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सिमडेगा दोहरे हत्याकांड में दोषी नवीन भेंगरा को उम्रकैद, ₹25,000 जुर्माना

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सिमडेगा दोहरे हत्याकांड में दोषी नवीन भेंगरा को उम्रकैद, ₹25,000 जुर्माना

सारांश

झारखंड के सिमडेगा में 2023 में हुए दोहरे हत्याकांड में दोषी नवीन भेंगरा को आजीवन कारावास और ₹25,000 जुर्माने की सजा। पीटर जोजो और असीम जोजो की हत्या के इस मामले में 10 गवाहों की गवाही और चिकित्सीय साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।

मुख्य बातें

प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने नवीन भेंगरा को दोहरे हत्याकांड में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी पर ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया।
यह घटना 12 जुलाई 2023 को जलडेगा थाना क्षेत्र के मामा-भगिना गांव में हुई थी।
नवीन भेंगरा ने पहले वृद्ध महिला मुनिका जोजो पर हमला किया, फिर उनके बेटों पीटर जोजो और असीम जोजो की हत्या की।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 10 गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट सहित साक्ष्य प्रस्तुत किए।

झारखंड के सिमडेगा जिले में 12 जुलाई 2023 को हुए दोहरे हत्याकांड में प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने दोषी नवीन भेंगरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला 15 जून 2026 को सुनाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

जलडेगा थाना क्षेत्र के मामा-भगिना गांव में हुई इस घटना की शुरुआत तब हुई जब आरोपी नवीन भेंगरा ने गांव की वृद्ध महिला मुनिका जोजो पर धान कूटने में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी से हमला किया। हमले में मुनिका जोजो घायल हो गईं और उनके परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए ले गए।

घटना की जानकारी मिलते ही मुनिका जोजो के दो बेटे — पीटर जोजो और असीम जोजो — अपनी माँ पर हमले का कारण जानने के लिए नवीन भेंगरा के घर पहुँचे। दोनों भाइयों और आरोपी के बीच बहस शुरू हुई, जो हिंसक हो गई। आरोप के अनुसार, नवीन भेंगरा ने दोनों भाइयों पर हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी

दो भाइयों की हत्या से मामा-भगिना गांव में सनसनी फैल गई। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर जलडेगा थाने में नवीन भेंगरा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

अदालत में साक्ष्य और सुनवाई

मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक निशि कच्छप ने अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष 10 गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नवीन भेंगरा को दोहरे हत्याकांड का दोषी पाया।

सजा का फैसला

सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने नवीन भेंगरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि यह मामला एक पारिवारिक विवाद से उपजी हिंसा का उदाहरण है, जिसमें एक ही घटनाक्रम में दो लोगों की जान गई। अदालत का यह फैसला झारखंड के ग्रामीण इलाकों में न्यायिक प्रक्रिया की गति और प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक छोटी-सी बात जानलेवा हो जाती है। तीन वर्षों के भीतर दोष-सिद्धि और सजा — यह न्यायिक गति सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे विवादों को हिंसा बनने से पहले रोकने के लिए ग्राम स्तर पर कोई तंत्र क्यों नहीं है। एक वृद्ध महिला पर हमले से शुरू हुई घटना दो युवकों की मौत पर खत्म हुई — यह सामुदायिक संघर्ष-समाधान की विफलता भी है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिमडेगा दोहरे हत्याकांड में क्या हुआ था?
12 जुलाई 2023 को झारखंड के सिमडेगा जिले के मामा-भगिना गांव में नवीन भेंगरा ने पहले वृद्ध महिला मुनिका जोजो पर हमला किया। जब उनके बेटे पीटर जोजो और असीम जोजो कारण पूछने पहुँचे, तो आरोपी ने उन पर भी हमला किया, जिससे दोनों की मृत्यु हो गई।
नवीन भेंगरा को क्या सजा मिली?
प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने नवीन भेंगरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और ₹25,000 का अर्थदंड लगाया। यह फैसला 15 जून 2026 को सुनाया गया।
अदालत ने दोषी को किस आधार पर सजा सुनाई?
अदालत ने 10 गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नवीन भेंगरा को दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक निशि कच्छप ने ये साक्ष्य प्रस्तुत किए।
यह मामला किस थाने में दर्ज था?
यह मामला झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा थाने में दर्ज किया गया था। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई और पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।
इस हत्याकांड में पीड़ित कौन थे?
इस हत्याकांड में पीटर जोजो और असीम जोजो — दो सगे भाई — मारे गए थे। दोनों अपनी माँ मुनिका जोजो पर हुए हमले का कारण पूछने गए थे, जहाँ आरोपी ने उन पर हमला कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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