27 जून 2026
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सिंधिया ने गुना में 700 पौधे लगाए, बोले — पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाएं

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सिंधिया ने गुना में 700 पौधे लगाए, बोले — पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाएं

सारांश

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने गुना में 700 पौधे लगाकर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जमीनी रूप दिया, साथ ही ₹20 करोड़ के सोलर प्लांट और चेक डैम का उद्घाटन कर विकास व पर्यावरण के संतुलन का संदेश दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 27 जून 2026 को गुना के कांजा ग्राम में कूनो नदी उद्गम स्थल पर 700 पौधों का रोपण किया।
रोपण 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत हुआ, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाया जा रहा है।
ग्राम चिनेरा में ₹17.98 लाख की लागत से निर्मित चेक डैम का लोकार्पण किया गया।
खुटियावाड़ में ₹20 करोड़ की लागत के 4.5 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का उद्घाटन हुआ, जो सालाना 75 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली देगा।
सिंधिया ने पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को व्यापक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 27 जून 2026 को मध्य प्रदेश के गुना जिले के कांजा ग्राम स्थित कूनो नदी उद्गम स्थल पर 700 पौधों का रोपण किया और नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण व जल संवर्धन को व्यापक जन आंदोलन का रूप देने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत आयोजित हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद के रूप में अपने निर्वाचन क्षेत्र प्रवास के दौरान सिंधिया ने तीन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन या लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम चिनेरा में ₹17.98 लाख की लागत से निर्मित चेक डैम का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त खुटियावाड़ में सनगार्नर सोलर प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी लागत ₹20 करोड़ है और जो 4.5 मेगावाट की क्षमता से 75 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा।

सिंधिया के संबोधन की मुख्य बातें

सिंधिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण जनभागीदारी के बिना संभव नहीं है और प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक बताया। सिंधिया ने कहा कि यह अभियान देशभर में जनआंदोलन का स्वरूप ले रहा है।

सौर ऊर्जा और आत्मनिर्भरता

खुटियावाड़ में उद्घाटित सोलर प्लांट को लेकर सिंधिया ने कहा कि यह संयंत्र आत्मनिर्भरता और सौर ऊर्जा के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ₹20 करोड़ की लागत से स्थापित यह प्लांट क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाएगा।

जल संरक्षण पर जोर

चेक डैम के लोकार्पण के अवसर पर सिंधिया ने कहा कि जल संरचनाओं का निर्माण और जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भारत की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।

विकास और पर्यावरण का संतुलन

सिंधिया ने विकसित भारत के निर्माण के संदर्भ में कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन अनिवार्य है। उनके अनुसार, जल संरक्षण, हरित आवरण का विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन ही सतत विकास की असली नींव है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का गुना क्षेत्र कूनो नदी के उद्गम स्थल के रूप में पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस क्षेत्र में जल संकट एक पुरानी चुनौती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि रोपे गए पौधों की जीवित रहने की दर कितनी है — एक आँकड़ा जो अक्सर सार्वजनिक नहीं होता। गुना जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में जल संकट की जड़ें गहरी हैं और एकल चेक डैम या प्रतीकात्मक पौधारोपण से परे दीर्घकालिक जलागम प्रबंधन की ज़रूरत है। सोलर प्लांट का उद्घाटन स्वागतयोग्य कदम है, पर 4.5 मेगावाट की क्षमता उस क्षेत्र की कृषि-ऊर्जा माँग के सापेक्ष कितनी पर्याप्त है, यह प्रश्न खुला रहता है। विकास और पर्यावरण के संतुलन की बात तभी विश्वसनीय बनती है जब परियोजनाओं के दीर्घकालिक पर्यावरणीय प्रभाव का सार्वजनिक मूल्यांकन हो।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाया जा रहा राष्ट्रव्यापी पौधारोपण अभियान है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है। इस अभियान के तहत नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर पेड़ लगाने का आग्रह किया जाता है।
सिंधिया ने गुना दौरे में कौन-कौन सी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
सिंधिया ने तीन प्रमुख कार्य किए — कांजा ग्राम में 700 पौधों का रोपण, ग्राम चिनेरा में ₹17.98 लाख की लागत के चेक डैम का लोकार्पण, और खुटियावाड़ में ₹20 करोड़ के 4.5 मेगावाट सोलर प्लांट का उद्घाटन।
खुटियावाड़ का सोलर प्लांट कितनी बिजली पैदा करेगा?
खुटियावाड़ में स्थापित सनगार्नर सोलर प्लांट 4.5 मेगावाट की क्षमता से सालाना 75 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा। इसकी कुल लागत ₹20 करोड़ है।
कूनो नदी उद्गम स्थल पर पौधारोपण क्यों महत्वपूर्ण है?
कूनो नदी का उद्गम स्थल पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है और इसके आसपास हरित आवरण बढ़ाने से जल संचयन और मृदा संरक्षण में मदद मिलती है। गुना क्षेत्र में जल संकट की पुरानी चुनौती को देखते हुए यह कदम दीर्घकालिक महत्व रखता है।
सिंधिया ने जल संरक्षण पर क्या संदेश दिया?
सिंधिया ने कहा कि जल संरचनाओं का निर्माण और जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए समृद्ध भारत की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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