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नागालैंड में जनगणना 2027 की तैयारी पूरी: 6,134 कर्मियों को प्रशिक्षण, 16 जून से स्व-गणना शुरू

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नागालैंड में जनगणना 2027 की तैयारी पूरी: 6,134 कर्मियों को प्रशिक्षण, 16 जून से स्व-गणना शुरू

सारांश

16 वर्षों के अंतराल के बाद नागालैंड में जनगणना 2027 की तैयारी पूरी — 6,134 प्रशिक्षित कर्मी, मोबाइल एप से डेटा संग्रह और स्व-गणना का विकल्प। 17 जिलों और 1,606 गाँवों को कवर करने वाली यह भारत की 16वीं जनगणना राज्य के नीति-निर्माण की नींव रखेगी।

मुख्य बातें

नागालैंड में जनगणना 2027 के लिए 6,134 कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर शामिल हैं।
स्व-गणना प्रक्रिया 16 जून 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगी; हाउस लिस्टिंग 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक।
राज्य में 17 जिले , 118 सब-डिस्ट्रिक्ट , 39 वैधानिक नगर और 1,606 गाँव जनगणना के दायरे में हैं।
डेटा संग्रह मोबाइल एप और वेब-मैपिंग एप्लिकेशन के ज़रिए किया जाएगा।
यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना है; पिछली जनगणना 2011 में हुई थी।
गलत जानकारी देना जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दंडनीय अपराध है।

नागालैंड में जनगणना 2027 की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। कोहिमा में जनगणना संचालन निदेशालय के अधिकारियों ने 17 जून 2026 को बताया कि राज्य भर में 6,134 जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें एन्यूमरेटर (गणनाकर्ता) और सुपरवाइजर दोनों शामिल हैं। यह जनगणना भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी।

जनगणना का दायरा और भौगोलिक विस्तार

नागालैंड के जनगणना संचालन निदेशक ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 17 जिले, 118 सब-डिस्ट्रिक्ट, 39 वैधानिक नगर, 5 जनगणना नगर और 1,606 गाँव हैं, जहाँ यह सर्वे किया जाएगा। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों को देखते हुए प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है ताकि हर घर का समावेशी सर्वे हो सके।

मुख्य समय-सारणी

स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया 16 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और 30 जून 2026 तक चलेगी। इसके बाद हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का चरण 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, यानी यह सर्वे लगभग 16 वर्षों के अंतराल के बाद हो रहा है।

डिजिटल तकनीक का उपयोग

जनगणना 2027 में पहली बार व्यापक पैमाने पर डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जा रही है। डेटा संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा और आम नागरिकों के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी उपलब्ध है। जनगणना गतिविधियों की निगरानी के लिए वेब-आधारित पोर्टल का उपयोग होगा, जबकि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स को वेब-मैपिंग एप्लिकेशन से तैयार किया जाएगा।

गोपनीयता और कानूनी प्रावधान

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही, जनगणना में गलत जानकारी देना इसी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

जागरूकता अभियान और आगे की राह

जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और गृह आयुक्त के संदेश ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से प्रसारित किए जाएंगे। समुदाय संगठनों और ग्राम प्राधिकरणों का सहयोग भी लिया जा रहा है ताकि राज्य में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके। यह जनगणना नागालैंड के नीति-निर्माण और संसाधन आवंटन की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वेब-मैपिंग और सेल्फ-एन्यूमरेशन का संयोजन 2011 की कागज़-आधारित प्रक्रिया से बड़ा कदम है। लेकिन असली चुनौती नागालैंड की जटिल भौगोलिक और जनजातीय संरचना में है, जहाँ दूरदराज के गाँवों में नेटवर्क कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता अभी भी सीमित है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 2011 के बाद से राज्य की जनसंख्या अनुमानों में काफी विवाद रहा है — सटीक डेटा न केवल संसाधन आवंटन बल्कि परिसीमन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को भी प्रभावित करेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड में जनगणना 2027 कब होगी?
स्व-गणना प्रक्रिया 16 जून 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगी। इसके बाद हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का चरण 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
नागालैंड में जनगणना 2027 के लिए कितने कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है?
राज्य में कुल 6,134 जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें एन्यूमरेटर (गणनाकर्ता) और सुपरवाइजर दोनों शामिल हैं। ये कर्मी 17 जिलों, 118 सब-डिस्ट्रिक्ट और 1,606 गाँवों में तैनात किए जाएंगे।
जनगणना 2027 में स्व-गणना (Self-Enumeration) क्या है?
स्व-गणना एक डिजिटल सुविधा है जिसके ज़रिए आम नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 16 जून से 30 जून 2026 तक उपलब्ध है और जनगणना कर्मियों पर निर्भरता कम करती है।
क्या जनगणना में दी गई जानकारी गोपनीय रहती है?
हाँ, जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। साथ ही, जानबूझकर गलत जानकारी देना इसी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
जनगणना 2027 भारत की कौन सी जनगणना है?
जनगणना 2027 भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। इससे पहले जनगणना 2011 में हुई थी, यानी यह लगभग 16 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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