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पेपर लीक प्रदर्शन पर सुभासपा विधायक बेदीराम का दावा: 75% भड़काने वाले, छात्र तो 20-25% ही थे

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पेपर लीक प्रदर्शन पर सुभासपा विधायक बेदीराम का दावा: 75% भड़काने वाले, छात्र तो 20-25% ही थे

सारांश

सुभासपा विधायक बेदीराम का दावा है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में 75% बाहरी लोग थे, असली छात्र तो 20-25% ही थे — और यह विपक्ष की साजिश थी। दूसरी ओर, BJD सांसद सुलता देव ने इसे 'जेन-जी की जीत' बताया। एक ही प्रदर्शन, दो बिल्कुल अलग व्याख्याएँ।

मुख्य बातें

सुभासपा विधायक बेदीराम का दावा — जंतर-मंतर प्रदर्शन में केवल 20-25% वास्तविक छात्र थे, 75% बाहरी लोग थे।
बेदीराम ने प्रदर्शन को विपक्ष की साजिश बताया और भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को उचित ठहराते हुए कहा — जो भी 'आग में घी डाले', उस पर कार्रवाई हो।
पेपर लीक विरोधी नए कानून और फास्ट-ट्रैक प्रावधानों का बेदीराम ने समर्थन किया।
BJD सांसद सुलता देव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'जेन-जी और लोकतंत्र की जीत' करार दिया।

जंतर-मंतर पर हुए पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के विधायक बेदीराम ने 26 जुलाई को एक बड़ा दावा किया। उनके अनुसार, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में वास्तविक छात्रों की संख्या मात्र 20 से 25 प्रतिशत थी, जबकि शेष 75 प्रतिशत लोगों को कथित तौर पर बाहर से बुलाया गया था। बेदीराम ने इसे विपक्ष की सुनियोजित साजिश करार दिया।

मुख्य दावे और आरोप

बेदीराम ने कहा, 'जहाँ तक बच्चों की बात है, सरकार ने दोबारा परीक्षा आयोजित करवाई। छात्र पास हुए और अब खुशियाँ मना रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शन में भड़काने वाले तत्वों की भूमिका प्रमुख थी और ऐसे लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका तर्क था कि अफवाह फैलाना और लोगों को उकसाना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा था।

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया

प्रदर्शन के दौरान हुई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर बेदीराम ने कहा कि जो भी लोगों को भड़काने का काम करे, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए — चाहे वह कोई भी हो। उन्होंने 'आग में घी डालने' वालों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग दोहराई।

पेपर लीक विरोधी नए कानून पर समर्थन

पेपर लीक को लेकर बन रहे नए कानून का बेदीराम ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक अदालतों जैसे प्रावधान भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाएँगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

बीजेडी सांसद का अलग नजरिया

वहीं, बीजू जनता दल (BJD) की सांसद सुलता देव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'जेन-जी की जीत, छात्रों की जीत और लोकतंत्र की जीत' बताया। उनके अनुसार, छात्रों के दबाव ने सरकार को इस्तीफा देने पर मजबूर किया। उन्होंने जंतर-मंतर पर 'वंदे मातरम्' के नारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 'भारत छोड़ो आंदोलन' जैसी भावना से प्रेरित था, फिर भी सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया। सुलता देव ने पाठ्यपुस्तकों में हजारों गलतियों का मुद्दा भी उठाया।

आगे क्या

पेपर लीक विरोधी नए कानून का मसौदा तैयार होने के बाद इसे संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे साबित करने के लिए कोई सत्यापन योग्य आँकड़ा सामने नहीं आया है। यह बयान उस पुरानी रणनीति का हिस्सा लगता है जिसमें जन-आंदोलनों को 'बाहरी तत्वों की घुसपैठ' बताकर उनकी वैधता कम करने की कोशिश होती है। दूसरी तरफ, BJD सांसद सुलता देव का 'जेन-जी की जीत' वाला बयान भी राजनीतिक अवसरवाद से पूरी तरह मुक्त नहीं है। असली सवाल यह है कि पेपर लीक की जड़ें — परीक्षा तंत्र की संरचनागत कमज़ोरियाँ — इस राजनीतिक शोर में कहीं दब न जाएँ।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभासपा विधायक बेदीराम ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के बारे में क्या कहा?
बेदीराम ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में केवल 20 से 25 प्रतिशत वास्तविक छात्र थे, जबकि 75 प्रतिशत लोगों को बाहर से बुलाया गया था। उन्होंने इसे विपक्ष की साजिश बताया।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर बेदीराम का क्या रुख है?
बेदीराम ने कहा कि जो भी लोगों को भड़काने और 'आग में घी डालने' का काम करे, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए — चाहे वह तेज प्रताप यादव हों या कोई और। उन्होंने गिरफ्तारी को अनुचित नहीं माना।
पेपर लीक विरोधी नए कानून पर सुभासपा का क्या रुख है?
बेदीराम ने नए कानून का स्वागत किया और फास्ट-ट्रैक अदालत जैसे प्रावधानों को सकारात्मक बताया। उनके अनुसार, यह कानून भविष्य में पेपर लीक रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायक होगा।
BJD सांसद सुलता देव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा?
BJD सांसद सुलता देव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'जेन-जी की जीत, छात्रों की जीत और लोकतंत्र की जीत' बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के दबाव ने सरकार को इस्तीफा देने पर मजबूर किया।
जंतर-मंतर पेपर लीक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि क्या है?
यह प्रदर्शन देशभर में हुए पेपर लीक मामलों के विरोध में आयोजित किया गया था। सरकार ने प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया और पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की। इस पूरे घटनाक्रम में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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