मुंबई में पहली मंजिल पर रहने वाले झुग्गीवासियों के पुनर्वास पर महाराष्ट्र सरकार की गंभीर चर्चा

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मुंबई में पहली मंजिल पर रहने वाले झुग्गीवासियों के पुनर्वास पर महाराष्ट्र सरकार की गंभीर चर्चा

सारांश

महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने विधानसभा में पहली मंजिल पर झुग्गीवासियों के पुनर्वास की मांग पर चर्चा की। क्या सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी? जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर हालिया अपडेट।

Key Takeaways

  • मुंबई में पहली मंजिल पर रहने वाले झुग्गीवासियों के पुनर्वास की मांग पर चर्चा हो रही है।
  • सरकार ने इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।
  • बिल्डरों द्वारा किए गए समझौतों की कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
  • स्थानीय विकास परियोजनाओं में अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई शुरू की गई है।

मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में बताया कि मुंबई में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) योजनाओं के तहत पहली मंजिल पर निवास करने वाले झुग्गीवासियों के पुनर्वास पर विचार करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की जाएगी।

प्रश्नकाल के दौरान हुए संवाद में मंत्री देसाई ने कहा कि वर्तमान में लागू नियमों के अनुसार, एसआरए योजनाओं के अंतर्गत केवल भूतल पर स्थित ढांचों को ही मान्यता दी जाती है और उन्हें क्रमांकित किया जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई बदलाव आवश्यक है, तो इस विषय पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों से चर्चा की जाएगी। वास्तविक स्थिति को उनके समक्ष प्रस्तुत करने के बाद, शहरी विकास विभाग (उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में) निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

नीति में पहली मंजिल के कब्जेदारों को मान्यता न दिए जाने के बावजूद, बिल्डरों द्वारा कथित तौर पर पहली मंजिल के कब्जेदारों के साथ समझौते करने की चिंताओं पर मंत्री देसाई ने कहा कि यदि ये समझौते मौजूदा कानून के विपरीत हैं तो ये कानूनी रूप से लागू नहीं होंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं हो सकती। यदि कानून का उल्लंघन करके समझौते किए जाते हैं, तो वे बाध्यकारी नहीं माने जाएंगे।

चर्चा के दौरान, अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने हस्तक्षेप किया और निर्देश दिया कि पहली मंजिल के निवासियों को शामिल करने से संबंधित सुझावों को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए और इस मुद्दे पर विचार करते समय सरकार के सामने रखा जाए।

मंत्री देसाई ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के समक्ष स्थिति और सदस्यों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को प्रस्तुत करेगी और प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने का प्रयास करेगी।

इस बीच, मंत्री जयकुमार गोरे ने विधान परिषद को सूचित किया कि स्थानीय विकास परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद सतारा जिले की खेड़ ग्राम पंचायत के सरपंच के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह प्रश्न सदस्य शशिकांत शिंदे ने नियम 92 के तहत आधे घंटे के विचार-विमर्श के नोटिस के माध्यम से उठाया था।

Point of View

क्योंकि पहली मंजिल पर रहने वाले लोगों को पुनर्वास योजनाओं में मान्यता नहीं मिलती। यह विषय सामाजिक न्याय और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

पहली मंजिल पर रहने वाले झुग्गीवासियों के पुनर्वास की मांग क्यों उठाई गई?
यह मांग इसलिए उठाई गई है क्योंकि वर्तमान में एसआरए योजनाओं के तहत केवल भूतल पर स्थित ढांचों को मान्यता दी जाती है।
सरकार इस मुद्दे पर कब चर्चा करेगी?
सरकार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगी।
क्या बिल्डरों द्वारा किए गए समझौते कानूनी हैं?
यदि ये समझौते मौजूदा कानून के विपरीत हैं, तो ये कानूनी रूप से लागू नहीं होंगे।
क्या सरकार जल्द ही कोई निर्णय लेगी?
मंत्री देसाई ने कहा है कि सरकार स्थिति को शीघ्रता से प्रस्तुत करेगी और प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास करेगी।
क्या अन्य पंचायतों में भी अनियमितता की जा रही है?
मंत्री जयकुमार गोरे ने सतारा जिले की खेड़ ग्राम पंचायत में अनियमितताओं की रिपोर्ट की पुष्टि की है।
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