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नालंदा पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, 6 गिरफ्तार; स्कॉर्पियो-होंडा सिटी बरामद

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नालंदा पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, 6 गिरफ्तार; स्कॉर्पियो-होंडा सिटी बरामद

सारांश

नालंदा पुलिस ने तकनीकी जाँच और मोबाइल डेटा के दम पर दो से तीन साल से सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह को तोड़ा। बिहार और झारखंड में एक साथ छापे मारकर 6 गिरफ्तार, चुराई गई स्कॉर्पियो रांची से और होंडा सिटी वैशाली से बरामद।

मुख्य बातें

नालंदा पुलिस ने 30 मई 2026 को अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त मुजफ्फरपुर , वैशाली और झारखंड के रांची के निवासी हैं।
लहेरी थाना क्षेत्र से चुराई गई स्कॉर्पियो रांची से और दिल्ली से चोरी की गई होंडा सिटी वैशाली से बरामद।
गिरोह पिछले 2-3 वर्षों से सक्रिय था; जहानाबाद, राजगीर, हिसुआ, बेलसर और दिल्ली में पहले से मामले दर्ज।
मोबाइल टावर डंप डेटा और तकनीकी जाँच से गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
डीआईयू टीम और लहेरी थाना पुलिस को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई।

नालंदा पुलिस ने 30 मई 2026 को एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुजफ्फरपुर, वैशाली और झारखंड के रांची से कुल छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर लहेरी थाना क्षेत्र से चुराई गई एक स्कॉर्पियो और दिल्ली से चोरी की गई एक होंडा सिटी कार बरामद की गई, साथ ही भारी संख्या में दोपहिया व चारपहिया वाहनों के नंबर प्लेट भी जब्त हुए। बिहार शरीफ सदर डीएसपी-1 संकेत कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता में इस पूरे ऑपरेशन का विवरण साझा किया।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

23 मई 2026 को बिहार शरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र स्थित मंगला स्थान के वैष्णवी मैरिज हॉल की पार्किंग से एक स्कॉर्पियो चोरी हो गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लहेरी थाने में एक विशेष जाँच दल गठित किया गया। टीम ने तकनीकी निगरानी और मोबाइल टावर डंप डेटा के विश्लेषण के ज़रिए सुराग जुटाए, जिससे गिरोह के तार वैशाली जिले से जुड़े पाए गए।

गिरफ्तारी और बरामदगी

वैशाली में छापेमारी कर पुलिस ने चार अभियुक्तों — अजय कुमार (29 वर्ष), बिट्टू कुमार (24 वर्ष), अमन कुमार (23 वर्ष) और रजनीश कुमार (20 वर्ष) — को दबोच लिया। इन्हीं के पास से दिल्ली से चुराई गई होंडा सिटी और कई वाहनों के नंबर प्लेट बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लहेरी से चुराई गई स्कॉर्पियो को रांची भेजा जा चुका था, जिसके बाद पुलिस ने रांची के लोअर बाजार इलाके में छापा मारकर गाड़ी बरामद की और मो. असफान (29 वर्ष) तथा अनस जमील (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया।

गिरोह का शातिराना तरीका

पूछताछ के अनुसार, इस गिरोह में काम का स्पष्ट बँटवारा था। एक दल केवल रेकी और चोरी का काम करता था — अधिकारियों के मुताबिक ये लोग महज आधे घंटे की रेकी में गाड़ी गायब कर देते थे। दूसरा दल चोरी के तुरंत बाद नंबर प्लेट बदलता था, जबकि तीसरा दल वाहनों को झारखंड जैसे दूसरे राज्यों में ले जाकर बेचता था। डीएसपी संकेत कुमार के अनुसार यह गिरोह पिछले दो से तीन वर्षों से सक्रिय था।

पुराने मामले और व्यापक जाँच

इन अभियुक्तों के खिलाफ जहानाबाद, राजगीर, हिसुआ, बेलसर और दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में पहले से मामले दर्ज हैं। वैशाली से बरामद नंबर प्लेट्स के आधार पर पुलिस अन्य जिलों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में वाहन चोरी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

पुलिस टीम को पुरस्कार की अनुशंसा

इस सफल ऑपरेशन में डीआईयू टीम नालंदा के साथ लहेरी थाने के पुलिस निरीक्षक रंजीत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक नितीश रंजन, पुलिस अवर निरीक्षक ऋतु रंजन, पुलिस अवर निरीक्षक सर्वेश कुमार और सिपाही दीपक कुमार शामिल रहे। इस उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए डीआईयू और लहेरी थाना पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है। पुलिस का कहना है कि बरामद नंबर प्लेट्स की जाँच से और भी मामले सामने आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ रेकी, चोरी, नंबर बदलना और बिक्री के लिए अलग-अलग दल काम करते हैं। मोबाइल टावर डंप डेटा का प्रभावी उपयोग जिला पुलिस की तकनीकी क्षमता में सुधार का संकेत है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि बरामद नंबर प्लेट्स से जुड़े अन्य मामलों में भी त्वरित कार्रवाई हो। दो से तीन साल तक यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय रहा — यह सवाल उठाता है कि अंतरजिला समन्वय में कहाँ चूक हुई।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालंदा पुलिस ने किस गिरोह का भंडाफोड़ किया?
नालंदा पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया जो बिहार और झारखंड में सक्रिय था। यह गिरोह गाड़ियाँ चुराकर नंबर प्लेट बदलता था और उन्हें दूसरे राज्यों में बेचता था।
इस मामले में कितने और कहाँ से गिरफ्तारियाँ हुईं?
कुल 6 अभियुक्त गिरफ्तार हुए — चार वैशाली से और दो झारखंड के रांची से। गिरफ्तार अभियुक्त मुजफ्फरपुर, वैशाली और रांची के निवासी हैं।
इस ऑपरेशन में कौन-से वाहन बरामद हुए?
23 मई 2026 को लहेरी थाना क्षेत्र के वैष्णवी मैरिज हॉल की पार्किंग से चुराई गई स्कॉर्पियो रांची से बरामद हुई। इसके अलावा दिल्ली से चोरी की गई एक होंडा सिटी कार वैशाली में छापेमारी के दौरान मिली, साथ ही भारी संख्या में नंबर प्लेट भी जब्त हुए।
यह गिरोह किस तरह काम करता था?
गिरोह में काम का स्पष्ट बँटवारा था — एक दल रेकी और चोरी करता था, दूसरा तुरंत नंबर प्लेट बदलता था, और तीसरा दल गाड़ियों को झारखंड जैसे दूसरे राज्यों में ले जाकर बेचता था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह महज आधे घंटे की रेकी में गाड़ी गायब कर देता था।
इन अभियुक्तों के खिलाफ पहले से कहाँ-कहाँ मामले दर्ज हैं?
इन अभियुक्तों के खिलाफ जहानाबाद, राजगीर, हिसुआ, बेलसर और दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में पहले से मामले दर्ज हैं। पुलिस बरामद नंबर प्लेट्स के आधार पर अन्य जिलों की पुलिस से संपर्क कर अतिरिक्त मामलों की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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