16 जुलाई 2026
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गुजरात में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 3.74 लाख से अधिक नागरिकों ने स्व-गणना पूरी की

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गुजरात में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 3.74 लाख से अधिक नागरिकों ने स्व-गणना पूरी की

सारांश

16 साल के अंतराल के बाद भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण 1 जून से शुरू हो गया है। गुजरात में 3.74 लाख से अधिक नागरिक पहले ही स्व-गणना कर चुके हैं। 16 भाषाओं में ऐप और ऑफलाइन सुविधा के साथ यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसमें फरवरी 2027 में जाति गणना भी होगी।

मुख्य बातें

जनगणना 2027 का पहला चरण (हाउस लिस्टिंग) 1 जून से 30 जून 2026 तक गुजरात सहित पूरे भारत में चलेगा।
30 मई 2026 तक गुजरात में 3.74 लाख से अधिक नागरिक स्व-गणना पोर्टल पर जानकारी दर्ज कर चुके थे।
गुजरात में 1,09,038 गणनाकर्ता और 18,254 सुपरवाइज़र 1,10,598 HLB में काम करेंगे।
दूसरा चरण — जनसंख्या गणना और जाति जनगणना — 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच होगा।
यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना है; पिछली जनगणना 2011 में हुई थी।
गुजराती सहित 16 भाषाओं में ऐप उपलब्ध; ऑफलाइन डेटा संग्रह की सुविधा भी शामिल।

भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण — हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO)1 जून 2026 से गुजरात सहित पूरे देश में औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, 30 मई 2026 तक गुजरात में 3.74 लाख से अधिक नागरिक ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर चुके थे। यह देश के इतिहास में 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना है, जिसे अधिकारी भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना बता रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

गुजरात के जनगणना निदेशक सुजल मायात्रा ने बताया कि पहले चरण में गणनाकर्ता 33 सवाल पूछेंगे, जिनमें घर की भौतिक स्थिति, परिवार की संरचना, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की सुविधाएँ और अन्य बुनियादी सूचनाएँ शामिल हैं। यह सर्वेक्षण 1 जून से 30 जून 2026 तक राज्य के सभी जिलों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों में संचालित किया जाएगा।

गुजरात में यह कार्य 1,10,598 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) में 1,09,038 गणनाकर्ताओं द्वारा किया जाएगा, जिनकी निगरानी 18,254 सुपरवाइज़र करेंगे। गणनाकर्ताओं को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

स्व-गणना अभियान की प्रगति

17 मई 2026 को शुरू हुए स्व-गणना अभियान में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों, मुख्य सचिव, वरिष्ठ सचिवों, जिला कलेक्टरों और नगर आयुक्तों ने भी भाग लिया। 30 मई तक 3.74 लाख से अधिक नागरिकों ने फॉर्म भरे, जिनमें से लगभग 3.30 लाख सफलतापूर्वक जमा हो गए और करीब 44,000 फॉर्म प्रक्रियाधीन थे।

डिजिटल तकनीक की भूमिका

इस जनगणना में पहली बार गुजराती सहित 16 भाषाओं में विशेष Android और iOS ऐप तैयार किए गए हैं। इन ऐप में ऑफलाइन डेटा संग्रह की सुविधा भी है, ताकि सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले दूरदराज के क्षेत्रों में भी गणना निर्बाध रूप से हो सके। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को सरकारी पोर्टल के माध्यम से सीधे जानकारी देने का विकल्प भी उपलब्ध है।

दूसरा चरण और जाति जनगणना

दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (PE) और जाति गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच की जाएगी। मायात्रा के अनुसार, इस चरण के दौरान राष्ट्रीय जनसंख्या गणना के साथ-साथ पूरे देश में जाति जनगणना का कार्य भी पूरा किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, यानी इस बार नागरिकों की गिनती 16 वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है।

डेटा गोपनीयता और कानूनी दायित्व

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के अंतर्गत एकत्र की गई समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी कानूनी या कर-संबंधी उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। साथ ही, प्रत्येक नागरिक के लिए सटीक और पूर्ण जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है; जानकारी देने से इनकार करने पर जुर्माने का प्रावधान है। यह जनगणना नीति-निर्माण, संसाधन आवंटन और विकास योजनाओं की नींव तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इस दौरान भारत की जनसांख्यिकी, शहरीकरण और आवास परिदृश्य में आमूल बदलाव आए हैं। डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का एकीकरण एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में डेटा की गुणवत्ता और कवरेज की होगी। जाति जनगणना को मुख्य गणना के साथ जोड़ना राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील निर्णय है, जिसके परिणाम आरक्षण नीतियों और संसाधन वितरण पर दीर्घकालिक असर डाल सकते हैं। बिना पारदर्शी डेटा-सत्यापन तंत्र के, इस विशाल अभ्यास की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 का पहला चरण कब और कहाँ शुरू हुआ?
जनगणना 2027 का पहला चरण — हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना — 1 जून 2026 से गुजरात सहित पूरे भारत में शुरू हो गया है और 30 जून 2026 तक चलेगा। इस चरण में घर की स्थिति, पेयजल, शौचालय सुविधाओं सहित 33 सवाल पूछे जाएंगे।
जनगणना 2027 में जाति गणना कब होगी?
जाति गणना दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच की जाएगी। जनगणना निदेशक सुजल मायात्रा के अनुसार, इस चरण में राष्ट्रीय जनसंख्या गणना के साथ-साथ पूरे देश में जाति जनगणना का कार्य भी पूरा किया जाएगा।
गुजरात में जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना कैसे करें?
नागरिक सरकारी जनगणना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म भर सकते हैं। 30 मई 2026 तक गुजरात में 3.74 लाख से अधिक नागरिक यह प्रक्रिया पूरी कर चुके थे, जिनमें से लगभग 3.30 लाख फॉर्म सफलतापूर्वक जमा हो गए।
क्या जनगणना में दी गई जानकारी गोपनीय रहेगी?
हाँ, जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत एकत्र की गई समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस जानकारी का उपयोग किसी कानूनी या कर-संबंधी उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता।
भारत में पिछली जनगणना कब हुई थी और इस बार क्या नया है?
भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, यानी इस बार 16 वर्षों के अंतराल के बाद गणना हो रही है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसमें 16 भाषाओं में ऐप, ऑफलाइन डेटा संग्रह और स्व-गणना पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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