गेम्सक्राफ्ट पर ईडी का बड़ा एक्शन: तीन संस्थापक गिरफ्तार, PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

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गेम्सक्राफ्ट पर ईडी का बड़ा एक्शन: तीन संस्थापक गिरफ्तार, PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

सारांश

ईडी ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म रमीकल्चर और रमीटाइम चलाने वाली कंपनी गेम्सक्राफ्ट के तीन संस्थापकों को PMLA के तहत गिरफ्तार किया। कर्नाटक और एनसीआर में 17 ठिकानों पर छापेमारी के बाद यह कार्रवाई हुई — जहाँ कथित धोखाधड़ी से पीड़ितों की आत्महत्या तक के मामले जुड़े हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 8 मई 2026 को गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के संस्थापकों दीपक सिंह , पृथ्वीराज सिंह और विकास तनेजा को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी PMLA की धारा 19 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों में की गई।
7 मई 2026 को कर्नाटक और एनसीआर में 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
कंपनी रमीकल्चर और रमीटाइम ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती थी।
कुछ पीड़ितों की कथित आत्महत्या की शिकायतें भी जांच का हिस्सा हैं।
दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को एनसीआर से, विकास तनेजा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8 मई 2026 को ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के तीन संस्थापकों — दीपक सिंह, पृथ्वीराज सिंह और विकास तनेजा — को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े गंभीर आरोपों के आधार पर की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

7 मई 2026 को ईडी ने कर्नाटक और एनसीआर क्षेत्र में 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ये तलाशियाँ गेम्सक्राफ्ट समूह की कंपनियों, उसके संस्थापकों और कुछ कर्मचारियों से जुड़े स्थानों पर की गईं। ईडी सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए, जिन्हें जांच के लिहाज से अत्यंत अहम माना जा रहा है।

इन्हीं दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अगले दिन 8 मई 2026 को तीनों संस्थापकों को गिरफ्तार किया गया। दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को एनसीआर से हिरासत में लिया गया और उन्हें बेंगलुरु की अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। विकास तनेजा को बेंगलुरु से ही गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

कंपनी पर क्या हैं आरोप

ईडी सूत्रों के मुताबिक, गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रमीकल्चर और रमीटाइम जैसे ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती थी, जहाँ उपयोगकर्ता वास्तविक धन लगाकर गेम खेलते थे। कंपनी और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के विरुद्ध धोखाधड़ी, लोगों को गुमराह करने और आर्थिक नुकसान पहुँचाने के आरोपों में कई एफआईआर दर्ज थीं।

जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों की आत्महत्या की भी शिकायतें सामने आई हैं, जो कथित तौर पर इन प्लेटफॉर्म्स पर पैसा गँवाने के बाद गंभीर मानसिक और आर्थिक तनाव में आ गए थे। इन्हीं शिकायतों और एफआईआर के आधार पर ईडी ने PMLA के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है और नियामकीय ढाँचे को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण और लत की समस्या को लेकर सर्वोच्च न्यायालय से लेकर संसद तक चिंताएँ जताई जा चुकी हैं। इन गिरफ्तारियों से उन लाखों उपयोगकर्ताओं में भी सवाल उठे हैं जो इन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय थे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी तब की जाती है जब एजेंसी के पास मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त और ठोस संकेत हों। इस मामले में जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और दस्तावेज जांच की दिशा तय करेंगे। आलोचकों का कहना है कि रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर स्पष्ट नियामकीय निगरानी का अभाव ऐसे मामलों को जन्म देता है।

क्या होगा आगे

फिलहाल ईडी इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की रिमांड या न्यायिक हिरासत पर फैसला होना बाकी है। यह मामला ऑनलाइन गेमिंग उद्योग पर नियामकीय कसाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक ऐसे मामले बार-बार सामने आते रहेंगे। आत्महत्या की शिकायतों का जांच से जुड़ना यह भी दर्शाता है कि यह केवल वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकट भी है जिसे अनदेखा किया जाता रहा। सवाल यह है कि क्या ईडी की गिरफ्तारी के बाद भी उद्योग पर व्यापक नीतिगत सुधार होगा, या यह कार्रवाई एकाकी उदाहरण बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के संस्थापकों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों में PMLA की धारा 19 के तहत तीनों संस्थापकों को गिरफ्तार किया। कंपनी के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज थीं और 17 ठिकानों पर छापेमारी में अहम साक्ष्य मिले थे।
गेम्सक्राफ्ट कौन-से प्लेटफॉर्म चलाती थी?
गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रमीकल्चर और रमीटाइम नामक ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती थी, जहाँ उपयोगकर्ता वास्तविक धन लगाकर गेम खेलते थे।
ईडी ने छापेमारी कब और कहाँ की?
7 मई 2026 को ईडी ने कर्नाटक और एनसीआर क्षेत्र में कुल 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इन स्थानों में कंपनी के दफ्तर, संस्थापकों और कर्मचारियों के परिसर शामिल थे।
गिरफ्तार किए गए तीनों संस्थापक कौन हैं और उन्हें कहाँ से पकड़ा गया?
दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को एनसीआर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु लाया गया। विकास तनेजा को बेंगलुरु से ही गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
इस मामले में आत्महत्या की शिकायतें क्यों शामिल हैं?
जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ उपयोगकर्ताओं ने इन प्लेटफॉर्म्स पर पैसा गँवाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या की। इन शिकायतों को भी एफआईआर में शामिल किया गया, जो PMLA के तहत मामला दर्ज करने का आधार बनीं।
राष्ट्र प्रेस
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