16 जुलाई 2026
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एनडीए 150वीं पासिंग आउट परेड: सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी बोले — 'सेवा परमो धर्मः' ही असली मंत्र

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एनडीए 150वीं पासिंग आउट परेड: सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी बोले — 'सेवा परमो धर्मः' ही असली मंत्र

सारांश

पुणे में एनडीए के 150वें कोर्स की परेड महज एक रस्म नहीं थी — यह एक विदाई और एक नई पीढ़ी को सौंपी गई जिम्मेदारी थी। जनरल द्विवेदी ने 42 साल पहले इसी मैदान से कदम रखा था; आज उन्होंने उसी मैदान से अगली पीढ़ी को 'सेवा परमो धर्मः' का मंत्र थमाया।

मुख्य बातें

एनडीए 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड 30 मई 2026 को पुणे में आयोजित हुई।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण किया और 42 वर्षों के सैन्य अनुभव साझा किए।
जनरल द्विवेदी ने 'सेवा परमो धर्मः' को सैन्य जीवन का मूल मंत्र बताया।
12 मित्र देशों के 4 विदेशी कैडेट्स ने परेड में भाग लिया।
महिला कैडेट्स की सराहना करते हुए कहा — 'युद्ध और सेवा लिंग-निरपेक्ष होती है।' 'ऑपरेशन सिंधु' का हवाला देते हुए बदलते सुरक्षा परिदृश्य में राष्ट्रीय शक्ति के प्रदर्शन की आवश्यकता पर बल दिया।

पुणे में नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड 30 मई 2026 को भव्यता के साथ संपन्न हुई, जिसका निरीक्षण सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने पासआउट हो रहे कैडेट्स को अपने 42 वर्षों के सैन्य जीवन के अनुभव से प्रेरित संदेश दिया और 'सेवा परमो धर्मः' को इस पेशे का मूल मंत्र बताया।

परेड का मुख्य क्षण

जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा, '150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करते हुए आज का दिन मेरे लिए बेहद गौरवपूर्ण और व्यक्तिगत रूप से विशेष है। 42 साल पहले मैं इसी परेड ग्राउंड से गुजरा था। आज जब मैं अपनी वर्दी उतारने की तैयारी कर रहा हूँ और आप अपनी वर्दी पहनने जा रहे हैं, तो मैं पूरे यकीन से कह सकता हूँ कि एनडीए में जो शुरू होता है, वह जीवन भर आपके साथ रहता है।' सेना प्रमुख ने परेड कमांडर, सभी पुरस्कार विजेताओं और 'चीता स्क्वाड्रन' को विशेष बधाई दी।

वैश्विक भागीदारी और साझा मूल्य

इस परेड में 12 मित्र देशों से आए चार विदेशी कैडेट्स ने भी भाग लिया। जनरल द्विवेदी ने कहा कि अलग-अलग देशों से आए ये युवा एक ही मूल्यों और एक ही मिट्टी से जुड़कर जा रहे हैं — यह एनडीए की वैश्विक विरासत का प्रमाण है।

बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर चेतावनी

वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, 'आज खतरे वर्दी में या घोषित मोर्चे पर नहीं आते।' उन्होंने 'ऑपरेशन सिंधु' का हवाला देते हुए कहा कि इसने साबित किया है कि राष्ट्रीय शक्ति को किस सटीकता और दृढ़ता से प्रदर्शित किया जा सकता है। उन्होंने नए अधिकारियों को इन्हीं उच्च मानकों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

महिला कैडेट्स की उपलब्धि

जनरल द्विवेदी ने महिला कैडेट्स की सराहना करते हुए कहा, 'महिला कैडेट्स हर मानक पर खरी उतरी हैं। युद्ध और सेवा लिंग-निरपेक्ष होती है।' उन्होंने उनके परिवारों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनका समर्थन किया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका लगातार विस्तृत हो रही है।

नए अधिकारियों के लिए तीन सूत्र

सेना प्रमुख ने युवा अधिकारियों को तीन गुणों — रवैया (एटीट्यूड), अनुकूलनशीलता (एडेप्टेबिलिटी) और क्षमता (कॉम्पेटेंस) — पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने संयुक्तता पर भी जोर देते हुए कहा कि तीनों सेनाओं — थलसेना, नौसेना और वायुसेना — की एकता एनडीए की नींव है। प्रशिक्षकों और स्टाफ की मेहनत की सराहना करते हुए उन्होंने 'सेवा परमो धर्मः' को इस पूरे सफर का केंद्रीय संदेश बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बहु-आयामी और गैर-पारंपरिक खतरों के लिए तैयार रहना होगा। महिला कैडेट्स पर की गई टिप्पणी सशस्त्र बलों में समावेश की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है, लेकिन असली परीक्षा नीतिगत घोषणाओं से आगे, मैदानी भूमिकाओं में व्यावहारिक क्रियान्वयन की होगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए 150वीं पासिंग आउट परेड कब और कहाँ हुई?
एनडीए 150वीं पासिंग आउट परेड 30 मई 2026 को पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में आयोजित हुई। इसका निरीक्षण सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड में क्या संदेश दिया?
जनरल द्विवेदी ने 'सेवा परमो धर्मः' को सैन्य जीवन का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि 42 साल पहले वे खुद इसी परेड ग्राउंड से गुजरे थे और 'एनडीए में जो शुरू होता है, वह जीवन भर साथ रहता है।'
'ऑपरेशन सिंधु' का परेड में क्यों जिक्र किया गया?
सेना प्रमुख ने बदलते सुरक्षा परिदृश्य को समझाते हुए 'ऑपरेशन सिंधु' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसने साबित किया है कि राष्ट्रीय शक्ति को सटीकता और दृढ़ता से प्रदर्शित किया जा सकता है, और नए अधिकारियों को इन्हीं मानकों पर चलना होगा।
एनडीए परेड में महिला कैडेट्स के बारे में क्या कहा गया?
जनरल द्विवेदी ने महिला कैडेट्स की सराहना करते हुए कहा कि वे हर मानक पर खरी उतरी हैं और 'युद्ध और सेवा लिंग-निरपेक्ष होती है।' उन्होंने उनके परिवारों का भी आभार जताया।
एनडीए की पासिंग आउट परेड का क्या महत्व है?
एनडीए की पासिंग आउट परेड देश के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य कार्यक्रमों में से एक है। हर वर्ष इसमें सैकड़ों कैडेट थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी के रूप में शामिल होते हैं। 150वें कोर्स में 12 मित्र देशों के 4 विदेशी कैडेट्स भी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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