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शिवसेना में शामिल ओमराजे निंबालकर बोले — मंत्री पद नहीं, जनसेवा है लक्ष्य; शिरसाट ने उद्धव पर साधा निशाना

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शिवसेना में शामिल ओमराजे निंबालकर बोले — मंत्री पद नहीं, जनसेवा है लक्ष्य; शिरसाट ने उद्धव पर साधा निशाना

सारांश

शिवसेना में शामिल होने के बाद सांसद ओमराजे निंबालकर ने मंत्री पद की दौड़ से खुद को अलग किया। वहीं मंत्री संजय शिरसाट और सांसद श्रीकांत शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर हमला बोलते हुए दावा किया कि यूबीटी के 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में आ चुके हैं।

मुख्य बातें

सांसद ओमराजे निंबालकर ने 27 जून को छत्रपति संभाजीनगर में कहा कि उनकी प्राथमिकता मंत्री पद नहीं, जनसेवा है।
निंबालकर ने उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर राजनीतिक टिप्पणी करने से इनकार किया।
मंत्री संजय शिरसाट ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने 2019 में महायुति छोड़कर गठबंधन तोड़ा था।
सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया कि यूबीटी के 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं।
श्रीकांत शिंदे ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की अटकलों को मीडिया की चर्चा बताकर खारिज किया।

सांसद ओमराजे निंबालकर ने 27 जून को छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) में शामिल होने के बाद उनकी प्राथमिकता केंद्रीय मंत्री पद पाना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सत्ता का सहयोग मिलने से विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

निंबालकर का रुख: सेवा पहले, पद नहीं

निंबालकर ने कहा कि उन्होंने कभी केंद्रीय मंत्री बनने के लिए प्रयास नहीं किए। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधि का असली काम लोगों के मुद्दों को उठाना और विकास की गति बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता के लिए काम करेंगे, तभी उनका विश्वास बनाए रखा जा सकेगा।

उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर पूछे गए सवाल पर निंबालकर ने राजनीतिक टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से अधिक ज़रूरी है कि जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दिया जाए।

शिरसाट का उद्धव पर हमला

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह दौरा जनता की समस्याएँ समझने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल का आकलन करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2019 में महायुति के साथ चुनाव लड़ने के बाद उद्धव ठाकरे ने ही गठबंधन से अलग होकर सरकार बनाई थी।

शिरसाट ने कहा कि दूसरों को 'गद्दार' कहने से पहले उद्धव ठाकरे को अपने फैसलों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने वाले शिवसैनिकों का सम्मान नहीं किया गया, जिसके चलते कई नेता और कार्यकर्ता उनसे दूर होते चले गए।

श्रीकांत शिंदे का दावा: पार्टी मजबूत हो रही है

सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) के 6 सांसद शिवसेना में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर संगठन को मजबूत कर रही है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को श्रीकांत शिंदे ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह केवल मीडिया की चर्चा है। उन्होंने उद्धव ठाकरे से सवाल किया कि उन्हें पहले यह आत्मचिंतन करना चाहिए कि उनके नेता और कार्यकर्ता क्यों अलग हो रहे हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति में व्यापक संदर्भ

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी के बीच सियासी तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद से एकनाथ शिंदे गुट लगातार उद्धव गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश में है। श्रीकांत शिंदे का यह दावा कि यूबीटी के 6 सांसद पार्टी में शामिल हुए हैं, इस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मराठवाड़ा क्षेत्र में दोनों गुटों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिरसाट का 2019 गठबंधन-तोड़ने का तर्क पुराना है, पर मराठवाड़ा में उद्धव के दौरे से पहले इसे उठाना रणनीतिक है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या शिंदे गुट संगठन विस्तार को वोट में बदल पाता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमराजे निंबालकर ने शिवसेना में शामिल होने के बाद क्या कहा?
निंबालकर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता केंद्रीय मंत्री पद पाना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना और क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने उद्धव ठाकरे के मराठवाड़ा दौरे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से भी इनकार किया।
संजय शिरसाट ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री संजय शिरसाट ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे का मराठवाड़ा दौरा जनता की समस्याएँ समझने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल आँकने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि 2019 में महायुति के साथ चुनाव लड़ने के बाद उद्धव ठाकरे ने ही गठबंधन तोड़कर अलग सरकार बनाई थी।
श्रीकांत शिंदे ने यूबीटी सांसदों के बारे में क्या दावा किया?
सांसद श्रीकांत शिंदे ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) के 6 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्यभर में जनसंपर्क अभियान के जरिए संगठन को मजबूत कर रही है।
क्या श्रीकांत शिंदे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होंगे?
श्रीकांत शिंदे ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह केवल मीडिया की चर्चा है। उन्होंने कहा कि जनता विकास के आधार पर ही अपना निर्णय करेगी।
महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच विवाद क्यों है?
2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में विभाजन हुआ था, जिसके बाद शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) अलग-अलग राजनीतिक दिशाओं में चले गए। तब से दोनों गुट पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनसमर्थन को लेकर प्रतिस्पर्धा में हैं, और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्र इस प्रतिस्पर्धा के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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