21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वेनेजुएला डील पर प्रमोद तिवारी का तंज: 'मोदी ने ट्रंप का पूरा गेम प्लान मान लिया'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वेनेजुएला डील पर प्रमोद तिवारी का तंज: 'मोदी ने ट्रंप का पूरा गेम प्लान मान लिया'

सारांश

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने वेनेजुएला ईंधन करार को ट्रंप के 'गेम प्लान' की स्वीकृति बताया — और सवाल उठाया कि कीमत, मुद्रा और आपूर्ति अभी तय नहीं। साथ ही NTA व्हाइट पेपर और 8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक पर भी विपक्ष की स्थिति स्पष्ट की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 5 जून को वेनेजुएला ईंधन डील पर कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप का 'पूरा गेम प्लान' स्वीकार कर लिया।
वेनेजुएला करार में तेल की कीमत, भुगतान मुद्रा (डॉलर या रुपया) और आपूर्ति समयसीमा अभी तय नहीं।
तिवारी ने दिग्विजय सिंह की NTA और नीट मुद्दे पर व्हाइट पेपर माँग का समर्थन किया।
8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक में DMK की भागीदारी पर अटकलों को तिवारी ने समय से पहले बताया।
तिवारी ने कहा — DMK और TMC डिलिमिटेशन पर BJP सरकार का साथ नहीं देंगे।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 5 जून को भारत-वेनेजुएला ईंधन समझौते पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 'पूरा गेम प्लान' स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह टिप्पणी वेनेजुएला के राष्ट्राध्यक्ष की नई दिल्ली यात्रा और उसके दौरान हुए ईंधन करार के संदर्भ में की।

वेनेजुएला डील पर सीधा निशाना

तिवारी ने कहा, 'वेनेजुएला की राष्ट्राध्यक्ष आई हुई हैं, जबकि वहाँ के निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष अमेरिका की कैद में हैं — ट्रंप की कैद में।' उन्होंने सवाल उठाया कि इस करार में तेल की कीमत, भुगतान मुद्रा — डॉलर या रुपया — और आपूर्ति की समयसीमा जैसे अहम बिंदु अभी तक तय नहीं हुए हैं।

तिवारी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ट्रंप जरूर खुश होंगे कि दोनों के बीच बैठक हुई और बड़ी अच्छी बैठक हुई। मुझे पूरा भरोसा है कि ट्रंप की खुशी इसी बात को लेकर होगी।'

ट्रंप की मोदी-प्रशंसा पर प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी को 'अच्छा मित्र' बताए जाने पर तिवारी ने कहा, 'बिल्कुल ठीक कहा है — उनका जो पूरा का पूरा गेम प्लान था, उसको पीएम मोदी ने स्वीकृति दे दी।' उनकी यह टिप्पणी विपक्ष की उस आलोचना का विस्तार है जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों में भारत की स्वायत्त कूटनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

एनटीए और नीट विवाद पर समर्थन

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्हाइट पेपर की माँग करते हुए पत्र लिखे जाने पर तिवारी ने पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा, 'इस विषय पर गठित समिति और उसके सदस्यों ने गंभीरता के साथ पूरे मामले का अध्ययन किया है।' उन्होंने सरकार से व्हाइट पेपर जारी करने की माँग का स्वागत किया।

इंडिया ब्लॉक बैठक और डिलिमिटेशन विवाद

8 जून को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के शामिल न होने की खबरों पर तिवारी ने कहा कि DMK को शुरू से ही डिलिमिटेशन के मुद्दे पर स्पष्ट आपत्ति रही है। उनके अनुसार पार्टी का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रस्तावों से दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं।

हालाँकि उन्होंने कहा, '8 जून आने दीजिए — उस दिन एजेंडा भी स्पष्ट हो जाएगा और यह भी पता चल जाएगा कि बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ। अभी से कयास लगाने की जरूरत नहीं।'

केंद्र सरकार द्वारा DMK और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों से अलग-अलग डिलिमिटेशन पर बातचीत की खबरों पर तिवारी ने कहा, 'चाहे TMC हो या DMK, मुझे नहीं लगता कि वे डिलिमिटेशन के मुद्दे पर सरकार का साथ देंगे।' उनके अनुसार दोनों दलों की यही विचारधारा रही है कि BJP डिलिमिटेशन के जरिए विपक्षी दलों और विशेष रूप से कुछ राज्यों की राजनीतिक ताकत को कमजोर करना चाहती है।

आगे क्या

8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक का एजेंडा और उपस्थिति विपक्षी एकता की दिशा तय करेगी, जबकि वेनेजुएला तेल समझौते के वित्तीय विवरण — मुद्रा, मूल्य और आपूर्ति समयसीमा — अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर एक ठोस कूटनीतिक सवाल है — क्या भारत एक ऐसे देश से तेल खरीद रहा है जिसके निर्वाचित नेता अमेरिकी दबाव में हैं, और यदि हाँ, तो इसकी शर्तें किसके हित में तय हो रही हैं? करार के वित्तीय विवरण — मुद्रा, मूल्य, समयसीमा — का सार्वजनिक न होना इस सवाल को और तीखा बनाता है। डिलिमिटेशन पर विपक्ष की एकजुटता की असली परीक्षा 8 जून को होगी, जहाँ DMK की अनुपस्थिति या उपस्थिति इंडिया ब्लॉक की आंतरिक दरारों की सच्ची तस्वीर पेश करेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमोद तिवारी ने वेनेजुएला डील पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि वेनेजुएला ईंधन करार के जरिए पीएम मोदी ने ट्रंप का 'पूरा गेम प्लान' स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि करार में तेल की कीमत, भुगतान मुद्रा और आपूर्ति समयसीमा अभी तय नहीं है।
8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक में DMK क्यों शामिल नहीं हो सकती?
प्रमोद तिवारी के अनुसार DMK को शुरू से ही डिलिमिटेशन मुद्दे पर स्पष्ट आपत्ति रही है और पार्टी का मानना है कि BJP के प्रस्तावों से दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं। हालाँकि तिवारी ने कहा कि 8 जून से पहले अटकलें लगाना उचित नहीं।
NTA और नीट पर व्हाइट पेपर की माँग क्यों उठ रही है?
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर NTA और नीट परीक्षा से जुड़े विवादों पर व्हाइट पेपर जारी करने की माँग की है। प्रमोद तिवारी ने इस माँग का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी की समिति ने गंभीरता से इन मुद्दों का अध्ययन किया है।
डिलिमिटेशन मुद्दे पर TMC और DMK का रुख क्या है?
प्रमोद तिवारी के अनुसार TMC और DMK दोनों की विचारधारा यही रही है कि BJP डिलिमिटेशन के जरिए विपक्षी दलों और कुछ राज्यों की राजनीतिक ताकत कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ये दल इस मुद्दे पर सरकार का साथ देंगे।
ट्रंप ने मोदी को 'अच्छा मित्र' क्यों बताया और विपक्ष ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'अच्छा मित्र' बताया। इस पर प्रमोद तिवारी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ट्रंप इसलिए खुश हैं क्योंकि मोदी ने उनका पूरा गेम प्लान स्वीकार कर लिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले