नागालैंड एनसीसी कैडेट्स ने माउंट सारामती पर चढ़ाई की, दिखाया अद्वितीय धैर्य और टीम वर्क

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नागालैंड एनसीसी कैडेट्स ने माउंट सारामती पर चढ़ाई की, दिखाया अद्वितीय धैर्य और टीम वर्क

सारांश

नागालैंड के एनसीसी कैडेट्स ने माउंट सारामती पर सफल चढ़ाई की। यह उपलब्धि धैर्य और टीम वर्क का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। जानें इस अभियान के बारे में।

मुख्य बातें

माउंट सारामती पर चढ़ाई की अद्वितीय सफलता।
47 सदस्यीय दल ने कठिनाइयों का सामना किया।
कैडेट्स ने धैर्य और टीम वर्क का प्रदर्शन किया।
यह चढ़ाई शारीरिक और मानसिक मजबूती का परीक्षण है।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया गया।

कोहिमा, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नागालैंड के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स ने राज्य की सबसे ऊंची चोटी माउंट सारामती (3840 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करके एक अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है। यह अभियान गुरुवार सुबह 6.30 बजे आरंभ हुआ और टीम ने धैर्य, अनुशासन और टीम वर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चोटी पर पहुँचने में सफलता पाई।

यह रोमांचक अभियान ग्रुप मुख्यालय कोहिमा द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 47 सदस्यीय दल ने भाग लिया। दल में दो अधिकारी, तीन नॉन-कमीशंड अधिकारी (एनसीओ), चार एसोसिएट एनसीसी अधिकारी (एएनओ) शामिल थे, जिनमें दो महिला अधिकारी भी थीं, और 38 कैडेट्स (20 सीनियर विंग तथा 18 सीनियर डिवीजन) शामिल थे। टीम ने कठिन रास्तों, चढ़ाई-उतराई, घने जंगलों और खराब मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए असाधारण सहनशक्ति का परिचय दिया।

माउंट सारामती नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित है और इसे पूर्वोत्तर भारत की सबसे ऊंची चोटियों में से एक माना जाता है। इस चढ़ाई में कैडेट्स ने एनसीसी द्वारा प्रदान की गई उच्च स्तरीय ट्रेनिंग, शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता का जीता-जागता प्रमाण प्रस्तुत किया। टीम ने पूरे अभियान के दौरान एक-दूसरे का साथ निभाया, आपसी तालमेल बनाए रखा और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

एनसीसी के एक अधिकारी ने कहा कि यह अभियान कैडेट्स में रोमांच की भावना के साथ-साथ राष्ट्रीय गौरव, नेतृत्व क्षमता और चरित्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। माउंट सारामती पर चढ़ाई एनसीसी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक मजबूती का भी परीक्षण करती है।

इस सफलता पर रक्षा मंत्रालय के प्रचार अधिकारी (पीआरओ) और प्रवक्ता ने बधाई देते हुए कहा कि 'टीम सारामती' की यह उपलब्धि एनसीसी के पूरे क्षेत्रीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी, जो एनसीसी में शामिल होकर देश सेवा, अनुशासन और नेतृत्व सीखना चाहते हैं।

माउंट सारामती की चढ़ाई पूर्वोत्तर भारत में एनसीसी की गतिविधियों को नई ऊंचाई देती है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, साहसिक खेलों को बढ़ावा और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के एनसीसी के प्रयासों का हिस्सा था। कैडेट्स ने चोटी पर तिरंगा फहराकर और एनसीसी झंडा लहराकर अपनी उपलब्धि को और यादगार बनाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उनके धैर्य और टीम वर्क को उजागर करती है। यह न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है बल्कि देश की सेवा में उनके योगदान को भी प्रेरित करती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माउंट सारामती की ऊँचाई कितनी है?
माउंट सारामती की ऊँचाई 3840 मीटर है।
इस अभियान में कितने कैडेट्स शामिल थे?
इस अभियान में कुल 47 कैडेट्स शामिल थे।
इस चढ़ाई का उद्देश्य क्या था?
इस चढ़ाई का उद्देश्य कैडेट्स में राष्ट्रीय गौरव, नेतृत्व क्षमता और धैर्य को बढ़ावा देना था।
यह चढ़ाई कब शुरू हुई थी?
यह चढ़ाई गुरुवार सुबह 6.30 बजे शुरू हुई थी।
कैसे इस अभियान ने एनसीसी की गतिविधियों को प्रभावित किया?
इस अभियान ने एनसीसी की गतिविधियों को नई ऊंचाई दी और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत किया।
राष्ट्र प्रेस
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