नोएडा में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश: सागर यादव और सोनू कुमार गिरफ्तार, 6 बाइक व तमंचा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के एक्सप्रेस-वे थाने की पुलिस ने 16 सितंबर 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। छपरौली टी-प्वाइंट, सेक्टर-168, नोएडा से दो संदिग्धों को दबोचा गया और उनके कब्जे व निशानदेही पर चोरी की छह मोटरसाइकिलें, वारदात में इस्तेमाल की गई एक आई-10 कार, एक आईफोन 13 प्रो, ₹1,300 नकद तथा अवैध हथियार बरामद किए गए।
गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान सागर यादव (पुत्र हरी बाबू, मोहल्ला लोधीनगर, कस्बा व थाना छर्रा, अलीगढ़, वर्तमान पता — ग्राम वाजिदपुर, सेक्टर-135, नोएडा, उम्र करीब 21 वर्ष) और सोनू कुमार (पुत्र सोनपाल सिंह, कुंडा चौराहे के पास, थाना कुंडा, काशीपुर, ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड, वर्तमान पता — ग्राम वाजिदपुर, सेक्टर-135, नोएडा, उम्र करीब 25 वर्ष) के रूप में की है।
दोनों आरोपी फिलहाल नोएडा के सेक्टर-135 में एक ही पते पर रह रहे थे, जो पुलिस की दृष्टि से उल्लेखनीय है और गिरोह की समन्वित कार्यप्रणाली को उजागर करता है।
मुख्य घटनाक्रम और मोडस ऑपरेंडी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले आई-10 कार से लक्षित इलाके में घूमकर पार्क की गई मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर चोरी को अंजाम दिया जाता था।
चोरी की बाइकों को तत्काल बेचने की बजाय सुनसान स्थानों और झाड़ियों में छिपा दिया जाता था और बाद में उन्हें सस्ते दामों पर बेचकर अवैध कमाई की जाती थी। बरामद हुई सभी छह मोटरसाइकिलें हीरो स्प्लेंडर मॉडल की हैं — एक ऐसा ब्रांड जो देशभर में वाहन चोरों का सबसे पसंदीदा लक्ष्य रहा है।
बरामद सामग्री का विवरण
पुलिस के अनुसार, सागर यादव के कब्जे से आईफोन 13 प्रो, ₹1,300 नकद, एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस (.315 बोर) बरामद हुए। सोनू कुमार के पास से एक अवैध चाकू मिला।
पुलिस ने सभी बरामद वाहनों के चेसिस और इंजन नंबर दर्ज कर लिए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई आई-10 कार भी जब्त कर ली गई है।
आगे की जाँच
नोएडा पुलिस अब बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों से मिलान कर रही है। साथ ही दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और इस गिरोह से जुड़े संभावित अन्य सदस्यों की भी पड़ताल जारी है।
यह मामला दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती संगठित वाहन चोरी की प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ गिरोह सुनियोजित रेकी, छुपाने के ठिकानों और अवैध हथियारों की मदद से काम करते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच के दायरे के विस्तार के साथ और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।