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क्या एनसीआर में वायु प्रदूषण ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक्यूआई 500 के करीब पहुंचा?

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क्या एनसीआर में वायु प्रदूषण ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक्यूआई 500 के करीब पहुंचा?

सारांश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। एक्यूआई 500 के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा के उपायों की अपील की है। जानें, इस स्थिति के पीछे के कारण और प्रशासन की रणनीतियाँ।

मुख्य बातें

एनसीआर में वायु प्रदूषण अत्यधिक बढ़ गया है।
एक्यूआई कई क्षेत्रों में 500 के करीब है।
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू किया गया है।
लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों का पालन करना चाहिए।
भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण ने पिछले कई दिनों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद सहित पूरे एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बेहद गंभीर श्रेणी में पहुँच गया है। कई इलाकों में एक्यूआई 450 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर यह 500 के करीब पहुंचता नजर आया।

प्रदूषण की भयावह स्थिति के कारण पूरा एनसीआर एक गैस चैंबर में तब्दील हो गया है। दिल्ली के हालात सबसे अधिक खराब हैं। दिल्ली के अधिकांश मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 461, अशोक विहार में 471, बवाना में 442, चांदनी चौक में 454, जहांगीरपुरी में 468, रोहिणी में 471, विवेक विहार में 472 और वजीरपुर में 473 दर्ज किया गया। आईटीओ क्षेत्र में 430, आर.के. पुरम में 439, सोनिया विहार में 467 और मंदिर मार्ग में 371 रहा। आईजीआई एयरपोर्ट (टी-3) क्षेत्र में भी एक्यूआई 339 दर्ज किया गया, जो खराब से गंभीर की श्रेणी में आता है।

नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। नोएडा में सेक्टर-62 में एक्यूआई 375, सेक्टर-1 में 439 और सेक्टर-116 में 422 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक्यूआई 433, लोनी में 476, संजय नगर में 389 और वसुंधरा में 457 रिकॉर्ड किया गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली से सटे शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, घने कोहरे और स्मॉग की मोटी चादर ने पूरे एनसीआर को सुबह से ही ढक रखा है। 19 जनवरी को सुबह के समय घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि आने वाले दिनों में भी मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। अधिक आर्द्रता और कम हवा की गति के कारण प्रदूषक वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

गंभीर प्रदूषण को देखते हुए एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का चरण-4 लागू कर दिया गया है। इसके तहत दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की सख्त जांच की जा रही है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को रोकने के साथ-साथ निर्माण गतिविधियों पर भी कड़ी पाबंदी लगाई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम में बदलाव नहीं हुआ और तेज हवाएं नहीं चलीं तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, मास्क का प्रयोग करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे हल करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। हमें अपनी बात रखने की आवश्यकता है, ताकि इस दिशा में आवश्यक सुधार हो सके।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर में एक्यूआई इतना खराब क्यों है?
एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण औद्योगिक गतिविधियाँ, निर्माण कार्य, और वाहनों से होने वाला प्रदूषण है।
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) क्या है?
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) एक योजना है जिसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है।
क्या लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए?
जी हां, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और मास्क का प्रयोग करें।
राष्ट्र प्रेस
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