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पंजाब के 180 ईटीटी शिक्षकों का चंडीगढ़ में प्रदर्शन, 2016 भर्ती विवाद पर मांगा समाधान

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पंजाब के 180 ईटीटी शिक्षकों का चंडीगढ़ में प्रदर्शन, 2016 भर्ती विवाद पर मांगा समाधान

सारांश

पंजाब के 180 ईटीटी शिक्षक 2016 की भर्ती में कथित गड़बड़ियों और बहाली के बाद भी अनसुलझे मुद्दों को लेकर चंडीगढ़ में सड़क पर उतरे। एक शिक्षिका की बात दिल को छू जाती है — 'हम पढ़े-लिखे टीचर हैं, प्रदर्शन करना अच्छा नहीं लगता।'

मुख्य बातें

पंजाब के लगभग 180 ईटीटी शिक्षकों ने 2 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर 39 स्थित सिसोदिया हाउस के बाहर प्रदर्शन किया।
विवाद की जड़ 2016 की ईटीटी भर्ती है, जिसमें कथित अनियमितताओं के चलते शिक्षकों को पहले बर्खास्त किया गया, फिर न्यायालय के आदेश पर बहाल किया गया।
बहाली के बाद भी सेवा शर्तों से जुड़े कई मुद्दे अनसुलझे हैं, जिसे लेकर शिक्षक लगातार सरकार से बैठक की माँग कर रहे हैं।
एक शिक्षिका ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई है और वे प्रदर्शन पर मजबूर हैं।
शिक्षकों ने सरकार से शीघ्र समाधान का आग्रह किया ताकि वे स्कूलों में लौट सकें।

पंजाब के एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ईटीटी) शिक्षकों ने 2 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर 39 स्थित सिसोदिया हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। लगभग 180 ईटीटी शिक्षक अपनी 2016 की भर्ती में कथित गड़बड़ियों और बहाली के बाद भी अधूरे रह गए रोज़गार संबंधी मुद्दों को लेकर सरकार से त्वरित समाधान की माँग कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि वे बार-बार बैठक का इंतज़ार कर रहे हैं, परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। सिसोदिया हाउस के बाहर एकत्रित इन शिक्षकों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी।

प्रदर्शन में शामिल एक शिक्षिका ने कहा, 'हम यहाँ सिर्फ यही आग्रह करने आए थे कि एक के बाद एक मीटिंग हो रही हैं, तो कृपया हमारे मुद्दे को हल कर दीजिए। आप भी शांति से रहें और हम भी शांति से रहें। हमें भी यहाँ आकर इस तरह प्रदर्शन करना अच्छा नहीं लगता। आखिर हम पढ़े-लिखे टीचर हैं, लेकिन कहीं न कहीं हमें इस मुकाम तक पहुँचने के लिए मजबूर किया गया है। सरकार से मेरा निवेदन है कि कृपया हमारे मुद्दे को हल कर दें ताकि हम अपने घर लौट सकें। अभी तक मीटिंग नहीं हुई है।'

2016 भर्ती विवाद की पृष्ठभूमि

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2016 में लगभग 180 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती की गई थी। बाद में चयन प्रक्रिया में कथित खामियों का हवाला देते हुए इन्हें बर्खास्त कर दिया गया।

गौरतलब है कि न्यायालय के आदेश के बाद इन शिक्षकों को पुनः बहाल किया गया। हालाँकि बहाली के बाद भी उनकी सेवा शर्तों से जुड़े कई मुद्दे अनसुलझे हैं, जिसे लेकर वे लगातार राज्य सरकार के समक्ष अपनी माँग रख रहे हैं।

शिक्षकों की माँग

इन शिक्षकों का स्पष्ट कहना है कि वे विरोध प्रदर्शन की जगह स्कूलों में पढ़ाना पसंद करते हैं। उनका आग्रह है कि सरकार शीघ्र बैठक बुलाकर उनकी लंबित समस्याओं का समाधान निकाले ताकि वे अपने घर और कक्षाओं में लौट सकें।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब के शिक्षा विभाग में कर्मचारियों से जुड़े कई विवाद लंबित हैं और राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बना हुआ है।

आगे की राह

शिक्षकों ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और बैठक की तारीख़ की घोषणा बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ न्यायिक हस्तक्षेप के बाद बहाली तो होती है, लेकिन सेवा शर्तों के अनसुलझे पहलू शिक्षकों को वर्षों तक धरने की राह पर धकेलते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि बहाली के बाद भी जब कर्मचारी सड़क पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकारी तंत्र की आंतरिक संवाद-प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। शिक्षकों का 'हम पढ़े-लिखे हैं, फिर भी मजबूर हैं' वाला बयान महज़ भावनात्मक नहीं — यह उस नीतिगत विफलता का दर्पण है जहाँ कोर्ट के आदेश को लागू करना पर्याप्त नहीं माना जाता।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब के ईटीटी शिक्षक किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं?
ये शिक्षक 2016 की ईटीटी भर्ती में कथित अनियमितताओं और बहाली के बाद भी अनसुलझे सेवा-शर्त संबंधी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सरकार से जल्द बैठक बुलाकर समाधान की माँग कर रहे हैं।
2016 ईटीटी भर्ती विवाद क्या है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2016 में लगभग 180 ईटीटी शिक्षकों की भर्ती हुई थी। चयन प्रक्रिया में कथित खामियों के आधार पर बाद में इन्हें बर्खास्त किया गया, फिर न्यायालय के आदेश पर बहाल किया गया, लेकिन सेवा संबंधी कई मुद्दे अभी भी लंबित हैं।
प्रदर्शन कहाँ और कब हुआ?
यह प्रदर्शन 2 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर 39 स्थित सिसोदिया हाउस के बाहर हुआ। लगभग 180 ईटीटी शिक्षकों ने इसमें भाग लिया।
शिक्षकों की मुख्य माँगें क्या हैं?
शिक्षकों की माँग है कि सरकार शीघ्र बैठक बुलाकर बहाली के बाद के अनसुलझे रोज़गार संबंधी मुद्दों का समाधान करे। वे चाहते हैं कि उनके मामले का निपटारा हो ताकि वे स्कूलों में वापस जाकर पढ़ा सकें।
सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अब तक पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिक्षकों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भी कोई बैठक नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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