शिवपुरी में स्वास्थ्य शिविर का दौरा: प्रियदर्शनी राजे सिंधिया का योगदान
सारांश
Key Takeaways
- स्वास्थ्य शिविर में निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
- एचपीवी टीकाकरण का महत्व बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने मरीजों से सीधी बातचीत की।
- स्वच्छता और सेवा की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
ग्वालियर, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में आयोजित एक महत्वपूर्ण निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का दौरा किया। इस शिविर में लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका भी प्रदान किया जा रहा था।
दौरे के दौरान, प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने स्वागत कक्ष में पंजीकरण प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया और आयोजकों व चिकित्सा कर्मचारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि हर मरीज को बिना किसी परेशानी के समय पर चिकित्सा सेवाएं मिलें।
उन्होंने चिकित्सा कर्मचारियों और मरीजों, विशेषकर महिलाओं, से बातचीत की और शिविर में उपलब्ध विभिन्न चिकित्सा सेवाओं के बारे में उनकी राय और जानकारी प्राप्त की।
शिवपुरी सिंधिया परिवार का एक प्रमुख क्षेत्र है और यह गुना लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया कर रहे हैं।
इस दौरान, प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने शिविर में अपनी सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया और उनके समर्पण की सराहना की।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर केवल आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान नहीं करते बल्कि समाज में सेवा और सहानुभूति की भावना को भी बढ़ाते हैं।
उन्होंने शिविर में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया, विशेष रूप से डॉक्टरों, कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिचारकों को दी जा रही भोजन की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।
उन्होंने स्वयं भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की पुष्टि की।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भी मरीजों को भोजन वितरित किया और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि वे दी जाने वाली सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न होने दें।
प्रियदर्शनी राजे सिंधिया ने स्वयंसेवकों से शिविर में स्वच्छता बनाए रखने का अनुरोध किया ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो।
उन्होंने बुधवार को ग्वालियर जिला अस्पताल में एचपीवी टीकाकरण सुविधा का उद्घाटन किया और मरीजों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को समझा, साथ ही युवतियों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता दोनों के लिए प्रभावी ढंग से आगे बढ़े।