प्रशांत किशोर की 2025 की भविष्यवाणी सच साबित, तमिलनाडु में TVK को बहुमत के रुझान
सारांश
मुख्य बातें
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मार्च 2025 में जो भविष्यवाणी की थी, वह 4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के रुझानों के बीच सच साबित होती दिख रही है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलनाडु विझिप्पु कझगम (TVK) को बहुमत के रुझान मिलते दिख रहे हैं — जो उस राज्य में किसी के लिए भी अकल्पनीय था, जहाँ दशकों से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) का वर्चस्व रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें आवश्यक हैं। मतगणना के रुझानों के अनुसार, TVK इस जादुई आँकड़े को छूती या पार करती दिख रही है। यह किसी नई पार्टी के लिए — और वह भी अपने पहले ही चुनाव में — एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है। गौरतलब है कि TVK ने यह चुनाव बिना किसी गठबंधन के, पूरी तरह अकेले अपने दम पर लड़ा।
प्रशांत किशोर की वायरल भविष्यवाणी
मार्च 2025 में थंथी टीवी को दिए एक साक्षात्कार में प्रशांत किशोर ने कहा था, ''विजय का संकल्प अकेले चुनाव लड़ने का है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई बदलाव आएगा। अगर वह अकेले चुनाव लड़ते हैं, तो तमिलनाडु में उनके जीतने की बहुत अच्छी संभावना है।'' उस साक्षात्कार में जब पत्रकार ने स्पष्ट किया कि 'जीत' का अर्थ 118 सीटें जीतना होगा, तो पीके ने दृढ़ता से कहा था, ''जी हाँ, बिल्कुल। इस वीडियो को संभाल कर रखें और तमिलनाडु में नतीजे आने पर इसे चलाएँ।''
अब वही वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है। पीके ने उस साक्षात्कार में यह भी कहा था, ''मेरी समझ, सुझाव और आँकड़े बताते हैं कि अगर वह अकेले चुनाव लड़ते हैं तो उनके जीतने की बहुत अच्छी संभावना है। मेरा मतलब सिर्फ सीटें जीतना नहीं है, मेरा मतलब तमिलनाडु जीतना है।''
तब किसी ने नहीं लिया था गंभीरता से
जब प्रशांत किशोर ने यह दावा किया था, तब राजनीतिक हलकों में इसे हल्के में लिया गया था। तर्क यह था कि एक ऐसी पार्टी जो अभी-अभी राजनीति में आई हो और जिसका नेतृत्व एक ऐसे अभिनेता के हाथ में हो, जिन्हें सरकार चलाने का कोई अनुभव नहीं, वह DMK और AIADMK जैसी स्थापित ताकतों को कैसे चुनौती दे सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति का वर्चस्व सात दशकों से अटूट रहा है।
विजय और पीके के संबंध
साक्षात्कार में प्रशांत किशोर ने विजय के साथ अपने संबंध को भी स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था, ''हम राजनीतिक सहयोगियों से कहीं अधिक मित्रवत रहे हैं। हमने पहली बार पाँच साल पहले एक-दूसरे से बात की थी। मैं उनका राजनीतिक सलाहकार नहीं हूँ। हमारे विचार मिलते-जुलते हैं।'' इससे यह स्पष्ट होता है कि पीके की भविष्यवाणी किसी व्यावसायिक हित से नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र विश्लेषण के आधार पर थी।
आगे क्या होगा
रुझान अंतिम परिणामों में बदलते हैं तो TVK के नेतृत्व में तमिलनाडु में नई सरकार का गठन होगा। यह न केवल थलपति विजय के लिए, बल्कि भारतीय राजनीति में सेलिब्रिटी-टू-पॉलिटिशियन की अवधारणा के लिए भी एक ऐतिहासिक मोड़ होगा। प्रशांत किशोर की यह भविष्यवाणी चुनावी विश्लेषण के इतिहास में एक मील का पत्थर बन सकती है।