रोजाना पार्श्वोत्तानासन करें और अपनी रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाएं

Click to start listening
रोजाना पार्श्वोत्तानासन करें और अपनी रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाएं

सारांश

पार्श्वोत्तानासन योग का एक महत्वपूर्ण आसन है जो रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है। इसे सरलता से किया जा सकता है और इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं। योग के इस आसन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करें और अपने शरीर को फिट रखें।

Key Takeaways

  • पार्श्वोत्तानासन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
  • यह आसन मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है।
  • इसे करना सरल है, लेकिन विशेषज्ञ की देखरेख में करना बेहतर है।
  • यह आसन पैरों और कूल्हों को भी खींचता है।
  • सुरक्षा के लिए पीठ में समस्या वाले लोग इसे न करें।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पारंपरिक योग शास्त्र में शरीर की लचीलापन और मन की शांति बनाए रखने के लिए कई आसनों का महत्व है। इनमें से एक प्रमुख आसन है पार्श्वोत्तानासन। यह आसन न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता को भी बढ़ाता है।

पार्श्वोत्तानासन को अंग्रेजी में 'इंटेंस साइड स्ट्रेच पोज' कहा जाता है। इसे हठ योग का एक महत्वपूर्ण और मूलभूत आसन माना जाता है, जो रीढ़ की हड्डी, हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से के लिए अत्यंत लाभदायक है।

पार्श्वोत्तानासन एक संस्कृत शब्द है, जिसमें 'पश्चिम' का अर्थ होता है, 'उत्तान' और 'आसन' का अर्थ है 'मुद्रा'। यह एक तीव्र खिंचाव है जो हैमस्ट्रिंग्स, पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ की ओर फैलता है।

आयुष मंत्रालय ने इस आसन के महत्व को रेखांकित किया है। आयुष मंत्रालय (सामान्य योग प्रोटोकॉल) के अनुसार, पार्श्वोत्तानासन जिसे 'तीव्र पार्श्व खिंचाव मुद्रा' या 'पिरामिड पोज' भी कहा जाता है, एक खड़े होकर आगे झुकने वाला योग आसन है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने, पैरों और कूल्हों को खींचने, पाचन में सुधार करने, और शारीरिक संतुलनलचीलापन बढ़ाने में बहुत प्रभावी है।

इस आसन को करना बहुत सरल है। सबसे पहले ताड़ासन में सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों को सामने सीधा फैलाकर बैठें। इसके बाद रीढ़ को सीधा रखें और फिर सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और रीढ़ को ऊपर की ओर खींचें। फिर सांस छोड़ते हुए कूल्हों के जोड़ से आगे झुकें। इसके बाद रीढ़ को सीधा रखते हुए आगे बढ़ें और पैर के अंगूठों को पकड़ने या छूने का प्रयास करें।

इस स्थिति में पैर को सीधा रखकर शरीर के पिछले हिस्से में खिंचाव आता है। फिर 20 से 60 सेकंड तक लंबी गहरी सांसें लेते हुए इस अवस्था में रुकें और फिर सांस भरते हुए धीरे-धीरे सिर और धड़ को ऊपर उठाएं और अपने दोनों हाथों को नीचे लाएं।

जिन लोगों को पीठ के निचले हिस्से में दर्द, स्लिप डिस्क या पेट के हालिया ऑपरेशन हुआ है, उन्हें इस आसन से बचना चाहिए। प्रारंभिक लोगों को इसे विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए।

Point of View

बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। इस प्रकार, यह आसन पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

पार्श्वोत्तानासन क्या है?
पार्श्वोत्तानासन एक योगासन है जो रीढ़ की हड्डी, हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से के लिए लाभकारी है। इसे 'इंटेंस साइड स्ट्रेच पोज' भी कहा जाता है।
इस आसन के क्या लाभ हैं?
यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने, पाचन में सुधार करने और शारीरिक संतुलन बढ़ाने में मदद करता है।
क्या सभी लोग इसे कर सकते हैं?
नहीं, जिन लोगों को पीठ में दर्द या हाल में ऑपरेशन हुआ है, उन्हें इसे करने से बचना चाहिए।
क्या यह आसन करना आसान है?
हां, इसे करना आसान है, लेकिन शुरुआती लोगों को इसे विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए।
कितनी देर तक इस आसन में रहना चाहिए?
आप 20 से 60 सेकंड तक इस अवस्था में रह सकते हैं।
Nation Press