नीतीश कुमार बोले — मोदी का सबसे लंबे PM बनना भारतीय लोकतंत्र की ताकत का प्रमाण
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने 10 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस ऐतिहासिक उपलब्धि को लोकतंत्र की अदम्य शक्ति का प्रमाण बताया, जब मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने। नीतीश ने एक लेख में लिखा कि साधारण पृष्ठभूमि से उठकर देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुँचने वाले मोदी लाखों युवा भारतीयों के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत हैं।
लोकतंत्र और नेतृत्व पर नीतीश का नजरिया
नीतीश कुमार ने अपने लेख में कहा कि दशकों तक यह धारणा बनी रही कि देश के सर्वोच्च पद केवल विशेषाधिकार प्राप्त या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में जन्मे लोगों के लिए आरक्षित हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की जीवन-यात्रा ने इस धारणा को सीधी चुनौती दी है और यह सिद्ध किया है कि एक जीवंत लोकतंत्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और क्षमता जन्म व परिस्थितियों से उत्पन्न हर बाधा को पार कर सकती है।
नीतीश ने यह भी कहा कि भारत जैसे विशाल और प्रतिस्पर्धी लोकतंत्र में जनता का भरोसा अर्जित करना कठिन है और उसे बनाए रखना उससे भी अधिक दुष्कर। फिर भी, लगातार राजनीतिक खींचतान और जन-समीक्षा के बावजूद मोदी ने यह विश्वास कायम रखा है। उन्होंने कहा, 'लोकतांत्रिक राजनीति में यह एक नया मानदंड है।'
आपातकाल की पीढ़ी का साझा अनुभव
नीतीश कुमार ने लिखा कि वे और प्रधानमंत्री मोदी एक ही पीढ़ी से हैं, जिसकी राजनीतिक चेतना आपातकाल के दौर में आकार ग्रहण कर रही थी। उन्होंने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं पर हुए आघात को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उन्हें पुनर्स्थापित करने वाले आंदोलन में भाग लिया। वह संघर्ष सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में हमारी समझ को आकार दिया।'
सामाजिक कल्याण और गरीबी उन्मूलन
नीतीश कुमार ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए मोदी सरकार के निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन पर विशेष ध्यान देने के कारण एनडीए सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सहायता की है। शौचालय, बैंक खाते, आवास, गैस कनेक्शन, नल का जल और स्वास्थ्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएँ करोड़ों लोगों तक पहुँची हैं।
मुख्यमंत्री के रूप में अपने लंबे अनुभव का हवाला देते हुए नीतीश ने कहा कि सिर्फ अच्छी नीयत काफी नहीं होती — प्रभावी क्रियान्वयन उतना ही अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'नीतिगत निर्णयों को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए लगातार निगरानी, सुधार, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सूक्ष्म स्तर तक ध्यान देना जरूरी होता है।'
बिहार के विकास और वैश्विक मंच पर भारत
नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी बिहार की अनोखी संस्कृति और परंपराओं का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को राज्य से मखाना, मधुबनी पेंटिंग और अन्य उत्पाद भेंट करके वैश्विक मंच पर बिहार की विरासत को प्रस्तुत किया है।'
वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख का उल्लेख करते हुए नीतीश ने कहा कि अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और स्वास्थ्य जैसे मामलों में भारत की बात का अब सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है। उन्होंने जोड़ा, 'अलग-अलग देशों और समूहों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखते हुए पीएम मोदी हमेशा शांति और प्रगति के पक्ष में खड़े रहे हैं। 21वीं सदी में वैश्विक विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में दुनिया अब भारत की ओर आशा से देखती है।'
नीतीश ने मोदी की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति, संस्थागत सुधारों, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव, वंदे भारत जैसी नई ट्रेनों की शुरुआत और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके सफल कार्यकाल का भी उल्लेख किया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में है और एनडीए गठबंधन की एकजुटता राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बिंदु बनी हुई है।