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नीट-यूजी पुनर्परीक्षा: पारदर्शिता के लिए मॉकड्रिल जरूरी, बिहार मंत्री संजय सिंह ने किया समर्थन

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नीट-यूजी पुनर्परीक्षा: पारदर्शिता के लिए मॉकड्रिल जरूरी, बिहार मंत्री संजय सिंह ने किया समर्थन

सारांश

नीट-यूजी विवाद के बाद पुनर्परीक्षा की तैयारियों के बीच बिहार मंत्री संजय सिंह ने मॉकड्रिल को जरूरी बताया — यह छात्रों का भरोसा बहाल करने की दिशा में सरकार का अहम कदम है।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री संजय सिंह ने 20 जून को पटना में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए मॉकड्रिल का समर्थन किया।
मॉकड्रिल का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर छात्रों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं।
जनता दरबार में भूमि विवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न समस्याएं उठाई गईं।
मंत्री ने चिराग पासवान को स्वर्गीय रामविलास पासवान की जन-सेवा परंपरा का उत्तराधिकारी बताया।
भीषण गर्मी के मद्देनज़र राज्य सरकार ने सतर्कता बरतने और निरंतर निगरानी का आश्वासन दिया।

बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले आयोजित की जा रही मॉकड्रिल का पुरज़ोर समर्थन करते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। पटना में 20 जून को जनता दरबार कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें छात्रों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं।

मॉकड्रिल का उद्देश्य और महत्व

मंत्री संजय सिंह ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को पहले से रोकने के लिए मॉकड्रिल जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार चाहती है कि विद्यार्थी निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में परीक्षा दें और संतोष के साथ घर लौटें। यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में परीक्षा प्रणाली को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।

प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता पर जोर

संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा इस बात को लेकर संवेदनशील रहते हैं कि देश की जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार का उद्देश्य युवाओं को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं के बाद पुनर्परीक्षा की माँग लंबे समय से उठ रही थी।

जनता दरबार में उमड़ी समस्याएँ

पटना में आयोजित जनता दरबार में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। इनमें भूमि विवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनसरोकार से जुड़े मामले प्रमुख रूप से शामिल रहे। मंत्री ने बताया कि लोगों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुँचाया जा रहा है और उनके त्वरित निराकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

चिराग पासवान और रामविलास पासवान की विरासत

संजय सिंह ने स्वर्गीय रामविलास पासवान को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते थे। उन्होंने कहा कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहते हैं। यही कारण है कि जनता दरबार जैसे आयोजनों पर जनता का विश्वास बना हुआ है।

गर्मी से राहत के लिए सरकार सतर्क

भीषण गर्मी के मौसम को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने बताया कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं और स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है। सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि गर्मी के दौरान आम जनता को आवश्यक सेवाएं बाधारहित मिलती रहें। आगे सरकार की कोशिश होगी कि नीट-यूजी पुनर्परीक्षा निर्विघ्न संपन्न हो और छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली में बहाल हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मॉकड्रिल जैसे कदम भरोसा बहाल करने की दिशा में सकारात्मक हैं — लेकिन यह पर्याप्त नहीं। असली चुनौती यह है कि जिन केंद्रों पर कथित अनियमितताएं हुईं, उनकी जवाबदेही तय हो और पुनर्परीक्षा की निगरानी स्वतंत्र एजेंसी से हो। मंत्री का बयान आश्वस्त करने वाला है, परंतु मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछ रही कि मॉकड्रिल के परिणामों का मूल्यांकन कौन करेगा और यदि कमियाँ मिलीं तो जवाबदेह कौन होगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए मॉकड्रिल क्यों जरूरी है?
मॉकड्रिल का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को पहले से परखना और किसी भी अव्यवस्था को रोकना है। बिहार मंत्री संजय सिंह के अनुसार, इससे परीक्षा प्रक्रिया सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी और छात्रों को निष्पक्ष माहौल मिलेगा।
बिहार मंत्री संजय सिंह ने नीट-यूजी पर क्या कहा?
संजय सिंह ने 20 जून को पटना में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें छात्रों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने मॉकड्रिल को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने का जरूरी कदम बताया।
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में छात्रों के लिए क्या व्यवस्थाएं की जा रही हैं?
सरकार परीक्षा केंद्रों पर मॉकड्रिल आयोजित कर व्यवस्थाओं की जाँच कर रही है। लक्ष्य यह है कि छात्रों को सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण मिले और वे बिना किसी कठिनाई के परीक्षा दे सकें।
पटना जनता दरबार में किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
20 जून को पटना में आयोजित जनता दरबार में बिहार के विभिन्न जिलों से लोग भूमि विवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनसरोकार से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुँचे। सरकार ने इन समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुँचाकर त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
चिराग पासवान का जनता दरबार से क्या संबंध है?
मंत्री संजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान की जन-सेवा परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद रहते हुए भी चिराग पासवान ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और समाधान के प्रयास किए।
राष्ट्र प्रेस
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