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ऑपरेशन साइहॉक 5.0: दिल्ली पुलिस ने 916 साइबर अपराधियों को दबोचा, ₹700 करोड़ की ठगी का खुलासा

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ऑपरेशन साइहॉक 5.0: दिल्ली पुलिस ने 916 साइबर अपराधियों को दबोचा, ₹700 करोड़ की ठगी का खुलासा

सारांश

दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन साइहॉक 5.0 ने 916 साइबर ठगों को दबोचा और ₹700 करोड़ की धोखाधड़ी का नेटवर्क उजागर किया। व्हाट्सएप एपीके फाइलों और टेलीग्राम चैनलों के ज़रिए हो रही ठगी पर यह अब तक का सबसे बड़ा प्रहार है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 16-17 जून 2025 को ' ऑपरेशन साइहॉक 5.0 ' के तहत देशभर में छापेमारी की।
कुल 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया; ₹700 करोड़ की ठगी के लिंक उजागर।
व्हाट्सएप पर एपीके-बेस्ड फाइलें भेजकर खाते खाली करने का तरीका सामने आया।
टेलीग्राम के धोखाधड़ी वाले चैनलों की पहचान जारी; नागरिकों से 1930 पर रिपोर्ट करने की अपील।
प्रभावित खाताधारक शिकायत निवारण मॉड्यूल (बीटा फेज) से संपर्क कर सकते हैं; लीन मार्क केवल संदिग्ध राशि ब्लॉक करता है।

दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ (IFSO) यूनिट ने 16-17 जून 2025 को चलाए गए 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत देशभर में 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जाँच में इन आरोपियों से जुड़े करीब ₹700 करोड़ की ठगी के लिंक सामने आए हैं, जिनमें वे मामले भी शामिल हैं जहाँ रकम कम होने के कारण एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई थी।

ऑपरेशन का दायरा और रणनीति

दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा की अगुवाई में चलाए गए इस दो-दिवसीय अभियान में पुलिस ने केवल ज्ञात हॉटस्पॉट्स तक सीमित न रहकर आम शिकायतों का गहन विश्लेषण भी किया। 31 मई तक के डेटा का उपयोग कर उन मामलों की भी पहचान की गई जहाँ पीड़ितों ने ₹1 लाख से कम राशि की धोखाधड़ी होने के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

आईएफएसओ यूनिट के जॉइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता ने बताया कि जाँच में यह भी सामने आया कि व्हाट्सएप पर एपीके-बेस्ड फाइलें भेजकर लोगों के खातों से पैसे उड़ाए जा रहे हैं। यह तरीका तेज़ी से साइबर ठगों का पसंदीदा हथियार बनता जा रहा है।

टेलीग्राम चैनलों पर भी नज़र

जॉइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता ने बताया कि पुलिस टेलीग्राम पर मौजूद सभी धोखाधड़ी वाले और नुकसानदेह चैनलों की पहचान की प्रक्रिया में है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक या चैनल की सूचना एनसीआरपी पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1930 या नज़दीकी साइबर पुलिस स्टेशन में दें।

लीन मार्क और खाताधारकों के लिए राहत

जिन नागरिकों के बैंक खाते बंद कर दिए गए हैं या जिन पर 'लीन मार्क' लगा है, उनके लिए एक शिकायत निवारण मॉड्यूल तैयार किया गया है, जो फिलहाल बीटा फेज में है। गृह मंत्रालय द्वारा 3 जनवरी को जारी एसओपी के अनुसार, लीन मार्क का अर्थ है कि खाते में आई केवल संदिग्ध राशि ब्लॉक होगी — शेष पैसे खाताधारक सामान्य रूप से निकाल सकते हैं।

आगे की कार्रवाई

यह ऑपरेशन साइहॉक की पाँचवीं कड़ी है, जो दर्शाती है कि दिल्ली पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ निरंतर और संगठित अभियान चला रही है। गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े नेटवर्क की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि डेटा-संचालित रणनीति अपना रही है — ₹1 लाख से कम की ठगी को भी दायरे में लाना इसी सोच का प्रमाण है। हालाँकि, 916 गिरफ्तारियों के बावजूद असली सवाल यह है कि ये ऑपरेशन साइबर अपराध के मूल नेटवर्क को तोड़ते हैं या केवल निचले स्तर के ऑपरेटरों तक सीमित रहते हैं। व्हाट्सएप एपीके और टेलीग्राम चैनलों का बढ़ता दुरुपयोग दर्शाता है कि तकनीकी प्लेटफॉर्म की जवाबदेही भी इस लड़ाई का अनिवार्य हिस्सा होनी चाहिए। शिकायत निवारण मॉड्यूल का बीटा फेज में होना बताता है कि पीड़ितों के लिए राहत-तंत्र अभी भी अधूरा है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन साइहॉक 5.0 क्या है?
ऑपरेशन साइहॉक 5.0 दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट द्वारा 16-17 जून 2025 को चलाया गया साइबर अपराध-विरोधी अभियान है, जिसमें देशभर में छापेमारी कर 916 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। यह इस श्रृंखला का पाँचवाँ और अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है।
इस ऑपरेशन में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कितनी ठगी उजागर हुई?
ऑपरेशन साइहॉक 5.0 में कुल 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जाँच में इन आरोपियों से जुड़े करीब ₹700 करोड़ की ठगी के लिंक सामने आए हैं।
व्हाट्सएप एपीके फाइलों से साइबर ठगी कैसे होती है?
ठग व्हाट्सएप पर एपीके-बेस्ड (Android Package) फाइलें भेजते हैं, जिन्हें इंस्टॉल करने पर पीड़ित के फोन और बैंक खाते तक अपराधियों की पहुँच हो जाती है। दिल्ली पुलिस ने इस तरीके को मौजूदा साइबर ठगी का प्रमुख माध्यम पाया है।
लीन मार्क क्या होता है और प्रभावित खाताधारक क्या करें?
लीन मार्क का अर्थ है कि बैंक खाते में आई केवल संदिग्ध राशि ब्लॉक की जाती है, शेष धनराशि खाताधारक सामान्य रूप से उपयोग कर सकते हैं। प्रभावित खाताधारक गृह मंत्रालय के शिकायत निवारण मॉड्यूल (फिलहाल बीटा फेज में) से संपर्क कर सकते हैं।
साइबर ठगी की शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करें?
नागरिक साइबर ठगी या संदिग्ध टेलीग्राम/व्हाट्सएप लिंक की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, या नज़दीकी साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज करा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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