15 सितंबर 2026
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नोएडा एलिवेटेड रोड पर 20 फीट चौड़ा, 10 फीट गहरा गड्ढा; सेक्टर-61 से सेक्टर-18 मार्ग की सुरक्षा पर सवाल

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नोएडा एलिवेटेड रोड पर 20 फीट चौड़ा, 10 फीट गहरा गड्ढा; सेक्टर-61 से सेक्टर-18 मार्ग की सुरक्षा पर सवाल

सारांश

नोएडा के व्यस्ततम एलिवेटेड रोड पर 20 फीट चौड़ा, 10 फीट गहरा गड्ढा बनने से बड़ा हादसा टल गया। करोड़ों की लागत वाले इस मार्ग की संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल उठे हैं और नोएडा अथॉरिटी ने जाँच के आदेश दिए हैं।

मुख्य बातें

नोएडा के सेक्टर-61 से सेक्टर-18 के बीच बने एलिवेटेड रोड पर 15 सितंबर 2026 को अचानक सड़क धंस गई।
गड्ढा करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा बना; घटना के समय कोई वाहन गड्ढे में गिरने की सूचना नहीं मिली।
यह पाँच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड नोएडा को गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और डीएनडी मार्ग से जोड़ता है।
नोएडा अथॉरिटी ने तकनीकी, संरचनात्मक और जल निकासी से जुड़े कारणों की जाँच के आदेश दिए।
स्थानीय निवासियों ने पूरे एलिवेटेड रोड की व्यापक तकनीकी जाँच की माँग की है।

नोएडा के अत्यधिक व्यस्त सेक्टर-61 से सेक्टर-18 के बीच बने एलिवेटेड रोड पर मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को अचानक सड़क धंस गई, जिससे करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस महत्वपूर्ण मार्ग पर हुई इस घटना ने निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव की व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

घटना के समय, अधिकारियों के अनुसार, किसी वाहन के गड्ढे में गिरने की सूचना सामने नहीं आई और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सूचना मिलते ही नोएडा अथॉरिटी की टीम मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित हिस्से को तत्काल घेरकर यातायात के लिए सुरक्षित उपाय किए गए।

यह पाँच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड नोएडा की यातायात व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह मार्ग नोएडा के विभिन्न सेक्टरों को गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, 7एक्स सेक्टर की आवासीय सोसाइटियों और दिल्ली की ओर जाने वाले डीएनडी मार्ग से जोड़ता है।

नोएडा अथॉरिटी की प्रतिक्रिया

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि सड़क धंसने की घटना की जाँच कराई जा रही है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर ही धंसने के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी पहलुओं की भी जाँच की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा सामने न आए।

जाँच में यह भी देखा जाएगा कि एलिवेटेड रोड के निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी खामी, संरचनात्मक समस्या, जल निकासी की कमी या अन्य कोई कारण तो ज़िम्मेदार नहीं है।

आम जनता और वाहन चालकों पर असर

स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के अनुसार इस एलिवेटेड रोड से रोज़ाना लाखों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। उनका कहना है कि यदि सड़क धंसने के दौरान कोई वाहन वहाँ से गुजर रहा होता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में एलिवेटेड रोड की सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है।

लोगों ने माँग की है कि नोएडा अथॉरिटी केवल इस गड्ढे की मरम्मत तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे एलिवेटेड रोड की व्यापक तकनीकी जाँच कराई जाए। उनका तर्क है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए महत्वपूर्ण मार्गों की नियमित निगरानी और संरचनात्मक परीक्षण अनिवार्य होना चाहिए।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

यह ऐसे समय में हुआ है जब शहरी बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता और रखरखाव पहले से ही जाँच के दायरे में है। गौरतलब है कि एलिवेटेड रोड जैसी संरचनाओं पर भारी यातायात का दबाव रहता है, और किसी भी संरचनात्मक कमज़ोरी का देर से पता लगना गंभीर परिणाम दे सकता है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे हादसे नियमित तकनीकी ऑडिट की अनिवार्यता को रेखांकित करते हैं।

क्या होगा आगे

नोएडा अथॉरिटी की जाँच टीम धंसने के कारणों की पड़ताल कर रही है और जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि संरचनात्मक, तकनीकी और जल निकासी से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच की जाएगी। जाँच के निष्कर्ष न केवल इस हादसे के कारण स्पष्ट करेंगे, बल्कि आने वाले समय में इस मार्ग की सुरक्षा की दिशा भी तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बड़े शहरी बुनियादी ढाँचे की नियमित ऑडिट की अनदेखी का संकेत है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए मार्गों पर नियमित संरचनात्मक परीक्षण का कोई सार्वजनिक ढाँचा न होना उस व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है जहाँ निर्माण के बाद रखरखाव की जवाबदेही धुंधली पड़ जाती है। जब तक जाँच रिपोर्ट में ज़िम्मेदारी स्पष्ट नहीं होती और दोषी एजेंसी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आश्वासन कि 'भविष्य में ऐसा नहीं होगा' खोखला रहेगा।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा एलिवेटेड रोड पर गड्ढा कहाँ और कब बना?
यह गड्ढा नोएडा के सेक्टर-61 से सेक्टर-18 के बीच बने एलिवेटेड रोड पर 15 सितंबर 2026 को मंगलवार को बना। गड्ढा करीब 20 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा बताया गया है।
क्या इस घटना में कोई हताहत हुआ?
अधिकारियों के अनुसार घटना के समय कोई वाहन गड्ढे में गिरने की सूचना नहीं मिली और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालाँकि यह संयोग से बचा हादसा माना जा रहा है, क्योंकि इस मार्ग पर दिनभर भारी यातायात रहता है।
नोएडा अथॉरिटी इस मामले में क्या कर रही है?
नोएडा अथॉरिटी ने घटना की जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच में तकनीकी खामी, संरचनात्मक समस्या और जल निकासी से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जाएगा। जाँच रिपोर्ट के आधार पर सड़क धंसने के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।
यह एलिवेटेड रोड कितना महत्वपूर्ण है और इससे कौन-से क्षेत्र जुड़े हैं?
यह पाँच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड नोएडा के विभिन्न सेक्टरों को गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, 7एक्स सेक्टर की सोसाइटियों और दिल्ली की ओर जाने वाले डीएनडी मार्ग से जोड़ता है। इस पर रोज़ाना लाखों की संख्या में वाहन गुजरते हैं।
स्थानीय निवासियों की क्या माँग है?
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने माँग की है कि नोएडा अथॉरिटी केवल इस गड्ढे की मरम्मत तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे एलिवेटेड रोड की व्यापक तकनीकी जाँच कराई जाए। उनका कहना है कि करोड़ों की लागत वाले मार्गों की नियमित निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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