सिमडेगा दोहरे हत्याकांड में दोषी नवीन भेंगरा को उम्रकैद, ₹25,000 जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के सिमडेगा जिले में 12 जुलाई 2023 को हुए दोहरे हत्याकांड में प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने दोषी नवीन भेंगरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला 15 जून 2026 को सुनाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
जलडेगा थाना क्षेत्र के मामा-भगिना गांव में हुई इस घटना की शुरुआत तब हुई जब आरोपी नवीन भेंगरा ने गांव की वृद्ध महिला मुनिका जोजो पर धान कूटने में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी से हमला किया। हमले में मुनिका जोजो घायल हो गईं और उनके परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए ले गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मुनिका जोजो के दो बेटे — पीटर जोजो और असीम जोजो — अपनी माँ पर हमले का कारण जानने के लिए नवीन भेंगरा के घर पहुँचे। दोनों भाइयों और आरोपी के बीच बहस शुरू हुई, जो हिंसक हो गई। आरोप के अनुसार, नवीन भेंगरा ने दोनों भाइयों पर हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
दो भाइयों की हत्या से मामा-भगिना गांव में सनसनी फैल गई। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर जलडेगा थाने में नवीन भेंगरा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
अदालत में साक्ष्य और सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक निशि कच्छप ने अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष 10 गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नवीन भेंगरा को दोहरे हत्याकांड का दोषी पाया।
सजा का फैसला
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने नवीन भेंगरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने ₹25,000 का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यह मामला एक पारिवारिक विवाद से उपजी हिंसा का उदाहरण है, जिसमें एक ही घटनाक्रम में दो लोगों की जान गई। अदालत का यह फैसला झारखंड के ग्रामीण इलाकों में न्यायिक प्रक्रिया की गति और प्रभावशीलता को रेखांकित करता है।