माओवादी कमांडर पापा राव का आत्मसमर्पण: शीर्ष नेताओं की मौत के बाद लिया निर्णय

Click to start listening
माओवादी कमांडर पापा राव का आत्मसमर्पण: शीर्ष नेताओं की मौत के बाद लिया निर्णय

सारांश

बस्तर में माओवादी कमांडर पापा राव ने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। इस घटना के बाद नक्सली संगठन में भारी कमी आई है।

Key Takeaways

  • पापा राव का आत्मसमर्पण नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका है।
  • इस घटना से दक्षिण बस्तर क्षेत्र कमजोर हुआ है।
  • छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि २०२६ तक बस्तर को नक्सल मुक्त किया जाए।

बस्तर, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण जीत मिली है। दंडकारण्य विशेष जोनल समिति के सदस्य और लंबे समय से सक्रिय माओवादी कमांडर पापा राव (उर्फ सुन्नम चंद्रैया/मंगू) ने अपने १७ साथियों के साथ आज आत्मसमर्पण कर दिया।

पापा राव ने कुटरू पुलिस स्टेशन (बीजापुर जिला) में हथियारों के साथ समर्पण किया। उनके साथ १० पुरुष और ८ महिला नक्सली शामिल थे। समर्पण के दौरान उनके कब्जे से आठ एके-४७ राइफलें, एक एसएलआर और एक इंसास राइफल बरामद की गई। बाद में उन्हें जगदलपुर ले जाया गया।

आत्मसमर्पण के बाद पापा राव ने कहा, "पुलिस द्वारा चलाए गए ऑपरेशन कगार और अंदरूनी इलाकों में लगातार पुलिस कैंप खुलने से माओवादी संगठन काफी कमजोर पड़ गया है। अलग-अलग मुठभेड़ों में शीर्ष नेताओं के मारे जाने और कई साथियों के समर्पण के बाद हमने भी यह फैसला लिया। अब हम भारत के संविधान का पालन करते हुए आम जिंदगी जीना चाहते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि जनता के हितों की लड़ाई अब बंदूक छोड़कर जारी रहेगी। पापा राव ने अन्य सक्रिय नक्सलियों से अपील की कि वे भी हथियार त्यागकर सरकार के सामने आत्मसमर्पण करें और भारत के संविधान की नीतियों को मानकर जनता की सेवा करें।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस समर्पण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पापा राव के साथ अब दंडकारण्य विशेष जोनल समिति में कोई सक्रिय सदस्य नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि ३१ मार्च २०२६ से पहले बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित कर दिया जाएगा।

पापा राव पर ४५ से अधिक मामले दर्ज थे, जिनमें ताडमेटला हमला जैसे बड़े नक्सली हमले भी शामिल हैं। उनके सिर पर २५ लाख रुपए का इनाम घोषित था। सुरक्षा बलों के लगातार दबाव, विकास कार्यों और सख्त अभियानों ने नक्सलियों के मनोबल को तोड़ दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पापा राव के समर्पण से दक्षिण बस्तर क्षेत्र अब पूरी तरह कमजोर हो गया है। यह छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Point of View

NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

पापा राव ने आत्मसमर्पण क्यों किया?
पापा राव ने पुलिस के ऑपरेशनों और शीर्ष नेताओं की मौत के बाद आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।
इस आत्मसमर्पण का क्या महत्व है?
यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Nation Press