नेपाल बाढ़ त्रासदी: 'पूरा परिवार बह गया, बस चाय पीने निकला था इसलिए बचा' — नुवाकोट से दिल दहलाने वाली गवाही
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के नुवाकोट जिले में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने एक परिवार को पूरी तरह निगल लिया — माँ, पिता, बहन और बहन का बेटा, सभी कुछ ही सेकेंड में बह गए। परिवार का एकमात्र जीवित सदस्य केवल इसलिए बचा क्योंकि वह उस वक्त घर से बाहर चाय पीने निकला था। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार इस आपदा में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,498 लोग लापता हैं।
एक परिवार की मिटती कहानी
नुवाकोट जिले के तुलाराम गुरमिर ने अपने चचेरे भाई को सांत्वना देते हुए इस दुखद घटना का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया, 'वह मेरी मौसी का बेटा है। उसका पूरा परिवार बह गया। परिवार में जो भी था, सब बह गए — उसकी माँ, पिता, बहन, बहन का बेटा। बस वह बाल-बाल बचा, क्योंकि वह चाय पीने के लिए बाहर निकला था।'
गुरमिर ने आगे बताया कि जैसे ही उनके भाई ने ज़मीन खिसकते देखी, वह परिवार को सचेत करने के लिए भागा — लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनके अनुसार, 'उनके घर से लेकर रोज़ी-रोटी तक, परिवार से जुड़ी हर चीज़ बह गई है।' गुरमिर ने बताया कि उनका भाई अभी बोलने की हालत में भी नहीं है।
काठमांडू में परिवारों की बेबस प्रतीक्षा
बाढ़ पीड़ितों के परिजन काठमांडू स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के महाराजगंज मेडिकल कैंपस के पोस्टमॉर्टम ब्लॉक के बाहर जमा हो गए। अस्पताल के मुर्दाघर में पीड़ितों की पहचान संबंधी पोस्टर लगाए गए थे और परिजन हर अपडेट का इंतज़ार कर रहे थे।
एक पीड़ित के परिजन ने बताया, 'सुरक्षाकर्मियों ने हमें कुछ देर इंतज़ार करने को कहा, फिर हम शव की पहचान करके उसे अंतिम संस्कार के लिए ले जाएंगे।' जनकपुर जिले से आए एक लापता सेना अधिकारी के भाई मुर्दाघर के बाहर उनकी तस्वीर थामे खड़े थे।
लापता लोगों से संपर्क टूटा
एक अन्य लापता व्यक्ति के रिश्तेदार ने बताया, 'हमने आखिरी बार उनसे बुधवार सुबह लगभग 8:45 बजे बात की थी। उसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। हम अभी भी कॉल कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। अधिकारी कह रहे हैं कि वे जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। वह जीवित हैं या नहीं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।'
आपदा का आधिकारिक आँकड़ा
NDRRMA के आँकड़ों के अनुसार 26 अगस्त को आई इस भीषण बाढ़ में अब तक 734 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव दल अभी भी समय से होड़ लगाते हुए संभावित जीवितों की तलाश में जुटे हैं।
आगे की राह
यह आपदा नेपाल के हाल के वर्षों की सबसे विनाशकारी बाढ़ों में से एक बन गई है। बचाव और राहत अभियान जारी है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों में पहुँचना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मृतकों और लापता लोगों की संख्या में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।