झारखंड के अभ्यर्थियों ने जेटीईटी परीक्षा के लिए किया पैदल मार्च, सरकार को दी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
रांची, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी) के लंबे समय से न होने के कारण अभ्यर्थियों ने सोमवार को राज्य भर में जोरदार प्रदर्शन किया।
'जेटेट छात्र संघ' के नेतृत्व में विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों युवक-युवतियों ने पुराने विधानसभा मैदान से नए विधानसभा भवन तक पैदल मार्च निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य की स्थापना के 25 वर्षों के बाद भी सरकार नियमित रूप से पात्रता परीक्षा का आयोजन करने में असफल रही है, जिसका प्रत्यक्ष असर हजारों मेधावी युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
युवाओं ने कहा कि बीएड और डीएलएड की डिग्री प्राप्त करने के बाद वे पिछले 7 से 9 वर्षों से केवल परीक्षा के इंतजार में अपनी उम्र बिता रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और शिक्षा प्रणाली पटरी से उतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर योग्य युवाओं को शिक्षक बनने के अवसर से वंचित रखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र परीक्षा की तिथि घोषित नहीं करती, तो वे अनिश्चितकालीन धरना और घेराव जैसे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों का एक पांच सूत्री मांग पत्र भी सरकार के मंत्रियों तक पहुंचाया है जिसमें जेटेट का जल्द आयोजन, परीक्षा के तुरंत बाद लगभग 40,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करना और एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतिवर्ष नियमित परीक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
विधानसभा घेराव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।