चाईबासा में 61 मवेशी जब्त: ओडिशा से बूचड़खाने लाए जा रहे थे, पुलिस ने गौशाला भेजा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी सिंहभूम जिले की चाईबासा पुलिस ने 2 नवंबर 2026 की देर रात कथित पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 61 मवेशियों को मुक्त कराया। ये मवेशी कथित तौर पर ओडिशा से लाए जा रहे थे और चाईबासा के एक बूचड़खाने में वध के लिए ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने सभी मवेशियों को सुरक्षित चाईबासा की गौशाला में पहुँचा दिया है और मामले की जाँच जारी है।
कैसे हुई कार्रवाई
सिंहपोखरिया के पास झाड़ियों के रास्ते मवेशी ले जाते लोगों को एक स्थानीय ग्रामीण ने देखा, जो चाईबासा से झींकपानी लौट रहा था। गतिविधियाँ संदिग्ध लगने पर उसने जानकारी जुटाई और पता चला कि मवेशियों को ओडिशा से लाया गया है तथा चाईबासा के एक बूचड़खाने की ओर ले जाया जा रहा है।
ग्रामीण ने बिना देर किए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीण ने संदिग्धों पर नज़र बनाए रखी और उनकी लोकेशन से पुलिस को अपडेट करता रहा।
मुख्य घटनाक्रम
सूचना मिलते ही एसपी अमित रेणु ने चाईबासा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष दल गठित किया। टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टेकराहातु इलाके में घेराबंदी की। सोमवार रात 11:30 बजे पुलिस दल मौके पर पहुँचा और सभी 61 मवेशियों को अपने कब्जे में ले लिया।
हालाँकि, मवेशियों को ले जा रहे लोगों की गिरफ्तारी और उनकी पहचान के बारे में अधिकारियों ने अभी तक विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
जाँच का दायरा
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को ओडिशा से झारखंड किस रास्ते लाया गया और इस कथित तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन से लोग शामिल हैं। साथ ही, यह भी जाँचा जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं।
गौरतलब है कि ओडिशा-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्रों में पशु तस्करी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जो इस मामले को और गंभीर बनाती हैं।
मवेशियों की स्थिति
जब्त किए गए सभी 61 मवेशी फिलहाल चाईबासा की गौशाला में सुरक्षित रखे गए हैं। अधिकारियों ने उनकी देखभाल के इंतजाम किए हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगी।
यह मामला अंतर्राज्यीय पशु तस्करी नेटवर्क की संभावित सक्रियता की ओर संकेत करता है, और पुलिस को उम्मीद है कि जाँच में जल्द ही महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे।