नासिक से लापता 8 माह की बच्ची 3 दिन बाद येओला के पास मिली सुरक्षित, पुलिस जांच जारी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव तालुका से 17 सितंबर 2026 को लापता हुई आठ महीने की एक बच्ची 20 सितंबर को सुरक्षित मिल गई — तीन दिन की तलाश के बाद। बच्ची पड़ोसी येओला तालुका के वैबोथी गाँव के नज़दीक लावारिस हालत में मिली, जहाँ से येओला तालुका पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में लिया।
मुख्य घटनाक्रम
बच्ची नंदगांव तालुका की मन्याद पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र से गायब हुई थी। तीन दिन बाद उसे वैबोथी गाँव के समीप बेसहारा हालत में पाया गया। येओला पुलिस मौके पर पहुँची और बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर येओला उप-जिला अस्पताल में चिकित्सा जाँच के लिए भेजा।
बाद में बच्ची की माँ और नंदगांव पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि की। चिकित्सा जाँच के बाद बच्ची को परिवार को सौंपा गया, जिससे माता-पिता और स्थानीय पुलिस दोनों ने राहत की साँस ली।
अभी अनुत्तरित सवाल
अधिकारियों के अनुसार, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बच्ची वैबोथी तक कैसे पहुँची, उसे वहाँ कौन ले गया और वहाँ छोड़ने के पीछे क्या कारण था। नंदगांव और येओला की पुलिस संयुक्त रूप से इन परिस्थितियों की जाँच कर रही है। जाँचकर्ता स्थानीय गवाहों से पूछताछ और सुरागों की पुष्टि में जुटे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बच्चों की सुरक्षा और लापता बच्चों के मामले देशभर में एक गंभीर चिंता बने हुए हैं।
ओडिशा में 101 लापता बच्चे बचाए गए
इसी बीच, ओडिशा में 'महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध' विभाग तथा राज्य पुलिस ने मिलकर एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें 101 लापता बच्चों को बचाया गया। बचाए गए बच्चों में 54 लड़के और 47 लड़कियाँ शामिल थीं।
इस ऑपरेशन के तहत 17 विशेष टीमें देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भेजी गईं, जहाँ ओडिशा के बच्चे अक्सर पाए जाते हैं। टीमों ने फील्ड स्तर पर तलाशी ली, सुरागों की जाँच की और स्थानीय प्रशासन व बाल देखभाल संस्थाओं के साथ समन्वय किया।
बचाए गए बच्चों में सबसे छोटी तीन महीने की एक बच्ची थी, जो अपनी नाबालिग माँ के साथ एक संस्था में रह रही थी। एक अन्य बच्चा पाँच साल से अधिक समय से घर से दूर था — जो इस अभियान में मिले बच्चों में सबसे लंबी अनुपस्थिति थी।
कहाँ-कहाँ मिले बच्चे
बचाव अभियान के दौरान बच्चे आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पाए गए। यह व्यापक भौगोलिक फैलाव बाल लापता मामलों की अंतर-राज्यीय जटिलता को रेखांकित करता है।
आगे की कार्रवाई
नासिक मामले में पुलिस बच्ची के लापता होने की परिस्थितियों का पूरा खुलासा करने के लिए जाँच जारी रखे हुए है। ओडिशा के बचाव अभियान ने यह दिखाया है कि बहु-राज्यीय समन्वय और विशेष इकाइयाँ लापता बच्चों को खोजने में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।