16 सितंबर 2026
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 'स्वच्छ सेवा आकलन' ढाँचे का शुभारंभ किया

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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 'स्वच्छ सेवा आकलन' ढाँचे का शुभारंभ किया

सारांश

पेयजल और स्वच्छता विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के तहत 'स्वच्छ सेवा आकलन' लॉन्च किया — यह पहला वार्षिक डिजिटल ढाँचा है जो ग्राम पंचायतों को अपनी स्वच्छता सेवाओं का स्व-मूल्यांकन करने और जमीनी सुधार की राह तय करने में सक्षम बनाएगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 15 सितंबर 2026 को वर्चुअल बैठक में 'स्वच्छ सेवा आकलन' (एसएसए) का शुभारंभ किया।
एसएसए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर का वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढाँचा है।
ओडीएफ प्लस (मॉडल) ग्राम पंचायतें ओडीएफ की स्थिरता, दृश्य स्वच्छता और एसएलडब्ल्यूएम की स्थिति का आकलन करेंगी।
निष्कर्षों का ग्राम सभा में सत्यापन होगा और डीडब्ल्यूएसएम/एसडब्ल्यूएसएम बैठकों में समीक्षा की जाएगी।
यह ढाँचा 73वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 15 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित एक वर्चुअल बैठक में 'स्वच्छ सेवा आकलन' (एसएसए) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढाँचा पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत तैयार किया गया है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं की निगरानी और आकलन को ज़मीनी स्तर तक ले जाना है।

मुख्य घटनाक्रम

वर्चुअल बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित रहे। इसके अलावा राज्यों के ग्रामीण स्वच्छता प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मिशन निदेशक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन 2014 में शुरू हुआ था और इसका दूसरा चरण (2.0) 2021 में लॉन्च किया गया था। एसएसए इस मिशन के अंतर्गत पहला वार्षिक ग्राम पंचायत स्तरीय डिजिटल आकलन तंत्र है।

एसएसए ढाँचा क्या है

स्वच्छ सेवा आकलन (एसएसए) एक बहुस्तरीय, वार्षिक और पूर्णतः डिजिटल स्व-मूल्यांकन प्रणाली है। इसमें ग्राम पंचायतों, ग्राम सभाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी) के साथ-साथ जिला और राज्य स्तर के अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

ओडीएफ प्लस (मॉडल) घोषित ग्राम पंचायतें, अपनी वीडब्ल्यूएससी और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर ओडीएफ की स्थिरता, दृश्य स्वच्छता और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) की स्थिति का आकलन करेंगी। स्वच्छता संसाधनों की कार्यक्षमता तथा संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) की स्थिति का भी इसमें स्व-मूल्यांकन होगा।

निष्कर्षों का सत्यापन और समीक्षा

आकलन के निष्कर्षों पर संबंधित ग्राम सभा द्वारा चर्चा और सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ये जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (एसडब्ल्यूएसएम) की बैठकों में समीक्षा के लिए अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

इससे अधिकारी सेवा वितरण में आ रही कमियों की पहचान कर अपनी-अपनी सुधार योजनाएँ तैयार कर सकेंगे और जमीनी स्तर पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कर सकेंगे।

संवैधानिक भावना और पंचायती राज

73वें संविधान संशोधन अधिनियम की भावना के अनुरूप, एसएसए ढाँचे का उद्देश्य ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को अपनी उपलब्धियों की स्वयं समीक्षा करने और सुधार के लिए केंद्रित प्रयास करने हेतु सशक्त बनाना है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण स्वच्छता में स्थायित्व और व्यवहार परिवर्तन सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है।

आगे क्या

एसएसए के अंतर्गत निष्कर्ष और सुधार योजनाएँ नियमित रूप से जिला और राज्य स्तर पर समीक्षा के लिए उपलब्ध होंगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस डिजिटल आकलन प्रणाली को ज़मीन पर किस प्रकार लागू करते हैं और स्वच्छता सेवाओं में सुधार कितनी तेज़ी से आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एसएसए के निष्कर्ष केवल कागज़ी प्रगति बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ सेवा आकलन (एसएसए) क्या है?
स्वच्छ सेवा आकलन (एसएसए) पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत विकसित एक वार्षिक, ग्राम पंचायत स्तरीय डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढाँचा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं के वितरण की निगरानी और आकलन करना है।
एसएसए का शुभारंभ किसने और कब किया?
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 15 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित एक वर्चुअल बैठक में एसएसए का शुभारंभ किया। बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित थे।
एसएसए में किन पहलुओं का आकलन किया जाएगा?
एसएसए के तहत ओडीएफ की स्थिरता, दृश्य स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) की स्थिति, स्वच्छता संसाधनों की कार्यक्षमता और संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) की स्थिति का स्व-मूल्यांकन किया जाएगा। आकलन के निष्कर्षों को ग्राम सभा में सत्यापित किया जाएगा।
एसएसए से ग्राम पंचायतों को क्या फायदा होगा?
एसएसए ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को अपनी स्वच्छता उपलब्धियों की स्वयं समीक्षा करने और कमियों की पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई करने में सक्षम बनाएगा। यह 73वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास है।
एसएसए के निष्कर्षों की समीक्षा कैसे होगी?
आकलन के निष्कर्षों पर ग्राम सभा द्वारा चर्चा और सत्यापन के बाद ये जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (एसडब्ल्यूएसएम) की बैठकों में समीक्षा के लिए उपलब्ध होंगे। इससे अधिकारी सेवा वितरण में कमियों की पहचान कर सुधार योजनाएँ तैयार कर सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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