क्या एनसीबी चीफ अनुराग गर्ग ने पंजाब के सीमावर्ती गांवों में ड्रग तस्करी के खिलाफ सहयोग मांगा?
सारांश
Key Takeaways
- समाज को मिलकर नशा तस्करी के खिलाफ काम करना होगा।
- स्थानीय समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
- एनसीबी जागरूकता और पुनर्वास में सहयोग करेगी।
- मानस हेल्पलाइन का प्रचार किया जाएगा।
- आधुनिक तकनीक के माध्यम से तस्करी नेटवर्क की पहचान की जाएगी।
नई दिल्ली, २२ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने पंजाब के अमृतसर जिले के सीमावर्ती गांवों के सरपंचों से संवाद किया और नशा तस्करी एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चल रहे अभियान को सशक्त बनाने के लिए उनका सक्रिय सहयोग मांगा।
संवाद के दौरान अनुराग गर्ग ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग तस्करी को रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने गांव के बुजुर्गों और समुदाय के नेताओं से निवेदन किया कि वे युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें खेलकूद एवं अन्य सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जागरूकता, रोकथाम और पुनर्वास से जुड़ी सामुदायिक पहलों में एनसीबी पूरा सहयोग प्रदान करेगा।
गांववासियों से मुलाकात के दौरान गर्ग ने सरपंचों से अनुरोध किया कि वे ड्रग्स तस्करी की सूचना देने और पुनर्वास संबंधित सहायता के लिए ‘मानस’ हेल्पलाइन (१९३३) का प्रचार करें और इसका उपयोग बढ़ाएं।
यह पहल एनसीबी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सहयोग को मजबूत किया जा रहा है। ये क्षेत्र सीमा पार से होने वाली ड्रग्स तस्करी के लिए संवेदनशील माने जाते हैं।
इससे पहले गर्ग ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लिया, जहां उन्होंने ड्रग्स तस्करी पर नियंत्रण पाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित नई तकनीकों की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें आधुनिक तकनीकी उपकरणों के बारे में जानकारी दी, जो तस्करी नेटवर्क की पहचान और निगरानी में सहायता कर सकते हैं।
एक अलग संदेश में गर्ग ने कहा कि एनसीबी देश में नशा तस्करी और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एजेंसी खुफिया जानकारी जुटाने, कार्रवाई करने, पुनर्वास में सहयोग देने और जागरूकता फैलाने जैसे कई स्तरों पर कार्यरत है।
उन्होंने कहा कि एनसीबी केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ भी सहयोग कर रही है, ताकि भारत की सीमाएं अवैध ड्रग्स तस्करी से सुरक्षित रहें।
गर्ग ने कहा कि हाल के वर्षों में एनसीबी ने सख्त कार्रवाई, बेहतर तालमेल और आधुनिक तकनीक के उपयोग से ड्रग्स से जुड़े अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। इस लड़ाई की सफलता कानून प्रवर्तन एजेंसियों, समाज और आम जनता की सामूहिक जिम्मेदारी पर निर्भर करती है।