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एनसीपी के दोनों गुटों के BJP विलय की चर्चा पर भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

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एनसीपी के दोनों गुटों के BJP विलय की चर्चा पर भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

सारांश

एनसीपी के दोनों गुटों के भाजपा में विलय की अटकलों ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा नेता मनमीत सिंह से लेकर ओपी राजभर तक ने इसे इंडी गठबंधन की अंदरूनी दरारों का प्रमाण बताया, जबकि राम कदम ने इसे एनसीपी का 'आंतरिक फैसला' कहकर पल्ला झाड़ा।

मुख्य बातें

भाजपा नेता मनमीत सिंह ने दावा किया कि अजित पवार के निधन के कारण एनसीपी-भाजपा विलय पहले नहीं हो सका।
शरद पवार के भाजपा में शामिल होने और पार्टी विलय को लेकर बातचीत होने का दावा मनमीत सिंह ने किया।
भाजपा विधायक राम कदम ने कहा — 'कौन किसके साथ जाए, यह उनका आंतरिक फैसला है; भाजपा टिप्पणी नहीं करेगी।' भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा — नीतियों और नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है।
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि एनसीपी को अब समझ आ गया है कि अकेले भाजपा से मुकाबला मुश्किल है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संभावित विलय की चर्चाओं ने 7 नवंबर 2026 को राजनीतिक पारा चढ़ा दिया। महाराष्ट्र से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश तक भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर मुखर होते हुए विपक्षी इंडी गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब महागठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

मनमीत सिंह का दावा — अजित पवार के निधन से रुका था विलय

भाजपा नेता मनमीत सिंह ने कहा कि अजित पवार का करीब छह महीने पहले निधन हो गया था, अन्यथा यह विलय पहले ही संपन्न हो गया होता। उनके अनुसार, अजित पवार लंबे समय से भाजपा के साथ वैचारिक निकटता रखते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि शरद पवार ने भाजपा में शामिल होने और अपनी पार्टी के विलय को लेकर बातचीत की है।

मनमीत सिंह ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के विकास कार्यों को देखते हुए शरद पवार भी साथ आने पर विचार कर सकते हैं। उनके अनुसार, यदि दोनों पक्ष मिलकर काम करें, तो एनसीपी कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं और राज्य में विकास की रफ्तार और तेज होगी।

राम कदम की संतुलित राय — 'यह उनका आंतरिक फैसला'

भाजपा विधायक राम कदम ने इस मुद्दे पर तुलनात्मक रूप से सतर्क प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता पहले शरद पवार के साथ एक ही एनसीपी में थे, लेकिन बाद में कुछ नेता अलग हो गए।

कदम ने स्पष्ट किया कि अब कौन-सी पार्टी किसके साथ जाना चाहती है, यह उनका आंतरिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।

गुरु प्रकाश पासवान का इंडी गठबंधन पर हमला

भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने एनसीपी विलय चर्चाओं को इंडी गठबंधन की कमज़ोरी से जोड़ते हुए कहा कि आज कोई भी इंडी गठबंधन में रहना नहीं चाहता। उनके अनुसार, गठबंधन में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है और नीतियों तथा नेतृत्व को लेकर स्पष्टता का अभाव है।

पासवान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीति परिवार के सदस्यों को बचाने और राजनीतिक अवसर तलाशने तक सिमट गई है। गौरतलब है कि इंडी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर पहले भी मतभेद सार्वजनिक होते रहे हैं।

ओपी राजभर — 'अकेले भाजपा से मुकाबला मुश्किल'

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अब एनसीपी के दोनों गुटों को यह समझ में आ गया है कि अकेले भाजपा का मुकाबला करना कठिन है। उन्होंने कहा कि यदि आपसी बातचीत के बाद दोनों गुट एक होने का फैसला करते हैं, तो यह उनके लिए सकारात्मक कदम होगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीतिक पुनर्संरचना पर चर्चाएँ जारी हैं। आने वाले हफ्तों में एनसीपी के दोनों गुटों के शीर्ष नेतृत्व का रुख और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इंडी गठबंधन की नींव और कमज़ोर होगी — ऐसे समय में जब 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू होने वाली है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीपी के दोनों गुटों के BJP में विलय की चर्चा कहाँ से शुरू हुई?
यह चर्चा महाराष्ट्र की राजनीतिक पुनर्संरचना के बीच सामने आई है, जहाँ भाजपा नेता मनमीत सिंह ने दावा किया कि शरद पवार ने भाजपा में शामिल होने और पार्टी विलय को लेकर बातचीत की है। अजित पवार गुट और शरद पवार गुट — दोनों की एनसीपी अलग-अलग अस्तित्व में हैं।
भाजपा का इस विलय पर आधिकारिक रुख क्या है?
भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि यह एनसीपी का आंतरिक फैसला है और भाजपा इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। हालाँकि, अन्य भाजपा नेताओं ने इस चर्चा को इंडी गठबंधन की कमज़ोरी से जोड़ते हुए सार्वजनिक बयान दिए।
इंडी गठबंधन पर भाजपा नेताओं ने क्या आरोप लगाए?
भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन में वर्चस्व की लड़ाई है, नीतियों और नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है, और विपक्षी दलों की राजनीति परिवार के सदस्यों को बचाने तक सीमित हो गई है।
ओपी राजभर ने एनसीपी विलय पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों को अब समझ आ गया है कि अकेले भाजपा से मुकाबला करना मुश्किल है। उनके अनुसार, यदि आपसी बातचीत के बाद दोनों गुट एकजुट होते हैं, तो यह उनके लिए सकारात्मक कदम होगा।
अजित पवार का एनसीपी-BJP संबंधों पर क्या प्रभाव था?
भाजपा नेता मनमीत सिंह के अनुसार, अजित पवार लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए थे और उनके निधन के कारण यह विलय पहले नहीं हो सका। यह दावा उन्होंने 7 नवंबर 2026 को किया।
राष्ट्र प्रेस
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