नेहरू का देश-निर्माण रिकॉर्ड अटूट, मोदी के लंबे कार्यकाल में उपलब्धि शून्य : सपा प्रवक्ता फखरुल हसन
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने 6 जून 2026 को लखनऊ में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही 10 जून को जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल की अवधि को पीछे छोड़कर सबसे लंबे समय तक पद पर रहने का रिकॉर्ड बना लें, लेकिन देश को बनाने और काम करने का रिकॉर्ड नेहरू के नाम ही रहेगा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि सरकार ने 2014 में किए गए वादे पूरे नहीं किए।
मुख्य बयान : कार्यकाल लंबा, उपलब्धि नहीं
फखरुल हसन ने कहा, 'रिकॉर्ड तो बनाएं लेकिन काम करने और देश को बनाने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम ही रहेगा।' उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने 2014 में रोज़गार और महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर जनता को राहत देने का वादा किया था, लेकिन आज सरकार हर मोर्चे पर विफल है। सपा प्रवक्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल भले सबसे लंबा होगा, पर उपलब्धि कोई नहीं है।
परिवारवाद पर भाजपा को घेरा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर परिवारवाद के आरोपों पर सपा प्रवक्ता ने इसे कांग्रेस का निजी फैसला बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के कई मंत्री स्वयं परिवारवाद के उदाहरण हैं, इसलिए भाजपा को इस विषय पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
बंगाल हिंसा और इंडिया गठबंधन
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी की बैठक में TMC के 6 सांसदों के शामिल होने पर फखरुल हसन ने कहा कि बंगाल में पुलिस के सामने सांसद पर जिस तरह हमला हुआ, उससे सांसद डरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बंगाल में बदले की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा इंडिया गठबंधन के साथ है।
जीडीपी आंकड़ों पर सवाल, महंगाई का मुद्दा
भारत की 7.8 फीसदी जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़ों पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि रुपया लगातार गिर रहा है और महंगाई लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, भाजपा सिर्फ आंकड़ेबाजी करती है और सरकार ने जनता को महंगाई के दलदल में धकेल दिया है।
परिसीमन, एक राष्ट्र-एक चुनाव और पेपर लीक पर रुख
फखरुल हसन ने परिसीमन और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर भाजपा की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन अब परिसीमन को लेकर भाजपा अलग एजेंडा चला रही है। उनके अनुसार, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का उद्देश्य क्षेत्रीय दलों को कमज़ोर करना है और सपा ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करेगी। पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच चलना यह दर्शाता है कि सरकार की जांच पर भरोसा नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और अभ्यर्थियों का भाजपा सरकार पर से विश्वास उठता जा रहा है।