9 सितंबर 2026
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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया 'हरिहर सुभाषितम्' का श्लोक, विद्या को बताया सुशासन-सेवा के समान

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया 'हरिहर सुभाषितम्' का श्लोक, विद्या को बताया सुशासन-सेवा के समान

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की एक्स पर जारी सुभाषित-श्रृंखला में बुधवार को 'हरिहर सुभाषितम्' का सातवाँ श्लोक साझा हुआ, जो विद्या को सुशासन-सेवा के समान बताता है। लगातार तीन दिनों से जारी यह पहल भारत की शास्त्रीय ज्ञान-परंपरा को डिजिटल मंच पर पुनर्स्थापित करने का प्रयास है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर को एक्स पर 'हरिहर सुभाषितम्' के बालविनयप्रकरणम् का सातवाँ श्लोक साझा किया।
श्लोक का भाव — विद्या मनुष्य को लोक-व्यवहार की समझ , ज्ञान, समृद्धि और मानसिक उल्लास प्रदान करती है।
मंगलवार को साझा श्लोक में भौंरे की उपमा से सभी शास्त्रों से सारतत्व ग्रहण करने की सीख दी गई थी।
सोमवार का श्लोक वायु, सूर्य और वर्षा की कल्याणकारी प्रार्थना से संबंधित था।
हरिहर सुभाषितम् संस्कृत साहित्य का प्रसिद्ध सुभाषित ग्रंथ है, जिसमें नैतिक शिक्षाओं और जीवन-मूल्यों का संग्रह है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर संस्कृत ग्रंथ 'हरिहर सुभाषितम्' का एक श्लोक साझा किया, जिसमें विद्या को मनुष्य के लोक-व्यवहार, ज्ञान, समृद्धि और मानसिक उल्लास का स्रोत बताया गया है। यह श्लोक ग्रंथ के बालविनयप्रकरणम् (द्वितीय खंड) का सातवाँ श्लोक है।

साझा किया गया श्लोक

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा — 'उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्। उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥' इस श्लोक का हिंदी में अर्थ है: 'विद्या मनुष्य को लोक-व्यवहार की समझ देती है, ज्ञान व समृद्धि प्रदान करती है, उसके मन को आह्लादित करती है तथा महत्व को बढ़ाती है। इसलिए विद्या सुशासन की सेवा के समान हृदय को प्रिय और जीवन को उन्नत बनाने वाली है।'

हरिहर सुभाषितम् क्या है

हरिहर सुभाषितम् संस्कृत साहित्य का एक सुप्रसिद्ध सुभाषित ग्रंथ है। इसमें सुंदर सूक्तियों, नैतिक शिक्षाओं और जीवन के गहरे मूल्यों का अनमोल संग्रह है। संस्कृत में 'सुभाषित' का अर्थ होता है — सुंदर या मधुर वचन, जो मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं।

पिछले दिनों के सुभाषित

इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री ने एक्स पर 'अणुभ्यश्च महद्भ्यश्च शास्त्रेभ्यः कुशलो नरः। सर्वतः सारमादद्यात् पुष्पेभ्य इव षट्पदः॥' श्लोक साझा किया था। इसका भाव है कि विवेकी व्यक्ति को छोटे-बड़े सभी शास्त्रों से उपयोगी सारतत्व ग्रहण करना चाहिए — ठीक वैसे जैसे भौंरा विभिन्न पुष्पों से केवल मधुरस का सार लेता है।

सोमवार को प्रधानमंत्री ने 'शं नो वातः पवतां शं नस्तपतु सूर्यः। शं नः कनिक्रदद् देवः पर्जन्योऽभिवर्षतु॥' श्लोक एक्स पर साझा किया था, जिसमें वायु, सूर्य और वर्षा के कल्याणकारी होने की प्रार्थना की गई है।

सुभाषित-श्रृंखला का महत्व

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार कई दिनों से एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा कर रहे हैं, जो भारत की शास्त्रीय ज्ञान-परंपरा को डिजिटल मंच पर पुनर्जीवित करने का प्रयास माना जा रहा है। यह श्रृंखला युवा पीढ़ी में संस्कृत साहित्य के प्रति रुचि जगाने की दिशा में एक सांस्कृतिक पहल के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 'सॉफ्ट पावर' की राजनीति से भी जुड़ा है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछते हैं कि क्या शास्त्रीय ज्ञान के इस सार्वजनिक प्रदर्शन के साथ-साथ शिक्षा और शोध में संस्कृत के लिए ठोस नीतिगत निवेश भी हो रहा है। विद्या को सुशासन-सेवा के समान बताने वाला यह श्लोक तब और अर्थपूर्ण होगा जब इसकी भावना नीति-निर्माण में भी प्रतिबिंबित हो।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 9 सितंबर को एक्स पर कौन-सा सुभाषित साझा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 9 सितंबर को एक्स पर 'हरिहर सुभाषितम्' के बालविनयप्रकरणम् का सातवाँ श्लोक — 'उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्। उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥' — साझा किया। इस श्लोक में विद्या को लोक-व्यवहार, ज्ञान, समृद्धि और सुशासन-सेवा का पर्याय बताया गया है।
हरिहर सुभाषितम् क्या है?
हरिहर सुभाषितम् संस्कृत साहित्य का एक प्रसिद्ध सुभाषित ग्रंथ है। इसमें सुंदर सूक्तियों, नैतिक शिक्षाओं और जीवन के गहरे मूल्यों का संग्रह है। संस्कृत में 'सुभाषित' का अर्थ है — सुंदर या मधुर वचन, जो मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं।
मोदी ने मंगलवार को कौन-सा सुभाषित साझा किया था?
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने 'अणुभ्यश्च महद्भ्यश्च शास्त्रेभ्यः कुशलो नरः। सर्वतः सारमादद्यात् पुष्पेभ्य इव षट्पदः॥' श्लोक साझा किया था। इसका भाव है कि विवेकी व्यक्ति को सभी शास्त्रों से उपयोगी सारतत्व ग्रहण करना चाहिए, जैसे भौंरा पुष्पों से केवल मधुरस लेता है।
सोमवार को एक्स पर साझा श्लोक का अर्थ क्या था?
सोमवार को प्रधानमंत्री ने 'शं नो वातः पवतां शं नस्तपतु सूर्यः। शं नः कनिक्रदद् देवः पर्जन्योऽभिवर्षतु॥' श्लोक साझा किया था। इसमें वायु के कल्याणकारी बहने, सूर्य के सुखदायक तपने और वरुणदेव के कल्याणकारी जल-वर्षा की प्रार्थना की गई है।
PM मोदी की यह सुभाषित-श्रृंखला क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रधानमंत्री मोदी लगातार कई दिनों से एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा कर रहे हैं, जो भारत की शास्त्रीय ज्ञान-परंपरा को डिजिटल मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है। यह श्रृंखला युवा पीढ़ी में संस्कृत साहित्य और भारतीय दर्शन के प्रति रुचि जगाने की दिशा में एक सांस्कृतिक पहल के रूप में देखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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