नीट परीक्षा से 72 घंटे पहले कोटा रैली पर BJP का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर लगाया साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने 17 जून को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि नीट पुनः परीक्षा से मात्र 72 घंटे पहले कोटा, राजस्थान में प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन आयोजित कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) जानबूझकर परीक्षार्थियों में भय और मानसिक तनाव फैला रही है। उन्होंने इसे 'सोची-समझी साज़िश' करार दिया।
मुख्य आरोप: परीक्षा से पहले छात्रों में भ्रम फैलाना
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'सिर्फ 3 दिन बाद फिर से नीट की परीक्षा होगी। एक तरफ सारे छात्र परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने पूरी सतर्कता के साथ इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न करने के लिए कमर कसी है।' उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र अंतिम 72 घंटों में तनावमुक्त होकर तैयारी करना चाहते हैं, तो उस समय इस प्रकार का आयोजन कर उनके मन में 'भय, तनाव और उत्तेजना' उत्पन्न करने की कोशिश क्यों की जा रही है।
त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि कोटा में गेस्ट हाउस और पीजी मालिकों पर दबाव डालकर छात्रों को रैली में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे 'टूलकिट माइंडसेट' बताया।
BJP के तीन सवाल कांग्रेस से
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के समक्ष तीन सीधे सवाल रखे। पहला — जब परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय हो चुका है और न्यायपालिका ने भी संज्ञान ले लिया है, तो अब वास्तव में क्या माँग की जा रही है? दूसरा — राजस्थान को ही प्रदर्शन स्थल के रूप में क्यों चुना गया, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान राजस्थान में 19 परीक्षा पेपर लीक हुए और एक भी मामले में कार्रवाई नहीं हुई? तीसरा — कोटा में गेस्ट हाउस एवं पीजी मालिकों को डराने-धमकाने की कथित खबरें क्यों आ रही हैं?
गौरतलब है कि त्रिवेदी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामले में 400 लोगों पर कार्रवाई की है और पिछले ढाई साल में राजस्थान में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।
राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत स्तर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'हमने माना कि आप छात्र जीवन में भी असफल रहे, जिस कंपनी में नौकरी की वहाँ भी असफल रहे, कंपनी चलाई वहाँ भी असफल रहे और नेता के रूप में भी असफल रहे। जो आपके मन में ईर्ष्या का भाव है, आज अपनी सफलता के लिए पूर्ण मनोयोग से तैयारी कर रहे छात्रों पर उसे उतारने का प्रयास न करें।'
पृष्ठभूमि: नीट विवाद और न्यायिक हस्तक्षेप
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब नीट परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों की चिंताएँ पहले से व्याप्त हैं और न्यायपालिका मामले की निगरानी कर रही है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक विवाद के और गहराने की संभावना है, खासकर तब जब नीट पुनः परीक्षा के परिणाम सामने आएँगे।