वेनेजुएला डील पर प्रमोद तिवारी का तंज: 'मोदी ने ट्रंप का पूरा गेम प्लान मान लिया'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 5 जून को भारत-वेनेजुएला ईंधन समझौते पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 'पूरा गेम प्लान' स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह टिप्पणी वेनेजुएला के राष्ट्राध्यक्ष की नई दिल्ली यात्रा और उसके दौरान हुए ईंधन करार के संदर्भ में की।
वेनेजुएला डील पर सीधा निशाना
तिवारी ने कहा, 'वेनेजुएला की राष्ट्राध्यक्ष आई हुई हैं, जबकि वहाँ के निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष अमेरिका की कैद में हैं — ट्रंप की कैद में।' उन्होंने सवाल उठाया कि इस करार में तेल की कीमत, भुगतान मुद्रा — डॉलर या रुपया — और आपूर्ति की समयसीमा जैसे अहम बिंदु अभी तक तय नहीं हुए हैं।
तिवारी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ट्रंप जरूर खुश होंगे कि दोनों के बीच बैठक हुई और बड़ी अच्छी बैठक हुई। मुझे पूरा भरोसा है कि ट्रंप की खुशी इसी बात को लेकर होगी।'
ट्रंप की मोदी-प्रशंसा पर प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी को 'अच्छा मित्र' बताए जाने पर तिवारी ने कहा, 'बिल्कुल ठीक कहा है — उनका जो पूरा का पूरा गेम प्लान था, उसको पीएम मोदी ने स्वीकृति दे दी।' उनकी यह टिप्पणी विपक्ष की उस आलोचना का विस्तार है जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों में भारत की स्वायत्त कूटनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
एनटीए और नीट विवाद पर समर्थन
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्हाइट पेपर की माँग करते हुए पत्र लिखे जाने पर तिवारी ने पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा, 'इस विषय पर गठित समिति और उसके सदस्यों ने गंभीरता के साथ पूरे मामले का अध्ययन किया है।' उन्होंने सरकार से व्हाइट पेपर जारी करने की माँग का स्वागत किया।
इंडिया ब्लॉक बैठक और डिलिमिटेशन विवाद
8 जून को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के शामिल न होने की खबरों पर तिवारी ने कहा कि DMK को शुरू से ही डिलिमिटेशन के मुद्दे पर स्पष्ट आपत्ति रही है। उनके अनुसार पार्टी का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रस्तावों से दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं।
हालाँकि उन्होंने कहा, '8 जून आने दीजिए — उस दिन एजेंडा भी स्पष्ट हो जाएगा और यह भी पता चल जाएगा कि बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ। अभी से कयास लगाने की जरूरत नहीं।'
केंद्र सरकार द्वारा DMK और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों से अलग-अलग डिलिमिटेशन पर बातचीत की खबरों पर तिवारी ने कहा, 'चाहे TMC हो या DMK, मुझे नहीं लगता कि वे डिलिमिटेशन के मुद्दे पर सरकार का साथ देंगे।' उनके अनुसार दोनों दलों की यही विचारधारा रही है कि BJP डिलिमिटेशन के जरिए विपक्षी दलों और विशेष रूप से कुछ राज्यों की राजनीतिक ताकत को कमजोर करना चाहती है।
आगे क्या
8 जून की इंडिया ब्लॉक बैठक का एजेंडा और उपस्थिति विपक्षी एकता की दिशा तय करेगी, जबकि वेनेजुएला तेल समझौते के वित्तीय विवरण — मुद्रा, मूल्य और आपूर्ति समयसीमा — अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।