ऑपरेशन सिंदूर वर्षगांठ: LG मनोज सिन्हा ने वीर सैनिकों को नमन किया, जितेंद्र सिंह बोले — '22 मिनट में आतंक का ढांचा ध्वस्त'
सारांश
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा ने वीर सैनिकों को नमन किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने याद दिलाया कि महज 22 मिनट में आतंकवाद के पूरे ढांचे को ध्वस्त किया गया था — यह भारत के 'जीरो टॉलरेंस' का सबसे बड़ा प्रमाण।
मुख्य बातें
LG मनोज सिन्हा ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
सिन्हा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है और जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद-मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता जारी है।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि महज 22 मिनट में आतंकवाद का पूरा ढांचा ध्वस्त किया गया।
BJP जम्मू-कश्मीर इकाई ने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले को याद करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को न्याय की अखंड प्रतिज्ञा बताया।
पार्टी ने PM नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और सशस्त्र बलों की बेमिसाल बहादुरी को रेखांकित किया।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर देश के वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों ने अपने अटूट संकल्प और अदम्य साहस के बल पर पहलगाम में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले दुश्मनों को करारा जवाब दिया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने भी ऑपरेशन को राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बताया।
उपराज्यपाल सिन्हा का संदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि एक राजनीतिक आख्यान का केंद्र भी बन चुका है। '22 मिनट में आतंक का ढांचा ध्वस्त' जैसे दावे प्रभावशाली हैं, लेकिन स्वतंत्र सत्यापन के अभाव में इन्हें पूरी तरह परखना मुश्किल है। पहलगाम हमले की पीड़ा वास्तविक थी और उस पर प्रतिक्रिया की माँग स्वाभाविक — परंतु वर्षगांठ पर इस तरह के समन्वित संदेशों की बाढ़ यह भी दर्शाती है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी कथा को चुनावी और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों से सावधानी से आकार दिया जा रहा है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया सैन्य अभियान था। इस ऑपरेशन में कथित तौर पर महज 22 मिनट में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ कब मनाई गई?
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ 7 मई 2026 को मनाई गई। इस अवसर पर LG मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और BJP की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेश साझा किए।
LG मनोज सिन्हा ने ऑपरेशन सिंदूर पर क्या कहा?
LG मनोज सिन्हा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है और सशस्त्र बल किसी भी कीमत पर देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया।
पहलगाम हमला कब हुआ था और इसका ऑपरेशन सिंदूर से क्या संबंध है?
पहलगाम हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लोगों की पहचान कर निर्दोष नागरिकों की जान ली थी। इसी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया, जिसे 7 मई की 'विजय-घोषणा' के रूप में याद किया जाता है।
जितेंद्र सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय राज्य मंत्री और उधमपुर सांसद जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने PM नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और सशस्त्र बलों की बेमिसाल बहादुरी को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि महज 22 मिनट में आतंकवाद के पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया।