नेपाल बाढ़ में पूर्वी चंपारण के एक ही परिवार के 5 सदस्य लापता, मोतिहारी के लाला छपरा गांव में पसरा मातम
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई भीषण बाढ़ की चपेट में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर प्रखंड के लाला छपरा गांव का एक परिवार भी आ गया है। 29 अगस्त को मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बुधन शाह की पत्नी, तीन बेटियाँ और दो वर्षीय नातिन — कुल पाँच सदस्य — नेपाल में बाढ़ के तेज बहाव में बहकर लापता हो गए हैं। परिजन उनकी सलामती की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कैसे हुई यह त्रासदी
बुधन शाह का परिवार पिछले करीब चार वर्षों से नेपाल में रहकर कबाड़ खरीदने और मजदूरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी संध्या अपनी दो वर्षीय बच्ची आयुषी को लेकर अपनी माँ मानती देवी से मिलने आई थीं। इसी दौरान नेपाल में भीषण बाढ़ आई और मकान में मौजूद मानती देवी, तीन बेटियाँ — संध्या, आशा और रूपा — तथा नातिन आयुषी तेज पानी की चपेट में आकर लापता हो गईं।
हादसे के वक्त बुधन शाह और उनके दो बेटे घर से बाहर थे, जिस कारण वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
गांव में चिंता और मातम का माहौल
घटना की सूचना मिलते ही लाला छपरा गांव में परिजनों और ग्रामीणों में गहरी चिंता और शोक का माहौल छा गया। नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों में नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएँ बाधित होने के कारण परिजनों का संपर्क भी टूट गया है, जिससे परिवार की बेचैनी और अधिक बढ़ गई है।
उत्तर बिहार पर मँडरा रहा खतरा
नेपाल में हुई तबाही का असर उत्तर बिहार पर भी पड़ रहा है। कोशी बैराज पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि नेपाल की दो दर्जन नदियों से उत्तर बिहार को बड़ा खतरा हो सकता है।
बिहार में फिलहाल कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा नदी का जलस्तर पटना में 65 सेंटीमीटर, हाथीदह में 70 सेंटीमीटर और भागलपुर व कहलगांव में 81 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। बागमती और कोशी नदियाँ भी उफान पर हैं।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल और उत्तर बिहार दोनों जगह बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। लापता परिवार के सदस्यों की तलाश के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि हर मानसून में नेपाल से आने वाली बाढ़ उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए बड़ी आपदा बन जाती है — और पूर्वी चंपारण इस सूची में हमेशा सबसे ऊपर रहता है।