16 जुलाई 2026
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ओडिशा: क्योंझर में हुई हत्या के मामले में तीन दोषियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

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ओडिशा: क्योंझर में हुई हत्या के मामले में तीन दोषियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

सारांश

ओडिशा के क्योंझर जिले में एक हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हत्या की घटना 2022 में हुई थी, जब आरोपी ने मृतक पर बर्बर हमला किया।

मुख्य बातें

आजीवन कारावास की सजा 10,000 रुपए का जुर्माना पुरानी दुश्मनी के कारण हत्या पुलिस की सख्त कार्रवाई अदालत का न्यायिक निर्णय

भुवनेश्वर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के क्योंझर जिले की जिला एवं सत्र अदालत ने बुधवार को 2022 में घटित एक हत्या मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

दोषियों की पहचान उत्तम कुमार महाकुड, उपेन्द्र कुमार बेहेरा और नवकिशोर महाकुड के रूप में हुई है। उन्हें 10,000 रुपए का जुर्माना भी देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि वे जुर्माना नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें एक वर्ष की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

मृतक, मायाधर बेहेरा, की उम्र 48 वर्ष थी, और सभी आरोपी क्योंझर जिले के कडाकला गांव के निवासी थे। मायाधर ने कडाकला गांव के बाजार में एक चिकन और अंडे की दुकान खोली थी।

जनरल प्रॉसिक्यूटर प्रदीप कुमार दास ने बताया, "26 फरवरी 2022 को शाम लगभग 8 बजे, आरोपी उत्तम महाकुड मृतक की दुकान पर पहुंचा, जहां दोनों के बीच कुछ पुराने मुद्दों को लेकर तीखी बहस हुई। उत्तम गुस्से में आधे घंटे बाद घर गया और फिर नवकिशोर महाकुड और उपेन्द्र बेहेरा के साथ लौट आया।"

उन्होंने आगे बताया कि उपेन्द्र, मृतक के प्रति पुरानी दुश्मनी के कारण नाराज था। हथियारों से लैस होकर, उन्होंने मृतक की दुकान पर आक्रमण किया और उस पर बर्बर हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

आरोपी वहां से भाग गए, जबकि मृतक का शरीर खून में लथपथ पड़ा था। मृतक के बड़े भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

पुलिस ने अगले दिन उत्तम और उपेन्द्र को पकड़ लिया, जबकि नवकिशोर को 22 मार्च 2022 को गिरफ्तार किया गया।

अदालत ने सबूतों की जांच के बाद दोषियों को अपराधी पाया और बुधवार को अपना निर्णय सुनाया। इस मामले में जनरल प्रॉसिक्यूटर प्रदीप कुमार दास ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस हत्या का मुख्य कारण क्या था?
मुख्य कारण पुरानी दुश्मनी थी जो आरोपी और मृतक के बीच थी।
अदालत ने दोषियों को क्या सजा सुनाई?
अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और 10,000 रुपए का जुर्माना सुनाया।
मृतक का व्यवसाय क्या था?
मृतक कडाकला गांव में चिकन और अंडे की दुकान चलाता था।
पुलिस ने मामले की जांच कैसे की?
पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस मामले में जनरल प्रॉसिक्यूटर कौन थे?
इस मामले में जनरल प्रॉसिक्यूटर प्रदीप कुमार दास थे।
राष्ट्र प्रेस
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