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ओडिशा पुलिस का 6 महीने में कमाल: 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे परिवारों से मिलाए

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ओडिशा पुलिस का 6 महीने में कमाल: 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे परिवारों से मिलाए

सारांश

ओडिशा पुलिस ने महज छह महीनों में 17,590 गुमशुदा महिलाओं और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया — यह सिर्फ एक आँकड़ा नहीं, बल्कि 'ऑपरेशन अन्वेषण' की उस रणनीति का प्रमाण है जो अंतर-राज्यीय समन्वय और सतत निगरानी पर टिकी है। पुरी जिला इस अभियान का सबसे चमकदार उदाहरण बनकर उभरा।

मुख्य बातें

ओडिशा पुलिस ने जनवरी से जून 2026 के बीच 17,590 गुमशुदा महिलाओं और बच्चों को सकुशल बरामद किया।
इस अवधि में 4,873 बच्चे लापता हुए, जबकि 5,413 बच्चे बरामद किए गए — दर्ज मामलों से अधिक।
10,605 महिलाएं लापता हुईं, और 12,177 महिलाएं खोज निकाली गईं।
पुरी जिला सबसे आगे — 1,161 बच्चे और 3,713 महिलाएं बरामद।
'ऑपरेशन अन्वेषण' के तहत 18-22 जुलाई 2026 के विशेष अभियान में 321 बच्चे और 2,434 महिलाएं बचाई गईं।
अभियान का नेतृत्व डीजीपी वाईबी खुरानिया के मार्गदर्शन में अपराध शाखा की महिला एवं बाल अपराध निवारण विंग ने किया।

ओडिशा पुलिस ने जनवरी से जून 2026 के बीच 17,590 लापता महिलाओं और बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों से मिलाने में सफलता हासिल की है — यह राज्य में महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है। भुवनेश्वर से प्राप्त पुलिस आँकड़ों के अनुसार, यह उपलब्धि डीजीपी वाईबी खुरानिया के सीधे मार्गदर्शन में अपराध शाखा की महिला एवं बाल अपराध निवारण विंग द्वारा हासिल की गई है।

मुख्य आँकड़े: क्या कहती हैं संख्याएँ

पुलिस के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के दौरान ओडिशा में 4,873 बच्चों के लापता होने की सूचना दर्ज की गई — जिनमें 538 लड़के, 4,334 लड़कियाँ और एक ट्रांसजेंडर बच्चा शामिल थे। इसी अवधि में पुलिस ने 5,413 बच्चों को सकुशल बरामद किया, जो दर्ज मामलों से अधिक है — यानी पिछले लंबित मामलों का भी निपटारा हुआ।

महिलाओं के मामले में, इन छह महीनों में 10,605 महिलाओं के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई, जबकि पुलिस ने 12,177 महिलाओं को खोज निकाला — यह भी दर्ज मामलों से अधिक बरामदगी का संकेत देता है।

पुरी जिला बना राज्य में अव्वल

जिलेवार प्रदर्शन में पुरी जिला सबसे आगे रहा। यहाँ 1,161 बच्चों और 3,713 महिलाओं को बरामद किया गया, जिससे पुरी राज्य का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बन गया। बच्चों की बरामदगी में अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट (UPD) भुवनेश्वर (399 बच्चे) और मयूरभंज (278 बच्चे) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिलाओं की बरामदगी में जाजपुर (820) और गंजाम (581) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

ऑपरेशन अन्वेषण: विशेष अभियान की भूमिका

ओडिशा पुलिस की महिला एवं बाल संरक्षण शाखा नियमित रूप से 'ऑपरेशन अन्वेषण' के तहत विशेष अभियान चलाती है। इस वर्ष अब तक दो ऐसे अभियान चलाए जा चुके हैं। सबसे हालिया अभियान 18 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक चला, जिसमें 321 लापता बच्चों35 लड़के और 286 लड़कियाँ — और 2,434 लापता महिलाओं को सकुशल खोज निकाला गया।

अभियान की सफलता के पीछे क्या रहा

पुलिस के अनुसार, इस अभियान की सफलता में अपराध शाखा की महिला एवं बाल अपराध निवारण विंग की सतत जाँच और अन्य राज्यों के साथ समन्वय की अहम भूमिका रही। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में लापता महिलाओं और बच्चों के मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है और राज्य पुलिस बलों पर त्वरित कार्रवाई का दबाव है। गौरतलब है कि बरामदगी की संख्या दर्ज मामलों से अधिक है, जो पुराने लंबित मामलों के निपटारे का भी संकेत देती है।

आगे की राह

ओडिशा पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन अन्वेषण' जैसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे। राज्य सरकार और पुलिस की यह पहल अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है, हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि लापता होने के मूल कारणों — जैसे तस्करी, घरेलू हिंसा और पलायन — पर दीर्घकालिक नीतिगत ध्यान भी उतना ही ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

590 की बरामदगी प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग लापता क्यों हो रहे हैं। ओडिशा पलायन, मानव तस्करी और घरेलू संकट के लिए संवेदनशील राज्य रहा है — और बरामदगी की दर दर्ज मामलों से अधिक होना यह भी दर्शाता है कि कई मामले पहले अनसुलझे पड़े थे। 'ऑपरेशन अन्वेषण' एक प्रतिक्रियात्मक तंत्र है; इसे निवारक नीति का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। जब तक लापता होने के मूल कारणों पर संरचनात्मक कार्रवाई नहीं होती, ये आँकड़े हर छह महीने में दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा पुलिस ने 6 महीने में कितनी महिलाएं और बच्चे बरामद किए?
ओडिशा पुलिस ने जनवरी से जून 2026 के बीच कुल 17,590 गुमशुदा महिलाओं और बच्चों को सकुशल बरामद किया। इनमें 5,413 बच्चे और 12,177 महिलाएं शामिल हैं।
ऑपरेशन अन्वेषण क्या है?
ऑपरेशन अन्वेषण ओडिशा पुलिस की महिला एवं बाल संरक्षण शाखा द्वारा चलाया जाने वाला विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य लापता महिलाओं और बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाना है। इस वर्ष का सबसे हालिया अभियान 18 से 22 जुलाई 2026 तक चला, जिसमें 321 बच्चे और 2,434 महिलाएं बरामद की गईं।
लापता बच्चों और महिलाओं को बरामद करने में कौन-सा जिला सबसे आगे रहा?
पुरी जिला राज्य में सबसे अव्वल रहा। यहाँ 1,161 बच्चों और 3,713 महिलाओं को सकुशल बरामद किया गया। महिलाओं की बरामदगी में जाजपुर (820) और गंजाम (581) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
इस अभियान की सफलता के पीछे क्या कारण रहे?
डीजीपी वाईबी खुरानिया के सीधे मार्गदर्शन में अपराध शाखा की महिला एवं बाल अपराध निवारण विंग ने सतत जाँच और अन्य राज्यों के साथ समन्वय के ज़रिए यह सफलता हासिल की। विशेष अभियानों के तहत केंद्रित कार्रवाई भी इसमें सहायक रही।
ओडिशा में लापता बच्चों में लड़कियों की संख्या इतनी अधिक क्यों है?
पुलिस के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी-जून 2026 में लापता 4,873 बच्चों में 4,334 लड़कियाँ थीं, जो कुल का करीब 89% है। यह आँकड़ा लड़कियों के प्रति बढ़ते जोखिम — जिसमें तस्करी और घरेलू कारण शामिल हो सकते हैं — की ओर इशारा करता है, हालाँकि मामलों की विस्तृत वजह पुलिस ने सार्वजनिक नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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