्यवृद्धि है। इससे पहले MGL ने 14 मई को भी ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी। यानी मई महीने में ही CNG ₹4 प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है। नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और MGL की सेवा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य इलाकों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
कीमत बढ़ने की वजह
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर लगातार बने दबाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटें इस मूल्यवृद्धि की मुख्य वजह बताई जा रही हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर घरेलू ईंधन बाज़ार पर भी पड़ रहा है।
इसी क्रम में हाल के हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ी हैं, क्योंकि सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने वैश्विक मूल्यवृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर आंशिक रूप से डाला है। मुंबई में शनिवार को पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर पर बिका।
सरकार की प्रतिक्रिया और LPG भंडार
केंद्र सरकार ने सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का पर्याप्त भंडार बनाए रखने का निर्देश दिया है। तेल विपणन कंपनियों से कहा गया है कि वे घरेलू माँग के कम से कम 30 दिनों के बराबर LPG स्टॉक सुनिश्चित करें।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ सरकार के निर्देश पर पेट्रोल, डीजल और LPG की बिक्री पर प्रतिदिन ₹550 करोड़ तक का नुकसान उठा रही हैं, क्योंकि उन्होंने वैश्विक मूल्यवृद्धि का पूरा बोझ घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं डाला है।
आपूर्ति की स्थिति
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की समग्र आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है। हालाँकि, घबराहट में की गई खरीदारी के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी कमी देखी गई है। गौरतलब है कि यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब आम उपभोक्ता पहले से ही बढ़ती महँगाई के दबाव में है।
आम जनता पर असर
CNG से चलने वाले ऑटोरिक्शा, टैक्सी और निजी वाहन चालकों पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा। MMR में लाखों परिवार PNG पर निर्भर हैं, जिनके मासिक रसोई खर्च में भी इज़ाफ़ा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों में तनाव जारी रहा, तो आने वाले महीनों में और मूल्यवृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता।